
वीबी-जी रामजी योजना से जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
धमतरी, 12 अक्टूबर 2026। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने, वर्षा जल के समुचित प्रबंधन और प्राकृतिक जल स्रोतों की जलधारण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाला सफाई एवं गहरीकरण के 25 कार्यों के लिए कुल 161.66 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत स्वीकृत इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने में भी मदद मिलेगी।
जल संचयन क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
ग्रामीण क्षेत्रों में नालों में मिट्टी, गाद और अन्य अवरोध जमा होने से जल प्रवाह प्रभावित होता है। नाला सफाई एवं गहरीकरण के माध्यम से इन अवरोधों को दूर कर जल प्रवाह को सुचारु बनाने और वर्षा जल के बेहतर संचयन में सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संसाधनों का उपयोग बेहतर हो सकेगा। साथ ही, भूजल संवर्धन, कृषि गतिविधियों और आसपास के प्राकृतिक संसाधनों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
इन कार्यों से वर्षा जल के प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। नालों की जलधारण क्षमता में सुधार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। यह पहल भविष्य में पानी की उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
ग्रामीण श्रमिकों को मिलेगा रोजगार, आजीविका को मिलेगा संबल
वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों से ग्रामीण श्रमिकों को गांव के आसपास रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका को संबल मिलने के साथ ही गांवों में उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा। जल संरक्षण और रोजगार सृजन को एक साथ बढ़ावा देने वाली यह पहल ग्रामीण विकास को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर रहेगा जोर
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत नाला सफाई एवं गहरीकरण के 25 कार्यों के लिए जिला पंचायत कार्यालय द्वारा कुल 161.66 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना, प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन करना तथा ग्रामीण आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का क्रियान्वयन शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाएगा। इन कार्यों से जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।









