Ro no D15139/23

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से 15 घंटे में नयी दिल्ली से हावड़ा, जानें संभावित रूट, टाइमिंग और किराया

Vande Bharat Sleeper Train: भारतीय रेलवे (Indian Railways) लंबी दूरी के रेल यात्रियों को तोहफा देने की तैयारी में है. देश की सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नयी दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग (1,449 किमी) पर जल्द ही सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper) ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है. रेलवे बोर्ड की हाल में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में इस बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी के संकेत मिले हैं. इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली से कोलकाता (हावड़ा) की यात्रा का समय राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में 2 घंटे कम हो जायेगा.

राजधानी से भी तेज चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

प्रस्तावित समय सारिणी के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शेड्यूल बेहद सुविधाजनक और समय बचाने वाला होगा.

  • यह ट्रेन शाम को 5:00 बजे के आसपास नयी दिल्ली से रवाना होगी और अगली सुबह 8:00 बजे हावड़ा पहुंचेगी. यानी लगभग 15 घंटे में ट्रेन 1,449 किलोमीटर की दूरी तय कर लेगी.
  • वर्तमान में हावड़ा-नयी दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को इस दूरी को तय करने में 17 घंटे 15 मिनट का समय लगता है. वंदे भारत स्लीपर से यात्रा करने पर लोगों के 2 घंटे बचेंगे.
  • इन 8 प्रमुख स्टेशनों पर रुक सकती है ट्रेन

    उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने वाली यह ट्रेन पूर्वी भारत के कई प्रमुख शहरों को सीधे जोड़ेगी. जानें किन स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्टॉपेज हो सकता है.

    1. कानपुर सेंट्रल (Kanpur Central)
    2. प्रयागराज जंक्शन (Prayagraj Junction)
    3. पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU)
    4. गया (Gaya)
    5. कोडरमा (Koderma)
    6. पारसनाथ (Parasnath)
    7. धनबाद (Dhanbad)
    8. आसनसोल (Asansol)
    9. 16 AC कोच, ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली और विश्वस्तरीय सुविधाएं

      वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विशेष रूप से रात की लंबी यात्राओं को आरामदायक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है.

      • कुल 16 एसी कोच होंगे. इनमें 11 एसी थ्री-टायर (3-Tier), 4 एसी टू-टायर (2-Tier) और 1 फर्स्ट एसी (1st AC) शामिल होंगे.
      • ट्रेन में स्वदेशी दुर्घटना-रोधी ‘कवच’ (Kavach) तकनीक, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर्स, सीसीटीवी कैमरे, मॉडर्न फायर फाइटिंग सिस्टम और हर बर्थ पर चार्जिंग व इमरजेंसी टॉक-बैक बटन उपलब्ध होंगे.
      • संभावित किराया|Expected Fare

        रेलवे बोर्ड ने अभी आधिकारिक रूप से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराये की घोषणा नहीं की है, लेकिन अनुमान है कि हावड़ा से नयी दिल्ली के बीच का किराया 3000 रुपए से 5100 रुपए के बीच हो सकता है. जानें किस श्रेणी के टिकट का कितना करना पड़ सकता है भुगतान.

        • 3rd AC: करीब 3,000 रुपए
        • 2nd AC: करीब 4,000 रुपए
        • 1st AC: करीब 5,100 रुपए
        • हावड़ा-कामाख्या केबीच दौड़ रही वंदे भारत स्लीपर

          रेलवे ने पहले ही हावड़ा-कामाख्या रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है. अब दिल्ली-हावड़ा रूट पर इस प्रीमियम सर्विस के शुरू होने से पूर्व भारत के रेल यात्रियों को रफ्तार और लग्जरी का अद्भुत संगम मिलेगा.

  • Related Posts

    25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें पूजा मुहूर्त, खीर रखने का समय और महत्व

    Sharad Purnima 2026:   हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है. शारदीय नवरात्र के बाद आने वाली इस पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. इसे रास पूर्णिमा…

    Read more

    सालों से इस्तेमाल कर रहे हैं एक ही हेलमेट? जानें कब बदलना है जरूरी

    Helmet Lifespan: बाइक या स्कूटी चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है. लेकिन कई लोग एक ही हेलमेट को सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं. उन्हें लगता है कि जब तक हेलमेट…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?