
रायपुर, 29 जून 2025/
छत्तीसगढ़ में चल रहे स्टॉप डायरिया अभियान 2025 को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सराहा है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ग्रामीण और शहरी समुदायों तक निवारक देखभाल, जागरूकता अभियान और आवश्यक उपचार पहुंचाकर बच्चों को दस्त रोगों से बचाने में मजबूत कदम उठा रहा है।
यह अभियान, जो 16 जून से 31 जुलाई 2025 तक संचालित हो रहा है, 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों में दस्त से होने वाली मृत्यु को रोकने और शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। महासमुंद जिले में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इसकी शुरुआत की गई थी। अभियान के तहत मितानिनों द्वारा घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट और जिंक गोलियां वितरित की जा रही हैं, साथ ही ओआरएस घोल बनाने की विधि और हाथ धोने की सही प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, “छत्तीसगढ़ का स्टॉप डायरिया अभियान बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है। यह अभियान न केवल जागरूकता फैला रहा है, बल्कि त्वरित उपचार के माध्यम से बच्चों की जान बचा रहा है।”
जिला और विकासखंड स्तर पर गठित मॉनिटरिंग टीमें स्वास्थ्य संस्थानों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के लिए ओआरएस और जिंक का उपयोग करें और स्वच्छता पर ध्यान दें।
यह अभियान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जो बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्रालय के सहयोग को दर्शाता है।







