
रायपुर, 12 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज ग्राम पंचायत धनौली स्थित खुदरी जलाशय में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभागीय अमले और ग्रामीणों ने सहभागिता निभाते हुए जल स्रोतों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान खुदरी जलाशय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को जलाशयों, तालाबों, नदियों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई तथा उनके संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। इस अवसर पर जल जन चौपाल, ग्रामीण पेयजल स्रोतों की जांच एवं ग्राम जल सुरक्षा संवाद जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग, जलजनित बीमारियों से बचाव तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से सुरक्षित रखने के संबंध में जागरूक किया गया।
**जल की हर बूंद अनमोल, संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी**
जल जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि जल जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक है। जल का अनावश्यक अपव्यय रोकने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जलाशयों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के आसपास कचरा नहीं फैलाने, गंदगी एवं प्रदूषण से बचाने तथा नियमित स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
ग्राम जल सुरक्षा संवाद के माध्यम से ग्रामीणों को जल स्रोतों के संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता की अहम भूमिका से अवगत कराया गया। बताया गया कि जल संरक्षण केवल शासकीय विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। गांव के जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। जल संरक्षण और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर ही भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकते हैं।
**जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने ग्रामीणों ने लिया सामूहिक संकल्प**
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने खुदरी जलाशय सहित गांव के सभी प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता, सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने जल के अपव्यय को रोकने, जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने तथा स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प दोहराया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों में सामूहिक जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामवासियों की सहभागिता रही।









