Ro no D15139/23
हे रिश्वत खोरों, कर्मफल से डरोगे-बेमौत नहीं मरोगे, दुख नहीं मिलेगा औलाद से, खुशी से जीवन यापन करोगे, कर्मांे का फल, आज नही ंतो कल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

एक बेहद सात्विक, ईमानदार और सच्चे इंसान की जीवनी मुझे देखने को मिली। वह एक टीचर थे और मेरे पिताजी को कभी पढ़ाया करते थे। कई साल बाद उन्हें रिटायर…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष पंच परिवर्तन से बदल जाएगा समाज का चेहरा-मोहरा प्रो. संजय द्विवेदी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर इतिहास के चक्र में किसी सांस्कृतिक संगठन के सौ साल की यात्रा साधारण नहीं होती। यह यात्रा बीज से बिरवा और अंततः उसके…

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दो शेर-दोनों ढेर, ताला है चाबी नहीं, अमित शाह के दरवाजे बंद, उद्धव-राज को राजपाट मुश्किल वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी… 

इमली का बूटा बेरी का बेर, इमली खट्टी मीठे बेर, इस जंगल में हम दो शेर, चल घर जल्दी हो गयी देर…..  ये पंक्तियां सौदागर फिलिम के दो हीरो जाॅनी…

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गिरते पुल, ढहती ज़िम्मेदारियाँ: बुनियादी ढांचे की सड़न और सुधार की ज़रूरत”

  वडोदरा में पुल गिरना कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि भारत के जर्जर होते बुनियादी ढांचे की डरावनी सच्चाई है। पुरानी संरचनाएं, घटिया सामग्री, भ्रष्टाचार और निरीक्षण की अनुपस्थिति —…

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(13 जुलाई जयंती विशेष) गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक

  सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के पुत्र गुरु दक्ष प्रजापति वेदों, यज्ञों और परिवार प्रणाली के आधार स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने अनुशासन और मर्यादा को समाज में स्थापित किया, किन्तु शिव-सती…

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सास भी कभी बहु थी-फिर स्मृति ईरानी,कान पकड़वाने पर कलेक्टर को खेद, शाबाश बिजली कर्मी,महानुभाव को महा अनुभव वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी….

पुराने दिन लौटे स्मृति के क्यांेकि सास भी कभी बहु थी का एक और सीज़न चालू होने वाला है। इसकी उस समय की सबसे चर्चित कलाकार स्मृति ईरानी ने अपनी…

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धर्म-भाषा विवाद : खत्म होती राजनीति को बचाने की कोशिश (आलेख : मुकुल सरल)

कोई कहता है– जय श्रीराम बोलना होगा (हिंदुत्ववादी) कोई कहता है– मराठी बोलनी होगी (महाराष्ट्र में मनसे) कोई कहता है– हिंदी पढ़नी होगी (सरकार का त्रिभाषा फ़ार्मूला) कोई कहता है–…

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“बचपन को अख़बारों में जगह क्यों नहीं?”

रविवार की सुबह बेटे प्रज्ञान को गोद में लेकर अख़बार से कोई रोचक बाल-कहानी पढ़ाने की इच्छा अधूरी रह गई। किसी भी प्रमुख अख़बार में बच्चों के लिए एक भी…

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ई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता?

  ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट है कि मोबाइल ऐप के माध्यम…

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कृष्ण कल्पित प्रसंग : केवल एक कवि का पतन नहीं, समूचे काव्य-प्रेमी समाज की आत्मपरीक्षा है (टिप्पणी : अरुण माहेश्वरी)

  पटना में कृष्ण कल्पित की हरकत केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक विकृत आत्म-संरचना का उदाहरण भी है। वह जो अपने भाषिक तेवर में विद्रोही और मुक्त दिखाई…

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NATIONAL

अभिषेक बनर्जी के घर पर रात 2 बजे हंगामा, आपस में भिड़े BJP-TMC समर्थक; सांसद ने लगाया फायरिंग का आरोप
क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और चरित्र हनन बनी वजह? पिता ने लगाए आरोप
पटाखे की नगरी वाला शहर, दिवाली में ₹4 हजार करोड़ बिक्री; पर एक्सपोर्ट में चीन का क्यों है एकतरफा राज
चीनी जहाज, पाकी पायलट खुदा खैर करे… हा.. हा.. हा.. हा.., वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
खतरे में नौकरी: गुरुजी संभल जाइए! क्लासरूम में AI की एंट्री, क्या खतरे में हैं कोचिंग टीचर्स का करियर?
ट्रंप की परिसीमन रणनीति फेल, बीजेपी के लिए क्या है सबक? चुनावी नक्शे बदलने के बाद भी नहीं मिली जीत