Ro no D15139/23

शारदीय नवरात्रि पर धमतरी के तीन प्रमुख शक्तिस्थलों में उमड़ा आस्था का सैलाब

मां विंध्यवासिनी, मां अंगारमोती और छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कर रहे प्रार्थना

 

धमतरी, 11 अक्टूबर 2026। शक्ति की आराधना और भक्ति के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होते ही धमतरी जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बन गया है। जिला मुख्यालय स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर (बिलाई माता मंदिर), गंगरेल स्थित मां अंगारमोती मंदिर और कुरूद स्थित छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर में माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। भक्तजन माता के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।

 

धमतरी जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े ये तीनों शक्तिस्थल आस्था, लोकपरंपरा और जनविश्वास के विशिष्ट केंद्र हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना, ज्योति प्रज्वलन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण निर्मित होता है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

 

मां विंध्यवासिनी मंदिर : धमतरी की आराध्य देवी, सदियों से अटूट आस्था

 

धमतरी शहर के हृदयस्थल में स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर को बिलाई माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर जिले के प्राचीन और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल है। जनश्रुति के अनुसार, यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थी। मंदिर के नाम से जुड़ी लोककथा में बिल्लियों का उल्लेख मिलता है, जिसके कारण माता को बिलाई माता कहा जाने लगा। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 1825 में चंद्रभागा पंवार द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था।

 

मां विंध्यवासिनी को नगर की आराध्य देवी के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में मंदिर में ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं। इन दिनों मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त माता से परिवार की मंगलकामना, सुख-शांति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। मंदिर परिसर की ऐतिहासिक बावली भी इसकी प्राचीन धार्मिक परंपरा और विरासत से जुड़ी विशेष पहचान है।

 

मां अंगारमोती मंदिर, गंगरेल : 52 गांवों की आस्था का प्रमुख केंद्र

 

गंगरेल बांध के समीप प्राकृतिक परिवेश में स्थित मां अंगारमोती मंदिर धमतरी जिले के प्रसिद्ध शक्तिस्थलों में से एक है। स्थानीय जनश्रुतियों में माता को ऋषि अंगिरा की पुत्री तथा 52 गांवों की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। क्षेत्र के ग्रामीणों की माता के प्रति गहरी आस्था है। विवाह, नए कार्यों की शुरुआत और अन्य शुभ अवसरों पर भी श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद लेते हैं।

 

मंदिर का इतिहास गंगरेल बांध के निर्माण और डूबान क्षेत्र में आए गांवों की स्मृतियों से भी जुड़ा है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, बांध निर्माण के बाद पुराने मंदिर क्षेत्र के प्रभावित होने पर माता की स्थापना वर्तमान स्थल पर की गई। इस तरह मंदिर विस्थापित गांवों की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक बन गया।

 

मां अंगारमोती मंदिर में चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना एवं मनोकामना ज्योति प्रज्वलित करने की परंपरा है। दीपावली के बाद आयोजित होने वाली प्रसिद्ध देव मड़ई में भी 52 गांवों के देवी-देवताओं की सहभागिता की परंपरा निभाई जाती है। नवरात्रि के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु माता से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं।

 

छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर, कुरूद : मातृभूमि के प्रति सम्मान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक

 

कुरूद स्थित छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर प्रदेश की अस्मिता, मातृभूमि के प्रति सम्मान और छत्तीसगढ़ी संस्कृति के गौरव का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ महतारी को प्रदेश की धरती, लोकजीवन, कृषि परंपरा, प्रकृति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीकात्मक स्वरूप में सम्मान दिया जाता है। इस मंदिर में श्रद्धालु देवी के प्रति आस्था व्यक्त करने के साथ अपनी जन्मभूमि और प्रदेश की उन्नति, खुशहाली तथा समृद्धि की कामना करते हैं।

 

छत्तीसगढ़ महतारी की अवधारणा प्रदेश के लोगों को अपनी भाषा, लोकसंस्कृति, परंपराओं और माटी से जोड़ती है। नवरात्रि के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक गौरव की अनुभूति का केंद्र भी है।

मां शीतला माता मंदिर, नगरी : श्रद्धा और लोकआस्था का प्रमुख केंद्र

 

धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में स्थित मां शीतला माता मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर यहां भक्तजन माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु मां शीतला से परिवार की सुख-शांति, आरोग्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। लोकपरंपरा में मां शीतला को आरोग्य एवं जनकल्याण की देवी के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तिमय वातावरण रहता है और क्षेत्र के लोग पारंपरिक श्रद्धा के साथ माता की आराधना करते हैं।

नगरी क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में इस मंदिर का विशेष स्थान है। नवरात्रि जैसे पर्व स्थानीय समुदाय को आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन सजग

 

शारदीय नवरात्रि के दौरान तीनों प्रमुख शक्तिस्थलों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शनार्थियों की सुविधा, भीड़ का सुव्यवस्थित प्रबंधन, आवागमन और सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुविधाजनक ढंग से माता के दर्शन कर सकें।

 

नवरात्रि का यह पर्व धमतरी जिले की धार्मिक आस्था, लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को एक सूत्र में पिरोता है। मां विंध्यवासिनी की प्राचीन आराधना परंपरा, मां अंगारमोती से जुड़ी 52 गांवों की सामूहिक आस्था और छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति सम्मान—तीनों मिलकर जिले की विशिष्ट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाते हैं।

  • Related Posts

    छात्रावास की सुविधा से छात्र समर कोरवा की पढ़ाई हुई नियमित

    रहने और भोजन की व्यवस्था मिलने से पढ़ाई पर ध्यान देना हुआ आसान कोरबा 11 अक्टूबर 2026/ जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पहाड़ी कोरवा छात्र समर कोरवा के परिवार की…

    Read more

    सेवा की कहानी: मानिकप्रकाशपुर में सामुदायिक स्टैगर्ड ट्रेंच से जल एवं मृदा संरक्षण को बढ़ावा, ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर

    1.40 लाख रुपये की लागत से 800 गड्ढों का हुआ निर्माण, वर्षा जल संरक्षण के साथ भूमि कटाव रोकने की पहल कार्य में 425.96 मानव दिवस रोजगार का प्रावधान, स्थानीय…

    Read more

    NATIONAL

    नवरात्र के पहले दिन 68 आदिवासी परिवारों को मिला अपने घर का उपहार, अदाणी फाउंडेशन ने कराया गृह प्रवेश

    नवरात्र के पहले दिन 68 आदिवासी परिवारों को मिला अपने घर का उपहार, अदाणी फाउंडेशन ने कराया गृह प्रवेश

    भाजपा महिला मोर्चा का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमोल अकोइजम पर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर राजीव भवन का किया घेराव

    भाजपा महिला मोर्चा का राजधानी में जोरदार प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद डॉ. बिमोल अकोइजम पर यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर राजीव भवन का किया घेराव

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    CJP Protest: भारत में आंदोलन के बिना पद क्यों नहीं छोड़ते आरोपी मंत्री-अधिकारी, ब्रिटेन में 5 साल में 4 प्रधानमंत्रियों ने छोड़ी कुर्सी

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी