
पण्डित झण्डू के मित्र मियां बण्डू के पड़ोस मे रहने वाले एक शख्स की मुर्गियां रोज गायब हो रही थीं। एक दिन उसने मोहल्ला सर पर उठा लिया। शक के दायरे में सबसे ज्यादा मियां बण्डू ही थे।
बात बिगड़ती देख मियां बण्डू सफाई देने लगे, क्योंकि सारा मोहल्ला उन्हें कह तो कुछ नहीं रहा था पर वही सबसे ज्यादा शक के दायरे में थे।
मियां बण्डू ने अपनी तरफ से ही सफाई देना उचित समझा और बोले कि ‘मैं तो सालों से नाॅनवेज नहीं खाता हूं, छोड़ रखी है’।
ये सुनकर झण्डू ने चैंककर उसकी तरफ देखा तो बण्डू मुस्कुराकर बोले ‘सच कहता हूं। आजकल मैं मुर्गी को बहन मानता हूं और बकरे को भाई…… ।
बण्डू ने आंखों से देखकर प्रश्न किया कि इतना बड़ा झूठ, क्या राजनीति ज्वाईन करने का इरादा है ?
खेल मानहानि का …
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम, मंत्री केदार कश्यप् और सांसद महेश कश्यप को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मानहानि का नोटिस दिया है।
कारण कि इन लोगों ने बैज पर ईसाई होने और धर्मान्तरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
साथ ही महेश कश्यप ने कहा कि बैज ने पांच साल बस्तर मे चर्च खुलवाने में लगा दिये।
हमारे देश में शायद ही कोई मानहानि का मामला अपने अंजाम तक पहुंच पाता है। अन्यथा ये बीच में कम्प्रोमाईज हो जाता है। आराम से आरोपी माफी मांग कर जान छुड़ा लेता है।
राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य कई बड़े नेता माफी मांग चुके हैं।
आम तौर पर किसी को सजा होते या जुर्माना लगते नहीं देखा जाता। इस माफी मामले का अंजाम आते तक तो दोनों पक्ष खुद ही भूल जाएंगे कि मामला क्या और क्यांे था।
भारतविरोधी आतंकियों को कौन मार रहा है
हम भारतीयों को ये हमेशा से भरोसा रहा है कि जब भी धर्म की हानि होती है, पाप और अनाचार पृथ्वी पर बढ़ता है तब भगवान अवतार लेते हैं और पापियों को ठोकते हैं। पाप का नाश होता है और सज्जनों को सुरक्षा मिलती है।
लगता है वो वक्त आ गया है। पिछले कुछ समय से कनाडा से, पाकिस्तान से, अमेरिका से ये खबरें आती रही हैं कि भारत में आतंक फैलाने का मंसूबा पाले हुए लोग अकाल मारे जा रहे हैं। कहीं से कोई अदृश्य शूटर आते हैं और इन्हें शूट कर देते हैं।
मौलाना अब्दुल अजीज इसर इसी कड़ी का नया नाम है। ये पाकिस्तान में रहकर आराम से भारत को धमकियां देता रहता था और नौजवानों को भारत के खिलाफ प्रशिक्षण देता था। पिछले दिनों किसी को इसे भी ठोक दिया।
कुछ भारतीयों को इससे तकलीफ भी है। कहा ये जा रहा है कि ये सब केन्द्र सरकार के इशारे पर भारतीय जासूसी संस्थाओं द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। अगर ऐसा है तो उन्हें हर भारतीय की तरफ से हार्दिक धन्यवाद है।

जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700
‘बिना छेड़छाड़ के लेख का प्रकाशन किया जा सकता है’
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