Ro no D15139/23

हे रिश्वत खोरों, कर्मफल से डरोगे-बेमौत नहीं मरोगे, दुख नहीं मिलेगा औलाद से, खुशी से जीवन यापन करोगे, कर्मांे का फल, आज नही ंतो कल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

एक बेहद सात्विक, ईमानदार और सच्चे इंसान की जीवनी मुझे देखने को मिली। वह एक टीचर थे और मेरे पिताजी को कभी पढ़ाया करते थे।

कई साल बाद उन्हें रिटायर हुए भी काफी वक्त हो गया था।

मैं बहुत छोटा था, शायद तीसरी में, तब पिताजी के साथ उनकी बेटी की शादी में गया था। पता चला कि उनकी पत्नी काफी पहले ही सिधार गयी थीं। वे खुद बहुत बीमार रहते थे इसलिये उनकी बेटी शादी करना नहीं चाह रही थीं कि उनके बाद उस शख्स की देखभाल कौन करेगा।

वे लकवे से भी पीड़ित थे। मेरे पिताजी उनके भक्त थे और उनकी हालत से दुखी भी। खैर… उनकी बेटी भी शादी के कुछ वर्षों के बाद चल बसी। वे काफी दुखी हुए। अकेले रहते थे, उन्होंने अपना मकान मरणोपरान्त सामाजिक काम के लिये दान लिख दिया था।

अंततः कई वर्षों की तकलीफ भोगने के बाद वे भी चले गये। अंत समय में काफी कष्ट भोगा उन्होंने।

गुरूजी ने बताया पूर्व जन्मों का फल

अवसर मिलने पर मैने एक सिद्ध पुरूष से जिन्होनें हनुमानजी को सिद्ध कर रखा था और वे किसी विशेष काम का क्या होगा ये ध्यान लगाकर जान लेते थे, इस बाबत् पूछा तो उन्होंने मुझे भीष्म पितामह की कहानी बताई कि ‘जब भीष्म पितामह तीरों की सेज पर लेटे अपनी मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहे थे तो हर शाम कोई न कोई उनसे मिलने आता था।

ऐसे में एक दिन भगवान कृष्ण मिलने आए तो पितामह ने उनसे पूछा कि ‘मैने जीवनभर धर्म का पालन किया है, तो मुझे ये तीरों की शैया पर लेटने का कष्ट क्यों भुगतना पड़ रहा है।’

भगवान कृष्ण ने कहा ‘पूर्व जन्मों के कर्मों के कारण’।

पितामह बोले ‘पिछले सौ जन्मों का मुझे याद है। मैने कभी कोई अधर्म नहीं किया, फिर ये कष्ट क्यों ?’

भगवान ने कहा कि एक सौ एकवां जन्म आपको याद नहीं है। उस जन्म में आप एक राजा थे, ईमानदार, दयालु, बहादुर। एक बार आप अपनीे सेना के साथ बहुत तेजी से युद्ध के लिये जा रहे थे तब आपको सड़क पर एक सांप मिला।

आपको लगा कि वो अपके रथ के पहियों के नीचे या सेना के घोड़ों के पैरों के नीचे आकर मर जाएगा, लिहाजा आपने उसकी जान बचाने के लिये उसे अपने भाले से उठाकर सड़क के किनारे उछाल दिया।

आप और आपकी सेना आगे निकल गये। परन्तु वह सांप सड़क के किनारे झाड़ियों में जाकर गिरा। झाड़ियां कटीली थीं और उसके कांटे उसे चुभने लगे। वह वहां से निकल भी नहीं पा रहा था। धीरे-धीरे कष्ट सहते हुए उसने वहीं प्राण त्याग दिये’।

भगवान ने बताया ये तीरों की शैया उन कटीली झाड़ियों का प्रतिफल है और अब आपका उस एक सौ एकवें जन्म का हिसाब हो रहा है।’

कर्माें का फल

कभी पीछा नहीं छोड़ता

इस कहानी का अर्थ ये हुआ कि किसी के द्वारा किये गये किसी कर्म से हुए असर का फल अवश्य मिलता है चाहे वह किसी भी नीयत से किया गया हो।

