
विगत तीन वर्षों में रोजगारपरक प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल को मिली गति
इलेक्ट्रिकल, हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी एवं प्लंबिंग ट्रेड के प्रशिक्षित युवाओं का विभिन्न कंपनियों में चयन; हैदराबाद, पुणे, रायपुर और रायगढ़ में
धमतरी, 11 अक्टूबर 2026/ लोक सवा संकल्प अभियान अंतर्गत बतादें कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना और आत्मनिर्भरता की राह प्रशस्त करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की पहल सकारात्मक परिणाम दे रही है। पिछले पौने तीन वर्षों में कौशल प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयासों को गति मिली है। इसी क्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के कुरूद क्लस्टर के अंतर्गत इलेक्ट्रिकल, हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी एवं प्लंबिंग ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का विभिन्न कंपनियों में चयन हुआ है। शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र (ऑफर लेटर) प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
चार शहरों में मिला रोजगार का अवसर
प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का चयन हैदराबाद, पुणे, रायपुर और रायगढ़ स्थित कंपनियों में हुआ है। चयनित युवाओं को 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा। यह उपलब्धि दर्शाती है कि व्यावहारिक और रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से युवा अपनी दक्षता विकसित कर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने का अवसर भी मिलेगा।
अनुभव और हुनर से संवारें भविष्य : कलेक्टर
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने चयनित युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रोजगार का यह अवसर उनके जीवन में आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को पहचानने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। युवाओं को घर से बाहर निकलकर व्यापक दुनिया को देखने, नई चीजें सीखने तथा कार्यक्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआत में नए परिवेश और कार्य संस्कृति के अनुरूप स्वयं को ढालने में समय लग सकता है, लेकिन मेहनत, अनुशासन, लगन और सीखने की निरंतर इच्छा से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
कलेक्टर ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अपने कार्य के प्रति समर्पित रहें, अपने कौशल को लगातार निखारें और प्राप्त अनुभव का सदुपयोग करें। भविष्य में अपने गांव और जिले में लौटकर स्वरोजगार अथवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास करें, ताकि उनके अनुभव का लाभ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में मिल सके।
कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप कार्यक्षेत्र उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षण के साथ कंपनियों में चयन की प्रक्रिया युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और उन्हें रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करती है। इससे जिले में कौशल विकास, आर्थिक सशक्तीकरण और उद्यमिता की संभावनाओं को भी बल मिलता है।
कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से श्री विद्यासागर चौहान, श्री संजय कुम्भकार, श्री हरेश साहू, श्री हेमराज साहू, श्री मुरारी एवं सुश्री रितिका उपस्थित रहे।
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