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घोटालों की गठरी लेकर अब नैतिकता की बातें कर रहे भूपेश: केदार कश्यप

*कोल ब्लॉक से बिजली तक, कांग्रेस की दोहरी नीति का खुलासा*
*जनता ने भूपेश बघेल के ‘झांसे’ की राजनीति को कर दिया है खारिज : वन मंत्री का आरोप*
*भूपेश चोरी और सीनाजोरी दोनों कर रहे : कश्यप*

रायपुर, 20 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भाजपा जिला कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ में प्रेसवार्ता कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल लगातार भारतीय जनता पार्टी की सरकार के ऊपर निराधार आरोप लगाते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस पार्टी, भूपेश कहते कुछ हैं और करते कुछ हैं। इनका डबल स्टैंडर्ड जनता के सामने आ चुका है। जनता समझ चुकी है कि यह चोरी और सीनाजोरी दोनों कर रहे हैं। भूपेश की सरकार ने पिछले 5 वर्ष में छत्तीसगढ़ को 10 जनपद का चरागाह बना दिया था। शराब घोटाला, कोयला घोटाला, चावल घोटाला, कोयला घोटाला, गौठान घोटाला हो या फिर पीएससी का घोटाला हो, प्रदेश के संसाधनों का जिस तरह उन्होंने दुरुपयोग किया, प्रदेश को लूटने का काम किया, इसी का परिणाम है कि उनके आधे से ज्यादा लोग जेल के रास्ते जा रहे हैं।

श्री कश्यप ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल ने कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई को लेकर सवाल उठाए थे, उस समय जब 10 जनपद से जैसे ही सरकार के ऊपर दबाव आता है, तो आप शरणागत हो गए, यह आपने अपने पत्रों के माध्यम से यहां पर स्पष्ट कर दिया। भूपेश बघेल ने ही अपने बयान में कहा कि कोल आबंटन नहीं होगा, छत्तीसगढ़ के लोग ऐसी चलाना बंद कर दें, बिजली बंद कर दें। क्या आज आपने जो बयान दिया था उसके आधार पर राजीव भवन का ऐसी बंद किया, बिजली काट दी। इसका जवाब भी आपको देना चाहिए।

श्री केदार कश्यप ने भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते निजी स्वार्थ के लिए किए गए कोल आबंटन का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने छत्तीसगढ़ का कोल ब्लॉक राजस्थान में अशोक गहलोत को आबंटित कर दिया था। इससे पहले जब मनमोहन सिंह जी, कांग्रेस पार्टी के यूपीए की सरकार थी तब भी आपके ही नेताओं ने कॉल ब्लॉक आवंटन करने के लिए जो रास्ता आसान किया था यह भी सबको पता है।2010 में जब केंद्र में यूपीए की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो जोन एरिया घोषित किया था, उस पर भी उस समय के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश जी ने पूरे एरिया को कोर एरिया घोषित किया। इसका पूरा पत्रक भी है। जयराम रमेश जी ने सरकार में रहते जिस दबंगई के साथ एरिया घोषित किया, वह वास्तविक प्रमाण है। आज यही लोग बड़ी बड़ी बातें करते हैं जंगल को लेकर।

श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जंगल को लेकर इनका यह वास्तविक चेहरा है। 23 जून 2011 को केंद्र में कांग्रेस की जो सरकार रही उसने तारा प्रसाद को कॉल ब्लॉक खोलने का प्रस्ताव दिया जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तब भी दो बड़ी खदानें गारे पेलमा सेक्टर -2 और राजस्थान में केके एक्सटेंशन प्लांट का ऑपरेटर भी अडानी को बनाया था। मुख्यमंत्री के रूप में भूपेश बघेल थे तो 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी। यदि भूपेश बघेल गजनी हो गए हैं तो मैं उन्हें तारीखों के साथ उनकी सिफारिश उपलब्ध करा दूंगा। 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2 माट समझौता भी सबके सामने है।  इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते हुए कांग्रेस की सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज 1 और 23 जनवरी 2023 को फॉरेस्ट की जो स्टेट टू स्वीकृत की सिफारिश भी इसमें स्पष्ट है।

उन्होंने आगे कहा कि कोलफील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता पूरे समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ, वह सबके सामने हैं। कांग्रेस ने अपने लोगों को सुरक्षित करने के लिए प्रदेश को और देश को झोंकने का काम किया है। एक और कांग्रेस कोल माइंस आबंटित करती है, दूसरे और नियम विरुद्ध जाकर स्वीकृत करने का काम करती है और जब विपक्ष में रहती है तब अपने हितों की पूर्ति के लिए आज राज्य में जो आर्थिक नाकेबंदी का प्रस्ताव लाती है जो छत्तीसगढ़ के जनता के हितों के खिलाफ है और इससे हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था, यहां का व्यापार, यहां के रोजगार को नुकसान पहुंचेगा।

कांग्रेस और भूपेश बघेल के गैरजिम्मेदाराना रवैये पर कहा कि इन सब से भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी को कोई सरोकार नहीं है। वह चाहते हैं आर्थिक नाकेबंदी से पूरी व्यवस्था ठप्प रहे और अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो, हिंसा की स्थिति उत्पन्न हो। क्या मनमोहन सिंह जी के प्रधानमंत्री रहते हुए कांग्रेस ने जो निर्णय लिए भूपेश बघेल उन सबके लिए माफी मांगेंगे। क्या भूपेश बघेल घोषणा करेंगे कि वह बिजली और ऐसी का उपयोग नहीं करेंगे और कांग्रेस नेता अपने घरों में बिजली आपूर्ति बंद कराएंगे।कांग्रेस पार्टी अपने आपको बचाने के लिए प्रदेश की जनता और प्रदेश को जिस तरह झोंकने की कोशिश कर रही है उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि आपका धोखा लोगों को साफ हो चुका है।

श्री कश्यप ने भूपेश बघेल के दावों को चुनौती देते हुए कहा कि आपके मुख्यमंत्री रहते, आपके पास राजस्थान के मंत्री वी डी कल्ला ने आपको पत्र लिखा, उनके अनेकों पत्र हमारे पास हैं, उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक हफ्ते के भीतर आठ आठ पत्र लिखे वह भी उपलब्ध है। किस तरीके से 10 जनपद के दबाव में आकर अपनी राजनीति चमकाने के लिए, भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ और पूरे देश की जनता ने आपको देखा है कि किस तरह से आप आरोप की राजनीति करते हैं। इसलिए जनता ने आपको 5 साल के भीतर हटाकर जनहितकारी विचार वाले सहज, सरल श्री विष्णु देव साय जी को छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनाया है।

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