
धमतरी, 06 नवंबर 2026/ निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र आश्रितों को रोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके पात्र आश्रितों को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET), रायपुर के माध्यम से जिले के 7 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए असिस्टेंट मशीन ऑपरेटर (प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग, एक्सट्रूजन एवं इंजेक्शन मोल्डिंग) ट्रेड में 480 घंटे यानी 80 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के लिए निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदनकर्ता की आयु प्रशिक्षण प्रारंभ होने की तिथि पर 18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के तहत 10वीं उत्तीर्ण अथवा 9वीं उत्तीर्ण के साथ संबंधित कार्य में 1.5 वर्ष का अनुभव (एनटीसी/एनएसी) अथवा 8 वीं उत्तीर्ण के साथ संबंधित कार्य में 3 वर्ष का अनुभव (एनटीसी/एनएसी) होना आवश्यक है। प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों के लिए CIPET रायपुर में छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला श्रम पदाधिकारी एन.के. साहू ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने अथवा पात्र आश्रितों के लिए संबंधित जनपदों के श्रम संसाधन केंद्र, जिला मुख्यालय स्थित श्रम कार्यालय या श्रमेव जयते एप के माध्यम से निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के परिवारों के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर उद्योगों में रोजगार के नए अवसर हासिल करने में मदद मिलेगी।









