Ro no D15139/23

मंत्री रामविचार नेताम ने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से नागपुर में की सौजन्य मुलाकात

*बलरामपुर शहर में 10 किलोमीटर फोरलेन बायपास मार्ग बनाने दिया प्रस्ताव*

*अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-343 कॉरीडोर का निर्माण है प्रगति पर*

रायपुर, 29 जून 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज नागपुर, महाराष्ट्र में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान बताया कि निर्माणाधीन अम्बिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग कमांक-343 में कॉरीडोर योजना के लिए 397.44 करोड़ रुपये एवं 199.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय मंत्री श्री गड़करी से आग्रह करते हुए कहा कि यह मार्ग अम्बिकापुर से रामानुजगंज होते हुए झारखण्ड को जोड़ने वाला अंतर्राज्यीय मुख्य मार्ग है। इस मार्ग से यात्री बसें, व्यावसायिक वाहन एवं आमजनों के आवागमन अधिक होने के साथ-साथ अति विशिष्टजनों का आवागमन भी होता है। इसी मार्ग पर बलरामपुर शहरी भाग स्थित है, जो कि जिला मुख्यालय है, जिसके दोनों ओर व्यवसायिक एवं आवासीय बसाहट है। सभी छोटे अथवा भारी वाहनों का आवागमन वर्तमान में शहरी क्षेत्र से होने के कारण आये दिन माल वाहकों से जाम की स्थिति एवं दुर्घटनाएं होती रहती है।

मंत्री श्री नेताम ने बताया कि बलरामपुर शहरी क्षेत्र में आवागमन में होने वाली असुविधा को देखते हुए फोरलेन बायपास मार्ग अनुमानित लम्बाई 10 किलोमीटर की अत्यधिक आवश्यकता है। इसके निर्माण से आम नागरिकों के सुचारू आवागमन के साथ-साथ अन्तर्राज्यीय व्यवसाय एवं राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी।

मंत्री श्री नेताम ने केन्द्रीय मंत्री से बलरामपुर बायपास की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। इसके लिए जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के निवासी आपका हृदय से आभारी रहेंगे। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि भारत सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग भारत माला परियोजना के तहत दक्षिण छत्तीसगढ़ रायपुर से विशाखापट्टनम मार्ग का कार्य पूर्णता पर है। इससे प्रदेश के नागरिकों को सीधे दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र मुंबई की बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तर्ज पर भारत माला परियोजना के तहत उत्तर छत्तीसगढ़ को जोड़ते हुए रायपुर-बिलासपुर-अम्बिकापुर से वाड्रफनगर होते हुए बनारस (वाराणसी) तक रोड के बन जाने से सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के नागरिकों को उत्तर दक्षिण एवं पूर्व पश्चिम के सभी महानगरों से बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त हो जाएगी। मंत्री श्री नेताम ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकारी से रायपुर-बनारस (वाराणसी) मार्ग को भारत माला परियोजना के तहत शामिल कर स्वीकृति प्रदान करने का अग्राह किया।

  • Related Posts

    विश्व धरोहर बनने की ओर सिरपुर का ऐतिहासिक कदम, यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल हुई छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक नगरी

      मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों को मिल रही वैश्विक पहचान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के प्रयासों से प्रदेश…

    Read more

    नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा छत्तीसगढ़ का भव्य पवेलियन 14 से 27 नवंबर 2026 तक आयोजित होगा 45 वां इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर इस वर्ष मेले की थीम ‘विकास और विरासत’ पर आधारित होगी

      छत्तीसगढ़ पवेलियन में हस्तशिल्प, हर्बल उत्पादों, मिलेट और लोक संस्कृति का होगा अनूठा प्रदर्शन रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/ नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आगामी 14…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?