
विशेष पिछड़ी जनजाति के समग्र विकास पर जोर,
धमतरी, 22 अक्टूबर 2026। विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी आजीविका के साधनों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने आज नगरी विकासखंड के ग्राम डुगली पहुंचकर एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन 11 इकाइयों वाले व्यावसायिक परिसर का निरीक्षण किया। यह परिसर विशेष रूप से कमार जनजाति के लोगों को व्यवसाय और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, मजबूती और उपयोगिता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि परिसर लंबे समय तक लाभकारी सिद्ध हो और हितग्राहियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
स्थानीय स्तर पर आजीविका को मिलेगा संबल
11 इकाइयों वाला यह व्यावसायिक परिसर तैयार होने से कमार जनजाति के परिवारों को दुकान एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी, परिवारों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिलेगा। कमार जनजाति छत्तीसगढ़ की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल है। इनके समग्र विकास के लिए आवास, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों का विस्तार महत्वपूर्ण है।
पीएम जनमन से आवास और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
कमार जनजाति के परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में ग्राम मनसाड़ में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत आवास कॉलोनी भी विकसित की गई है। ऐसे प्रयासों से विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों को सुरक्षित आवास और बेहतर जीवन परिस्थितियां उपलब्ध कराने के साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग मजबूत होता है।
जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए आवास के साथ आजीविका, आधारभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। व्यावसायिक परिसर जैसे कार्य इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हितग्राहियों को केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों का समग्र विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। हमारा प्रयास है कि कमार जनजाति के परिवारों को आवास एवं मूलभूत सुविधाओं के साथ आजीविका और स्वरोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हों। ग्राम डुगली में निर्माणाधीन व्यावसायिक परिसर का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं विकसित करना और परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं तथा योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा, आदिम जाति विकास विभाग के सहायक संचालक श्री विमल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।









