
धमतरी, 12 अक्टूबर 2026। वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय, चाईबासा (झारखंड) से प्रशिक्षण हेतु आए 80 प्रशिक्षु वनरक्षियों के दल ने आज धमतरी वनमंडल के दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र अंतर्गत पम्पपार नाला में भू-जल संरक्षण के अंतर्गत निर्मित विभिन्न संरचनाओं का भ्रमण कर उनके तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्रशिक्षु वनरक्षियों को संरचनाओं की निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी विशेषताओं, निर्माण लागत, उपयोगिता एवं रख-रखाव के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तथा भू-जल संवर्धन में इन संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल के संचयन, भू-जल स्तर में सुधार, मृदा संरक्षण तथा वन क्षेत्रों की पारिस्थितिकी को सुदृढ़ बनाने के संबंध में जानकारी साझा की। प्रशिक्षु वनरक्षियों ने इन संरचनाओं का अवलोकन कर उनके निर्माण एवं प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझा तथा धमतरी वनमंडल द्वारा किए जा रहे भू-जल संरक्षण कार्यों की सराहना की।
इसके पश्चात प्रशिक्षणार्थियों के दल ने वन धन विकास केंद्र (VDVK), दुगली का शैक्षणिक भ्रमण किया। यहां केंद्र के अंतर्गत संचालित लघु वनोपज के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, उत्पाद निर्माण एवं अन्य गतिविधियों का अवलोकन कराया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को लघु वनोपज प्रबंधन, वन संरक्षण एवं संवर्धन, स्थानीय संसाधनों के सतत उपयोग तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आजीविका संवर्धन के संबंध में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर वन धन विकास केंद्र के समूह सदस्यों एवं हितग्राहियों से चर्चा कर केंद्र की प्रगति, उपलब्धियों, संचालित गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने केंद्र में निर्मित विभिन्न उत्पादों एवं प्रसंस्करण संबंधी कार्यों को देखा और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन से रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने की संभावनाओं को समझा।
कार्यक्रम में श्री बी.के. लकड़ा, संलग्नाधिकारी, धमतरी; श्री संजय रौतिया, उप वनमंडलाधिकारी, नगरी एवं प्रभारी बिरगुड़ी उपवनमंडल; श्री सूर्यप्रकाश ध्रुव, उप प्रबंध संचालक, जिला यूनियन धमतरी; श्री ओंकार साहू, एनआरएम इंजीनियर; दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी, समस्त परिक्षेत्रीय स्टाफ, उड़नदस्ता दल, धमतरी तथा वन धन विकास केंद्र दुगली के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह शैक्षणिक भ्रमण प्रशिक्षु वनरक्षियों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा। इसके माध्यम से उन्हें भू-जल संरक्षण संरचनाओं के तकनीकी एवं व्यावहारिक पक्षों के साथ-साथ लघु वनोपज के प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा सामुदायिक सहभागिता आधारित आजीविका गतिविधियों को समझने का अवसर मिला। प्राप्त अनुभव उनके भावी कार्यक्षेत्र में वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।