राधास्वामी सत्संग में लाखों लोगों की भीड़ में महाराज जी ने बताया कि यदि आपने जहर खा लिया तो ये कहकर उसके असर से बच नहीं सकते कि गलती से खा लिया था। गलती से खाया हो या जानबूझकर, जहर तो अपना नेगेटिव असर दिखाएगा ही। जहर मारेगा या विकलांग करेगा ही।

ईश्वर के एकाउन्ट में सीधा गणित है टू प्लस टू फोर इसका कोई अपवाद नहीं है। जो करोगे वो भरोगे।

हे रिश्वतखोरों, आपकी दस हजार कमाई

सामने वाले का लाखों का नुकसान

गहराई से देखा जाए तो ये साफ दिखता है कि रिश्वतखोर जब किसी काम को करने या न करने के लिये रिश्वत लेता है तो उसका असर किसी एक पर या सारे समाज पर कई गुना बुरा पड़ता है। मसलन रिश्वत लेकर सड़क पर गड्ढे दुरूस्त करने से बेेईमान ठेकेदार को छूट दे देने से संभव है कि कोई उस गड्ढे के कारण गिरकर अपनी जान भी दे दे।

लगभग दस साल पहले भारी बारिश के बीच पण्डरी के नौजवान व्यापारी की मौत कैनालरोड के किनारे गटर के बड़े होल में गिर कर हो गयी थी। इस मामले मे जिस ठेकेदार ने ये लापरवाही की और रिश्वत खाकर जिस अधिकारी ने उसे ओके किया और जिस-जिसने भी उसमें रिश्वत खाई, सभी उसकी मौत के लिये जिम्मेदार होंगे।

घूस तो पचीस-पचास हजार की खाई होगी मगर कीमत किसी की जान की चुकानी पड़ेगी। कदाचित् उन लोगों को अपनी संतान की जान या बीमारी या अन्य किसी रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़े या पड़ी हो।

राजधानी में बड़े-बड़े बिल्डर मासूम, कमजोर, गरीब लोगों की जमीन तिकड़म, दादागिरी या चतुराई से हड़प लेते हैं। बदले मे कुछ लाख रूप्ये अधिकारियों को बांट देते हैं। उन्हें उस मासूम की आह लगती है जो उन बेईमान बिल्डरों को बेहद नुकसान करती है। आर्थिक नहीं भावनात्मक रूप से। उन्हें इसकी सजा मिलती है परिवार के माध्यम से।

घूसखोरों, बेईमानों को पूजा-पाठ

किसी काम नहीं आएगी

बेईमान और घूसखोर तथा दूसरों का हक मारने वाले लोग मंदिर-मस्जिद भी जाते हैं। भगवान की पूजा, अर्चना भी करते हैं लेकिन क्या इससे उनके पाप धुल जाते हैं। कभी नहीं।

जो पाप वे करते हैं या जो सेवा वो करते हैं उससे संभव है कि उनके पुण्य अर्जित होते हों लेकिन जो पाप वो करते हैं उसकी सजा तो उन्हें बराबर हिसाब से मिलेगी।

यदि वे सुधर भी जाएं तब भी उन्हें या उनके परिवार को सजा भुगतनी ही पड़ती है।

तो जरूरत से अधिक लाखों-करोड़ों रूप्ये बेईमानी से कमाने से उन्हें फायदा क्या, जब सुकून ही नहीं जीवन में।

इसलिये हे रिश्वत खोरों, कर्मफल से डरोगे-बेमौत नहीं मरोगे, दुख नहीं मिलेगा औलाद से, खुशी से जीवन यापन करोगे, कर्मांे का फल, आज नही ंतो कल जरूर मिलेगा। सौ जन्मों के बाद भी पीछा नहीं छोड़ेगा।

————————–

जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक

मोबा. 9522170700

‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’

——————————–

  • Related Posts

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    पुलिसकर्मी जब प्रियंका गांधी को प्रदर्शन के दौरान वहां से हटाने की कोशिश कर रहे थे, तब वह सड़क पर लेट गईं. कुछ देर बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर…

    Read more

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    7 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी ने INDIA गठबंधन से अलग अपना विरोध प्रदर्शन किया. CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR में कथित गड़बड़ियों के विरोध में AAP ने…

    Read more

    NATIONAL

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस