Ro no D15139/23

जीराफूल चावल से समृद्धि की नई राह, चांगरो के किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

रायपुर, 24 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कृषि पहचान को सहेजने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बलरामपुर जिले के ग्राम चांगरो में जीराफूल चावल की जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन ने गांव पहुंचकर किसानों तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने जीराफूल की खेती को संगठित रूप देने, इसकी ब्रांडिंग करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने का भरोसा दिलाया।

 

ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर किसानों के अनुभव सुने और पारंपरिक खेती को सहेजने के उनके प्रयासों की सराहना की। किसानों को रासायनिक खाद से दूरी बनाकर जैविक पद्धति अपनाने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा कि चांगरो का जीराफूल चावल क्षेत्र की अनमोल पहचान है। इसकी सुगंध और गुणवत्ता को जिले से आगे राज्य और देशभर में पहुंचाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

 

जीराफूल पारंपरिक, सुगंधित और छोटे दाने वाली धान की किस्म है। इसके पतले दाने जीरे जैसे दिखते हैं, इसलिए इसका नाम जीराफूल पड़ा। मार्च 2019 में इसे जीआई टैग मिला। प्राकृतिक मिठास और मनमोहक सुगंध के लिए प्रसिद्ध यह चावल हल्का और सुपाच्य भी है। बाजार में इसकी कीमत लगभग 100 से 120 रुपये प्रति किलो तक है।

 

जिला प्रशासन ने बताया कि जीराफूल की बेहतर मार्केटिंग और उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए किसानों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई जाएगी। शंकरगढ़ क्षेत्र के लगभग 30 गांवों में इसकी खेती हो रही है। उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करने के साथ चांगरो के जीराफूल चावल की प्रभावी ब्रांडिंग पर भी काम किया जाएगा। किसानों और इस कार्य से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

 

चांगरो में जीराफूल की खेती से 10 स्व-सहायता समूह जुड़े हैं। प्रत्येक समूह में 12 से 15 महिलाएं कार्यरत हैं। समूहों को शंकरगढ़ स्थित आत्मनिर्भर बलरामपुर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जोड़ने की पहल की जाएगी, जिससे किसानों को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री और सेवाएं मिल सकें। स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और बाजार सुविधा बढ़ाने के लिए राइस मिल तथा पारंपरिक लकड़ी की ढेंकी के आधुनिक स्वरूप इलेक्ट्रिक ढेंकी की स्थापना पर भी चर्चा की गई।

 

जीराफूल की जैविक खेती, संगठित विपणन और ब्रांडिंग से चांगरो के किसानों की पारंपरिक मेहनत को व्यापक पहचान मिलने के साथ उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार होंगे। वहीं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पादन और प्रसंस्करण से जोड़कर स्थानीय आजीविका को भी मजबूती मिलेगी।

  • Related Posts

    आईटीआई मेघा और सद्भाव रिन्यूएबल्स लिमिटेड के बीच कौशल प्रशिक्षण के लिए एमओयू

    इलेक्ट्रिशियन एवं सोलर टेक्नीशियन ट्रेड के 60 प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा 150-150 घंटे का औद्योगिक प्रशिक्षण   व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में…

    Read more

    जनजातीय कला, संस्कृति और हुनर को मिलेगा नया बाजार, कारीगरों की आर्थिक समृद्धि का सशक्त माध्यम बनेगा ‘आदि बाजार 2026’ : मंत्री रामविचार नेताम

    *जनजातीय कार्य मंत्री श्री नेताम ने रायपुर के टाउन हॉल में किया ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ*   *जनजातीय कारीगरों के उत्पादों को मिलेगा उचित मूल्य, देशभर की पारंपरिक कला…

    Read more

    NATIONAL

    काश हर अफसर ऐसा हो ये तरीका जनता के लिये हितकारी बहुत साल पहले दुर्गा काॅलेज के प्रिंसिपल हुआ करते थे…. रणवीर सिंह शास्त्री।

    काश हर अफसर ऐसा हो ये तरीका जनता के लिये हितकारी बहुत साल पहले दुर्गा काॅलेज के प्रिंसिपल हुआ करते थे…. रणवीर सिंह शास्त्री।

    पेट्रोल और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन, इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल जनरेटर एक साथ, चीन की कंपनी Chery उतारेगी हाई-टेक टू-व्हीलर

    पेट्रोल और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन, इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल जनरेटर एक साथ, चीन की कंपनी Chery उतारेगी हाई-टेक टू-व्हीलर

    12 साल में तीन गुना बढ़ा भारत का रक्षा बजट, फिर चीन से मुकाबला क्यों मुश्किल? ITBP चीफ के बयान से उठे सवाल

    12 साल में तीन गुना बढ़ा भारत का रक्षा बजट, फिर चीन से मुकाबला क्यों मुश्किल? ITBP चीफ के बयान से उठे सवाल

    बिहार-बंगाल सहित इन राज्यों के 22 शहर में पेट्रोल-डीजल निकालने वाले तेल रिफाइनरी प्लांट, अमेरिका को जामनगर ही क्यों भाया?

    बिहार-बंगाल सहित इन राज्यों के 22 शहर में पेट्रोल-डीजल निकालने वाले तेल रिफाइनरी प्लांट, अमेरिका को जामनगर ही क्यों भाया?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील