
*- पहले दिन 152 स्कूलों के 15 हजार 151 विद्यार्थी एवं 1270 शिक्षक ऑनलाइन कक्षा से जुड़े*
*- कलेक्टर ने ऑनलाईन क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों का किया मार्गदर्शन*
*- प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को विषय विशेषज्ञ और अधिकारी देंगे कैरियर संबंधी मार्गदर्शन*
राजनांदगांव 10 अक्टूबर 2026। जिले के स्कूली विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करने तथा जेईई एवं नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के उद्देश्य से ऑनलाइन कक्षाओं का शुभारंभ किया गया। पहले दिन जिले के 152 स्कूलों के 15 हजार 151 विद्यार्थी एवं 1270 शिक्षक ऑनलाइन कक्षा से जुड़े। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने स्वयं ऑनलाइन कक्षा लेकर विद्यार्थियों को कैरियर चयन, लक्ष्य निर्धारण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं भविष्य की संभावनाओं के संबंध में मार्गदर्शन दिया। ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सुबह 8 बजे से 9 बजे तक किया जाएगा, जिसमें कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि कक्षा 11वीं एवं 12वीं का समय भविष्य की दिशा तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इन दो वर्षों में लक्ष्य निर्धारित कर की गई मेहनत विद्यार्थियों को जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य आधारित अध्ययन, समय का सदुपयोग, नियमित अभ्यास एवं निरंतर परिश्रम का महत्व समझाया। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रूचि एवं क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन एवं आत्मविश्वास के साथ प्रयास करें। वर्तमान में की गई मेहनत आने वाले वर्षों में उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।
कलेक्टर ने पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम का बचपन आर्थिक कठिनाइयों के बीच बीता। उन्होंने समाचार पत्र वितरण का कार्य करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी और निरंतर अध्ययन से ज्ञान अर्जित किया। उनका सपना फाइटर पायलट बनने का था, लेकिन चयन नहीं होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी मेहनत, लगन एवं दृढ़ संकल्प से वे देश के महान वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बने। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढऩा चाहिए। दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने ऑनलाइन कक्षा में विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध कैरियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने, जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने तथा नई जानकारियां प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बघेल ने विद्यार्थियों को गणित, जीव विज्ञान, रक्षा सेवाओं, रेलवे, बैंकिंग, व्यवसाय एवं स्वरोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विषय चयन के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता एवं भविष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक परीक्षा का परिणाम जीवन की सफलता या असफलता का अंतिम निर्धारण नहीं करता। विद्यार्थियों के सामने आगे बढऩे के लिए असीमित संभावनाएं उपलब्ध हैं। आवश्यकता अपनी क्षमता पहचानकर सही दिशा में निरंतर परिश्रम करने की है।
उल्लेखनीय है कि जिले में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं बेहतर कैरियर चयन के लिए नियमित ऑनलाइन मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की पहल की गई है। इसके अंतर्गत प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को सुबह 8 बजे से 9 बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित होंगी। इन कक्षाओं में विषय विशेषज्ञ एवं विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय चयन, अध्ययन की रणनीति तथा कैरियर के विविध अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे









