
बेमेतरा के पिपरभट्ठा गांव में हर घर नल से महिलाओं को मिली बड़ी राहत, पानी लाने की भागदौड़ से मुक्ति और परिवार के लिए मिल रहा अधिक समय*
रायपुर, 11 अक्टूबर 2026/कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए घर से दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है। यह बदलाव बेमेतरा जिले के ग्राम पिपरभट्ठा की निवासी श्रीमती बसंती रजक के जीवन में जल जीवन मिशन के माध्यम से आया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं के लिए बड़ी राहत का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो रही है। बेमेतरा जिले के पिपरभट्ठा गांव की बसंती रजक की कहानी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।
ग्राम पिपरभट्ठा की निवासी श्रीमती बसंती रजक के लिए पहले परिवार की जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं था। सुबह उठते ही घर के कामकाज के साथ पानी लाने की चिंता शुरू हो जाती थी। छोटे बच्चे की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्हें पानी के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। गर्मी के दिनों में पानी की कमी और सर्दियों में ठंड के बीच पानी लाने की परेशानी और बढ़ जाती थी। पानी की व्यवस्था में उनका काफी समय और शारीरिक श्रम खर्च होता था।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पाइपलाइन बिछाकर घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए जाने से बसंती रजक की दिनचर्या बदल गई है। अब उन्हें पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। घर में ही नल से पानी उपलब्ध होने के कारण वे अपने छोटे बच्चे की देखभाल के साथ घरेलू कार्य भी आसानी से कर पा रही हैं। पहले पानी भरने में लगने वाला समय अब परिवार और अन्य जरूरी कामों के लिए उपयोग कर रही हैं।
बसंती रजक बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए घर से निकलना पड़ता था। छोटे बच्चे को छोड़कर जाना उनके लिए सबसे बड़ी परेशानी थी। कई बार पानी की व्यवस्था करने में काफी समय लग जाता था, जिससे घर के दूसरे काम प्रभावित होते थे। अब घर में नल लगने से उनकी यह चिंता दूर हो गई है। बच्चे को गोद में लेकर घर में ही पानी भर पाना उनके लिए बड़ी सुविधा बन गई है।
जल जीवन मिशन से केवल बसंती ही नहीं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी राहत मिली है। पहले महिलाओं की दिनचर्या का एक बड़ा हिस्सा पानी की व्यवस्था करने में बीत जाता था। कई परिवारों में बच्चों को भी पानी लाने में सहयोग करना पड़ता था। अब घरों तक नल से पानी पहुंचने से महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है। बच्चों को भी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता स्वास्थ्य और स्वच्छता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के माध्यम से घरों तक पेयजल पहुंचाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को जलजनित बीमारियों के जोखिम से बचाने और बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने में सहयोग करना है। घर में पानी की सुविधा होने से व्यक्तिगत स्वच्छता, घरेलू साफ-सफाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी आसान हो रहा है।
बेमेतरा जिले में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के लिए गांवों में पेयजल अधोसंरचना विकसित करने के साथ जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को पानी के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण तथा पेयजल सुविधाओं के समुचित रखरखाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों की सहभागिता से पेयजल व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
जल जीवन मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सुविधा के साथ आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का माध्यम भी बन रहा है। पानी की व्यवस्था में लगने वाले समय और श्रम की बचत से महिलाओं को परिवार, बच्चों की शिक्षा और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिक अवसर मिल रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
पिपरभट्ठा की बसंती रजक के चेहरे पर दिखाई देने वाला सुकून इस बदलाव की कहानी बयां करता है। कभी पानी की चिंता में गुजरने वाला उनका समय अब परिवार और बच्चे की देखभाल में बीत रहा है। घर में नल से पानी की सुविधा ने उनकी वर्षों पुरानी परेशानी कम कर दी है। बसंती की यह कहानी दर्शाती है कि जल जीवन मिशन केवल घरों तक पानी पहुंचाने की योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन को आसान बनाने, उनके श्रम को कम करने और परिवारों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है।









