
*सेवा संकल्प अभियान*
*दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने पत्नी के साथ बच्चों को भेंट किए खिलौने
*जनसहभागिता से बच्चों के खेल-आधारित सीखने और रचनात्मक विकास को मिलेगा बढ़ावा*
रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और खेल-आधारित सीखने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में खिलौना दान की अभिनव पहल शुरू की गई है। कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह ने अपनी पत्नी श्रीमती मीनल सिंह के साथ दीपक नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 पहुंचकर बच्चों को खिलौने भेंट कर इस पहल की शुरुआत की।
कलेक्टर श्री सिंह के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचने पर बच्चों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों से परिचय लिया और उन्हें टॉफी के साथ बड़े आकार के रिंग, सॉफ्ट ब्लॉक्स, स्टैकिंग एवं शेपिंग सहित विभिन्न सुरक्षित और उपयोगी खिलौने प्रदान किए। नए खिलौने पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और वे उत्साह के साथ खेलने लगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए तैयार खीर का स्वाद भी चखा तथा खिलौना बैंक और बच्चों के ड्रॉइंग बैग्स का अवलोकन किया। बच्चों ने आंगनबाड़ी की दीवारों पर बनाए गए अक्षर ज्ञान से संबंधित चित्रों को पढ़कर भी सुनाया। उन्होंने उपस्थित माताओं से सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेने का आग्रह किया। साथ ही समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से आंगनबाड़ी केंद्रों में सुरक्षित एवं उपयोगी खिलौने और खेल सामग्री दान कर इस पहल में सहभागी बनने की अपील की।
*बच्चों के सर्वांगीण विकास में जनभागीदारी पर जोर*
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ जनसमुदाय की सहभागिता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दुर्ग जिले में वर्तमान में 1550 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष आयु के बच्चों को पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी पर्याप्त खेल सामग्री और सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध हों, इसी उद्देश्य से नागरिकों को सुरक्षित खिलौने, खेल सामग्री एवं बच्चों के उपयोग की वस्तुएं दान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और देखभाल के केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने, खेलने और रचनात्मक विकास के अनुकूल स्थान के रूप में विकसित करने में सहायक होगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, केंद्र से जुड़ी माताएं और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।









