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तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों के जीवन में भरे खुशियों के सुर कलेक्टर ने किया वादा और दो सप्ताह में पूरा किया अपना संकल्प

 

कोरबा, 22 अक्टूबर 2026/किसी के जीवन में खुशियां लाने के लिए हमेशा बड़ी मदद की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी किसी की छोटी-सी जरूरत को समझना, उसकी इच्छा को सम्मान देना और समय पर उसे पूरा कर देना ही उसके लिए बहुत बड़ी खुशी बन जाता है। ग्राम तेलसरा में कलेक्टर और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एवं रचनात्मक पहल की ऐसी ही सुंदर तस्वीर सामने आई, जहां एक ही परिवार के तीन दृष्टिबाधित भाई-बहनों के हाथों में उनके पसंदीदा वाद्य यंत्र पहुंचे।
विगत दिनों कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ग्राम तेलसरा के ग्राम पंचायत भवन में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न जरूरतों और समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराया।
इसी दौरान एक ही परिवार के तीन दृष्टिबाधित दिव्यांगजन श्री संतोष दास सारथी, उनकी बहन श्रीमती फुलेश्वरी सारथी एवं श्रीमती राखी सारथी ने वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया। संगीत उनके लिए केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का जरिया भी है।
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने उनकी बात को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उनकी रुचि और जरूरत को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने शीघ्र वाद्य यंत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। चौपाल में कही गई यह बात महज आश्वासन बनकर नहीं रह गई। लगभग दो सप्ताह के भीतर ही जिला प्रशासन ने संवेदनशील पहल करते हुए अपना संकल्प पूरा किया और आवश्यक वाद्य सामग्री तीनों दिव्यांगजनों तक पहुंचाई।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ग्राम तेलसरा पहुंचे और श्री संतोष दास सारथी, श्रीमती फुलेश्वरी सारथी एवं श्रीमती राखी सारथी को हारमोनियम, बांसुरी, झांझ, मंजीरा और ढोलक सहित आवश्यक वाद्य यंत्र तथा छड़ी प्रदान की।
वाद्य यंत्र मिलने पर परिवार के सदस्यों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। उनके लिए यह केवल कुछ सामग्री मिलने का अवसर नहीं था, बल्कि अपनी कला और हुनर को आगे बढ़ाने का नया अवसर था। चौपाल में कलेक्टर के सामने रखी गई उनकी इच्छा कुछ ही दिनों में पूरी हो गई।
परिवार के सदस्यों ने खुशी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और जिस विश्वास के साथ उन्होंने अपनी जरूरत बताई थी, उसे पूरा होते देख उन्हें बहुत खुशी हुई।
जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं और सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उनकी जरूरतों और रुचियों को समझकर संवेदनशील एवं रचनात्मक पहल के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना भी है।
तीनों दृष्टिबाधित भाई-बहनों को मिले वाद्य यंत्र उनके हाथों में केवल संगीत के साधन नहीं, बल्कि नई उम्मीद, आत्मविश्वास और खुशियों के सुर हैं। चौपाल में सुनी गई एक जरूरत को गंभीरता से लेकर उसे पूरा करना बताता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ता है, तो किसी के जीवन में बदलाव की मधुर धुन सुनाई देने लगती है।
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