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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने की सौजन्य मुलाक़ात

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारत सरकार के केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ग्रामीण विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन, आदिवासी अंचलों में संचार सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकासोन्मुखी दृष्टिकोण को धरातल पर साकार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे प्रदेश के गरीब परिवारों के आवास का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र आरंभ किए गए हैं, जिससे ग्रामीण जनसंख्या को सहज और सुलभ बैंकिंग सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अपने नारायणपुर तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों के दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाएं प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं और स्थानीय जनता को इनका सीधा लाभ मिल रहा है। डॉ. पेम्मासानी ने माओवादी क्षेत्रों में तीव्र गति से हो रहे सकारात्मक बदलाव की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया। उन्होंने ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से आयोजित प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए बेलमेटल, मिलेट्स और घरेलू उत्पादों की गुणवत्ता अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इन समूहों की महिलाएँ 15 से 20 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं, जो ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

डॉ. पेम्मासानी ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक स्वागत का स्मरण करते हुए कहा कि उनके साथ नृत्य करना और स्थानीय संस्कृति से आत्मिक रूप से जुड़ने का अनुभव अविस्मरणीय रहा। उन्होंने परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय के दौरे का भी विशेष उल्लेख किया और वहाँ बच्चों से हुई आत्मीय बातचीत को अत्यंत भावुक क्षण बताया। उन्होंने शासन द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।

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