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(अम्बिकापुर समाचार) पक्के आशियाने से संवर रही जिंदगी, अम्बिकापुर में 5,194 परिवारों के सपनों को मिला नया आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से जरूरतमंद परिवारों को मिल रही सुरक्षित छत, किराये और कच्चे मकानों की परेशानियों से राहत
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आवास संकल्प को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मिल रही नई गति
अम्बिकापुर में 7,046 आवास स्वीकृत, 5,194 आवासों का निर्माण पूर्ण, शेष आवासों के निर्माण की दिशा में कार्य जारी
मोर मकान मोर चिन्हारी में शत-प्रतिशत व्यवस्थापन, मोर मकान मोर आस के सभी 426 आवासों का आबंटन पूर्ण

अम्बिकापुर 10 अक्टूबर 2026/  हर परिवार का सपना होता है कि उसके सिर पर अपनी पक्की छत हो, जहां वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। आर्थिक अभाव के कारण वर्षों तक अधूरा रह जाने वाला यह सपना अब प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के माध्यम से साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी का सुखद परिणाम है कि नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र में हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशहाली की नई उम्मीद जगी है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना की यह उपलब्धि सुशासन, संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरक सेवा की कहानी बनकर सामने आई है।

नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के विभिन्न घटकों के अंतर्गत कुल 7,046 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 5,194 पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 1,448 आवास निर्माण एवं फिनिशिंग स्तर पर हैं। नवीन स्वीकृत डीपीआर के अंतर्गत 404 आवासों का निर्माण प्रारम्भ होना शेष है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्की छत का सहारा मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी जुड़ रही है।

मोर जमीन मोर मकान से साकार हुआ हजारों परिवारों का सपना
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के अंतर्गत संचालित श्मोर जमीन मोर मकानश् योजना जरूरतमंद परिवारों को बड राहत मिली है। अपनी जमीन होने के बावजूद आर्थिक कठिनाइयों के कारण पक्का मकान नहीं बना पाने वाले परिवारों को योजना से बड़ी राहत मिली है। नगर निगम अम्बिकापुर में इस घटक के अंतर्गत कुल 5,170 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,744 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 426 आवास प्रगतिरत हैं। इस प्रकार लगभग 92 प्रतिशत आवासों का निर्माण पूर्ण होना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

पक्के मकान बनने से परिवारों को कच्चे घरों की असुरक्षा और बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से राहत मिल रही है। अब अपने घर की पक्की छत के नीचे परिवार बेहतर जीवन की उम्मीदों को साकार कर पा रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 से और अधिक परिवारों तक पहुंचेगा पक्के घर का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के दूसरे चरण में भी पात्र परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। श्मोर जमीन मोर मकानश् घटक के अंतर्गत 1,383 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 44 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 935 आवासों का निर्माण प्रगति पर है। नवीन स्वीकृत डीपीआर के अंतर्गत शामिल 404 आवास वर्तमान में अप्रारम्भ हैं। योजना के दूसरे चरण में स्वीकृत आवासों के निर्माण से आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद परिवारों को पक्के आशियाने की सौगात मिलेगी।

मोर मकान मोर चिन्हारी में शत-प्रतिशत उपलब्धि, सभी 67 आवासों में व्यवस्थापन पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के एएचपी घटक श्मोर मकान मोर चिन्हारीश् के अंतर्गत नगर निगम अम्बिकापुर ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस घटक में स्वीकृत सभी 67 आवासों का निर्माण पूर्ण करने के साथ ही उनका शत-प्रतिशत आबंटन एवं व्यवस्थापन भी किया जा चुका है।

योजना के अंतर्गत आवास निर्माण से लेकर हितग्राहियों के व्यवस्थापन तक की प्रक्रिया पूर्ण होने से पात्र परिवारों को सुरक्षित आवासीय सुविधा मिली है। यह उपलब्धि जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

मोर मकान मोर आस में शत-प्रतिशत आबंटन, हितग्राही अंशदान के रूप में लगभग 6 करोड़ रुपए संग्रहित

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 के एएचपी घटक श्मोर मकान मोर आसश् के अंतर्गत भी जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। योजना के अंतर्गत कुल 426 आवास स्वीकृत हैं। इनमें से 339 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष 87 आवास फिनिशिंग स्तर पर हैं। विशेष उपलब्धि यह है कि सभी 426 आवासों का शत-प्रतिशत आबंटन किया जा चुका है। इनमें से 81 आवासों में व्यवस्थापन भी पूर्ण हो गया है। वहीं हितग्राही अंशदान के रूप में लगभग 6 करोड़ रुपए की राशि संग्रहित की गई है। शेष आवासों में फिनिशिंग कार्य जारी है।

पक्की छत के साथ मिल रहा सुरक्षा, सम्मान और खुशहाल भविष्य का भरोसा
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बरसात के दिनों में छत टपकने, दीवारों के क्षतिग्रस्त होने और घरेलू सामान की सुरक्षा जैसी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं किराये के मकानों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए हर महीने किराया चुकाना अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है।
ऐसे परिवारों के लिए स्वयं का पक्का मकान जीवन की बड़ी उपलब्धि है। पक्की छत मिलने से जहां परिवारों को सुरक्षित वातावरण मिलता है, वहीं बच्चों की शिक्षा और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। अपना घर होने का आत्मविश्वास परिवारों को सम्मान और स्थायित्व का एहसास कराता है।

