
*सपनों का ताना-बाना*
रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/सारंगढ़-बिलाईगढ जिले के सारंगढ़ नगर के प्रतापगंज वार्ड में जब हथकरघे की खट-खट गूंजती है, तो वह केवल पारंपरिक साड़ियों के ताने-बाने बुनने की आवाज नहीं होती, बल्कि एक मां के अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए देखे गए सपनों की धड़कन होती है। हथकरघे पर दिन-रात मेहनत कर साड़ियां तैयार करने वाली श्रीमती मीनू देवांगन की कहानी आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और संकल्प की मिसाल बन चुकी है। अपने पति के साथ परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने वाली मीनू के हुनर को जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महतारी वंदन योजना का आर्थिक संबल मिला, तो उनके बच्चों की पढ़ाई की राह में आने वाली तमाम रुकावटें दूर हो गईं।
*छोटी-सी बचत, बड़ा आधार- महतारी वंदन योजना बनी वरदान*
श्रीमती मीनू देवांगन बताती हैं कि हर महीने बैंक खाते में आने वाली 1,000 रुपये की राशि उनके लिए केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर कल की गारंटी है। वे इस राशि को फिजूलखर्च करने के बजाय सहेजकर रखती हैं और समय आने पर इसी पैसे से अपने बच्चों की स्कूल फीस भरती हैं। उन्होंने बताया, “हमारे लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा देना सबसे पहली प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित किस्त ने पढ़ाई के खर्च की चिंता दूर कर दी है। समय पर पैसा मिलने से बच्चों की फीस अटकती नहीं है। यह योजना हमारे जैसे परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय से आभार व्यक्त करते हुए मीनू कहती हैं कि राज्य सरकार की इस पहल ने उनके हाथों को सिर्फ हुनर ही नहीं दिया, बल्कि परिवार में उनके योगदान और स्वाभिमान को भी एक नई पहचान दी है।
*सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 1.80 लाख से अधिक महिलाओं को मिला संबल*
श्रीमती मीनू देवांगन की यह प्रेरणादायक कहानी छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना के व्यापक असर का एक जीवंत उदाहरण है। अकेले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की 1 लाख 80 हजार 547 महिलाएं इस योजना से सीधे लाभान्वित हो रही हैं। प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से जिले के हर घर में महिलाओं की छोटी-छोटी आर्थिक जरूरतें पूरी हो रही हैं, और वे शिक्षा, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार के क्षेत्र में सशक्त कदम बढ़ा रही है।
हथकरघे पर साड़ियों का ताना-बाना बुनने वाली मीनू देवांगन की मेहनत और महतारी वंदन योजना के आर्थिक सहयोग का यह अद्भुत संगम यह साबित करता है कि जब हुनर को सही सहारा मिलता है, तो आने वाली पीढ़ी की नींव मजबूत हो जाती है।









