(13 जुलाई जयंती विशेष) गुरु दक्ष प्रजापति: सृष्टि के अनुशासन और संस्कारों के प्रतीक
सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के पुत्र गुरु दक्ष प्रजापति वेदों, यज्ञों और परिवार प्रणाली के आधार स्तंभ माने जाते हैं। उन्होंने अनुशासन और मर्यादा को समाज में स्थापित किया, किन्तु शिव-सती…
Read moreसास भी कभी बहु थी-फिर स्मृति ईरानी,कान पकड़वाने पर कलेक्टर को खेद, शाबाश बिजली कर्मी,महानुभाव को महा अनुभव वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी….
पुराने दिन लौटे स्मृति के क्यांेकि सास भी कभी बहु थी का एक और सीज़न चालू होने वाला है। इसकी उस समय की सबसे चर्चित कलाकार स्मृति ईरानी ने अपनी…
Read moreधर्म-भाषा विवाद : खत्म होती राजनीति को बचाने की कोशिश (आलेख : मुकुल सरल)
कोई कहता है– जय श्रीराम बोलना होगा (हिंदुत्ववादी) कोई कहता है– मराठी बोलनी होगी (महाराष्ट्र में मनसे) कोई कहता है– हिंदी पढ़नी होगी (सरकार का त्रिभाषा फ़ार्मूला) कोई कहता है–…
Read more“बचपन को अख़बारों में जगह क्यों नहीं?”
रविवार की सुबह बेटे प्रज्ञान को गोद में लेकर अख़बार से कोई रोचक बाल-कहानी पढ़ाने की इच्छा अधूरी रह गई। किसी भी प्रमुख अख़बार में बच्चों के लिए एक भी…
Read moreई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता?
ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट है कि मोबाइल ऐप के माध्यम…
Read moreकृष्ण कल्पित प्रसंग : केवल एक कवि का पतन नहीं, समूचे काव्य-प्रेमी समाज की आत्मपरीक्षा है (टिप्पणी : अरुण माहेश्वरी)
पटना में कृष्ण कल्पित की हरकत केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक विकृत आत्म-संरचना का उदाहरण भी है। वह जो अपने भाषिक तेवर में विद्रोही और मुक्त दिखाई…
Read moreरिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं नाम है भारत, बाप्स आर आलवेज़ राॅंग, 28 नवंबर तक फिर पिटेगा पाकिस्तान वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
मस्त डायलाॅग है ‘रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं नाम है शाहंशाह’। अमिताभ बच्चन और अमरीश पुरी की हिट फिल्म का है। हर विलेन की शहंशाह पिटाई करता…
Read moreमहिला आरक्षण की दहलीज़ पर लोकतंत्र: अब दलों को जिम्मेदारी उठानी होगी
2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत में राजनीति के स्वरूप को बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। हालांकि इसका क्रियान्वयन 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संभव है,…
Read moreमुर्गी बहन है और बकरा भाई, दीपक बैज की मानहानि, कौन ठोक रहा भारतविरोधियों को, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….
पण्डित झण्डू के मित्र मियां बण्डू के पड़ोस मे रहने वाले एक शख्स की मुर्गियां रोज गायब हो रही थीं। एक दिन उसने मोहल्ला सर पर उठा लिया। शक के…
Read moreप्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार। लेख संजीव ठाकुर
प्रकृति का रौद्र रूप कहीं बाढ़ कहीं भूस्खलन। सटीक आपदा प्रबंधन की दरकार।। भारत में वर्षाकाल मे…
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