सेवा संकल्प अभियान : जनकल्याण के संकल्प से खुशहाल जीवन की ओर बढ़ते कदम
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनहितैषी योजनाओं से आमजन के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव की कहानियां सामने आ रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और सुशासन के संकल्प को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से साकार किया जा रहा है। नगर पालिक निगम अम्बिकापुर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की उपलब्धियां इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रमाण हैं। योजना के प्रथम चरण में हजारों पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, वहीं दूसरे चरण में नए स्वीकृत आवासों का निर्माण प्रगति पर है। एएचपी घटकों के अंतर्गत आवास निर्माण के साथ ही आबंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया से जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अम्बिकापुर में 5,194 पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण होना महज आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की उम्मीदों और सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता है। कभी पक्के घर का सपना संजोने वाले परिवारों के लिए आज अपना आशियाना सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रहा है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत यह उपलब्धि दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने के साथ उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रख रही हैं।

 किसान परिवार के कृष्णा यादव की उच्च शिक्षा में मददगार बनी छात्रवृत्ति
बीएससी प्रथम सेमेस्टर में अध्ययनरत कृष्णा को किताबें, कॉपी खरीदने और आवागमन के खर्च में मिल रही सहायता
छात्रवृत्ति से शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मिली राहत, पढ़ाई जारी रखने के लिए बढ़ा उत्साह


अम्बिकापुर 10 अक्टूबर 2026/
 सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं विद्यार्थियों की शिक्षा में सहायक बन रही हैं। छात्रवृत्ति के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में राजीव गांधी पीजी कॉलेज में बीएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र कृष्णा यादव के लिए छात्रवृत्ति पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहारा बनी है।

कृष्णा यादव ने बताया कि उनके पिता कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में उनके अलावा एक भाई और एक बहन हैं। कृषि पर निर्भर परिवार में उच्च शिक्षा के दौरान किताबें, कॉपी और कॉलेज आने-जाने का खर्च पूरा करना जरूरी होता है। ऐसे में शासन से मिलने वाली छात्रवृत्ति उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।

छात्रवृत्ति से पढ़ाई के खर्च में मिल रही राहत
कृष्णा ने बताया कि छात्रवृत्ति मिलने से उन्हें किताबें एवं कॉपी खरीदने के साथ कॉलेज आने-जाने के खर्च में सहायता मिलती है। इससे पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा हो रही है। छात्रवृत्ति उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ शिक्षा जारी रखने का प्रोत्साहन भी बनी है।

कृष्णा यादव ने छात्रवृत्ति से मिल रही सहायता पर खुशी व्यक्त करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कृष्णा यादव की यह कहानी दर्शाती है कि छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं किसान परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान कर रही हैं और उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

 सेवा की कहानी: पीएमईजीपी से हर्षिता खत्री ने स्थापित किया फर्नीचर निर्माण उद्योग, 12 लोगों को मिल रहा रोजगार
25 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया श्री साईं इंडस्ट्रीज एंड प्रोडक्ट, पार्टिकल बोर्ड से तैयार हो रहे विभिन्न फर्नीचर उत्पाद
स्वरोजगार के साथ दूसरों के लिए भी खोले आजीविका के अवसर, उद्यमिता के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मिसाल बना खत्री परिवार

अम्बिकापुर 10 अक्टूबर 2026/  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के माध्यम से स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। शासन की इस योजना से आर्थिक सहायता प्राप्त कर युवा एवं उद्यमी स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। इसी कड़ी में अम्बिकापुर की श्रीमती हर्षिता खत्री ने 25 लाख रुपये के ऋण से फर्नीचर निर्माण उद्योग स्थापित किया है, जहां वर्तमान में 10 से 12 लोगों को रोजगार मिल रहा है।

25 लाख के ऋण से स्थापित किया फर्नीचर निर्माण उद्योग
श्री साईं इंडस्ट्रीज एंड प्रोडक्ट की प्रोपराइटर श्रीमती हर्षिता खत्री हैं। उनके पति श्री दिलीप खत्री उद्योग के संचालन एवं प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। श्री खत्री ने बताया कि स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए वे लंबे समय से प्रयासरत थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग कार्यालय से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ऋण मिलने की जानकारी प्राप्त हुई।

उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी मिलने के बाद पत्नी श्रीमती हर्षिता खत्री के नाम से ऋण के लिए आवेदन किया गया। योजना के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त होने पर श्री साईं इंडस्ट्रीज एंड प्रोडक्ट के नाम से फर्नीचर निर्माण इकाई स्थापित की गई।

