Ro no D15139/23

धमतरी में जल संरक्षण और आजीविका की नई क्रांति

*1.72 करोड़ रुपये से बन रहीं 34 सामुदायिक डबरियां*

 

*वीबी-जी रामजी योजना के तहत भूजल संवर्धन और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की अनूठी पहल*

 

*वर्षा जल संचयन के साथ कृषि, मत्स्य पालन व आजीविका के खुलेंगे नए द्वार*

 

रायपुर,21 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ में मनरेगा और जल संरक्षण अभियानों के तहत सामुदायिक डबरी निर्माण, नया तालाब, चेकडैम और सोक पिट जैसी संरचनाओं से भूजल स्तर में सुधार हो रहा है। इससे किसान धान के अलावा सब्जी, फल, फूल और मत्स्य पालन जैसी नकदी फसलों से जुड़कर अपनी आय और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती दे रहे हैं।

 

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती देने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की गई है। ‘वीबी-जी रामजी योजना’ के अंतर्गत जिले में 1.72 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से 34 सामुदायिक डबरियों का निर्माण कराया जा रहा है। यह पहल न केवल वर्षा जल का संचयन करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आत्मनिर्भरता के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी।

 

*जल संरक्षण से संवरेगा गांव का भविष्य*

 

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर वर्षा पर निर्भर खेती करने वाले किसानों के लिए ये सामुदायिक डबरियां वरदान साबित होंगी। वर्षा जल को एकत्रित कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोग में लाया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होने के साथ-साथ जल प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। सामुदायिक डबरी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक ही जल संरचना का लाभ सामूहिक रूप से कई परिवारों को मिलेगा, जिससे ग्रामीणों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति साझा जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना मजबूत होगी।

 

*कृषि और मत्स्य पालन से बढ़ेंगे कमाई के साधन*

 

डबरियों में संचित जल का उपयोग केवल सिंचाई और खेती तक सीमित नहीं रहेगा। पर्याप्त जल उपलब्धता और तकनीकी अनुकूलता के आधार पर विभागीय नियमानुसार मत्स्य पालन जैसी आय-वर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को कृषि के साथ-साथ आजीविका के अतिरिक्त और टिकाऊ अवसर प्राप्त होंगे।

 

*गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर*

 

निर्मित परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक लाभ के लिए निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का सख्त पालन किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दिशा में एक दूरगामी कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर स्थानीय जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। जनपद पंचायतों और मैदानी अमले को कार्यों की नियमित निगरानी तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

*सामुदायिक सहभागिता से टिकाऊ विकास*

 

योजना का एक प्रमुख पहलू ग्रामीणों को जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। सामुदायिक सहभागिता से इन निर्मित परिसंपत्तियों का उचित रखरखाव संभव होगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी इनका दीर्घकालिक लाभ मिलता रहेगा। धमतरी जिले की यह पहल राज्य के अन्य जिलों के लिए भी जल प्रबंधन और ग्रामीण सशक्तिकरण का एक बेहतरीन मॉडल पेश करती है।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर मरगा नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य में तेजी

      4.52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल, जशपुर से सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों तक आवागमन होगा सुगम सकरी पुलिया के कारण आवागमन में होती थी परेशानी,…

    Read more

    जशपुर में 3 नवंबर को आयोजित होगी विकसित भारत युवा संसद 2027 की जिला स्तरीय चैंपियनशिप विषय “एक राष्ट्र, एक चुनाव” पर युवा रखेंगे अपने विचार; शीर्ष 3 प्रतिभागी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होंगे चयनित

      जशपुरनगर 21 अक्टूबर 2026/ मेरा युवा भारत, जशपुर (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2027 के अंतर्गत विकसित भारत युवा संसद…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?