पार्टिकल बोर्ड से विभिन्न फर्नीचर उत्पादों का हो रहा निर्माण
श्री दिलीप खत्री ने बताया कि उनकी इकाई में पार्टिकल बोर्ड से विभिन्न प्रकार के फर्नीचर तैयार किए जाते हैं। इनमें टेबल, ऑफिस टेबल, ड्रेसिंग टेबल, सोफा, पलंग और अलमारियों सहित अन्य फर्नीचर उत्पाद शामिल हैं। उद्योग के संचालन से परिवार को स्वरोजगार का साधन मिला है, वहीं स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों के लिए भी आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं।

10 से 12 लोगों को मिला रोजगार
श्री खत्री ने बताया कि वर्तमान में उनकी निर्माण इकाई में 10 से 12 कर्मचारी कार्यरत हैं। फर्नीचर निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यों के माध्यम से इन कर्मचारियों को नियमित रोजगार का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली आर्थिक सहायता के कारण ही वे उद्योग स्थापित कर सके। आज इस व्यवसाय से न केवल उनका परिवार जुड़ा है, बल्कि अन्य परिवारों की आजीविका को भी सहारा मिल रहा है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
श्री दिलीप खत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम उनके परिवार के लिए स्वरोजगार स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। योजना से मिले 25 लाख रुपये के ऋण ने व्यवसाय शुरू करने की राह आसान की। उन्होंने कहा कि आज अपनी निर्माण इकाई संचालित करने के साथ 10 से 12 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना उनके लिए संतोष की बात है।

उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत खत्री परिवार की यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासन की स्वरोजगार योजनाओं से उद्यमिता को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

 
 
सेवा संकल्प अभियान: सेवा मेरा योगदान
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित, 48 मरीज उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित
रायपुर के कालड़ा हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की मरीजों की स्वास्थ्य जांच, जरूरतमंदों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचार का लाभ
जन्मजात कटे-फटे होंठ, तालू, क्लब फुट एवं जलने से संबंधित समस्याओं से प्रभावित मरीजों का किया गया चिन्हांकन

अम्बिकापुर 10 अक्टूबर 2026/  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ’सेवा मेरा योगदान’ की भावना को साकार करते हुए स्वास्थ्य विभाग सरगुजा द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके/चिरायु) के तहत शनिवार को जिला मुख्यालय अम्बिकापुर स्थित 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्जरी हेतु चिन्हांकन शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एस. सरुता के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में रायपुर के कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए कुल 48 मरीजों को चिन्हांकित किया।
शिविर का आयोजन स्वास्थ्य विभाग जिला सरगुजा एवं कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से किया गया। इसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से चिरायु दलों द्वारा पूर्व में चिन्हांकित बच्चों एवं अन्य जरूरतमंद मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विकारों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों और मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ना है।

चार श्रेणियों में 48 मरीजों का चिन्हांकन
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जलने से संबंधित समस्याओं (बर्न) के 08, जन्मजात कटे-फटे होंठ (क्लेफ्ट लिप) के 18, कटे-फटे तालू (क्लेफ्ट पैलेट) के 12 तथा क्लब फुट के 10 मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए चिन्हांकित किया गया। इस प्रकार कुल 48 मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने की पहल की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत मरीजों की आवश्यक सर्जरी रायपुर स्थित कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल में कराए जाने के संबंध में सहमति प्राप्त की गई।

समय पर पहचान एवं उपचार से बच्चों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य का लाभ
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत जरूरतमंद परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान एवं उचित उपचार के लिए मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जन्मजात विकारों का समय पर उपचार उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में जन्मजात विकारों, बीमारियों एवं विकास संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान कर उपचार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर कार्यरत चिरायु दलों द्वारा बच्चों को चिन्हांकित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार का लाभ मिल सके।
सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरूरतमंद बच्चों एवं मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस शिविर में चिन्हांकित मरीजों को आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ उपचार एवं सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक पहल की गई है।
कालड़ा बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ. दीपक ठाकुर ने बताया कि जन्मजात कटे-फटे होंठ, कटे-फटे तालू, क्लब फुट तथा जलने से संबंधित समस्याओं का समय पर उपचार मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया।

शिविर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड स्तर से शिविर स्थल तक मरीजों एवं उनके परिजनों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके साथ ही शिविर स्थल पर मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था भी की गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हांकित मरीजों को आवश्यक उपचार एवं सर्जरी के लिए रायपुर स्थित कालड़ा हॉस्पिटल तक पहुंचाने हेतु भी परिवहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को उपचार प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अविनाश मेश्राम, संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, सिविल सर्जन डॉ. जे.के. रेलवानी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विमलचंद पैकरा, प्रोफेसर डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. अभिजीत दीवान, नोडल नर्सिंग डॉ. पी.के. सिन्हा, नोडल आरबीएसके डॉ. के.पी. विश्वकर्मा, डॉ. श्रीकांत चैहान, डॉ. दीपक गुप्ता, श्री कमल नारायण तथा कालड़ा हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर श्री जितेंद्र साहू सहित विशेषज्ञ चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं चिरायु दल के सदस्य उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों में जन्मजात विकारों, विभिन्न बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों एवं विकासात्मक समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने का कार्य किया जाता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस शिविर के माध्यम से 48 जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ उपचार एवं आवश्यक सर्जरी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

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