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2049 के लोकसभा चुनाव,राहुल का जगा रामप्रेम,शेम-शेम,28 जनवरी-जाने क्या होगा रामा रे, उठक-बैठक खाली दस बार, राहुल-द फिनिशर आफ कांग्रेस,वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

2049 के लोकसभा चुनाव हो रहे हैं जिसमे राहुल गांधी और प्रियंका वाडरा भाषण दे रहे हैं। दोनों बुजुर्ग हो गये हंै और कह रहे हैं अबकी बार हमारी सरकार आएगी और हम इस भाजपा सरकार के सारे फैसले पलट देंगे….

ऐसा एक कार्टून एक व्यंग्यकार ने फेसबुक में डाला। है न बेहिसाब हंसने की बात।

मगर रोना और हंसी दोनों आ रहा है इस खबर पर। कोई किस कदर पलटी मार सकता है, कोई किस कदर बातें बना सकता है। बावजूद इसके कि सारे लोग इनके ढोंग ओर बनावटीपन को समझ गये हैं।

दरअसल राहुल गांधी के राममंदिर अयोध्या जाने की खबर आई है। जिस राम के अस्तित्व से ही कभी इन्कार कर दिया था, वो भी कोर्ट में एफिडेविड देकर, जिसे कल्पना बता रहे थे और जिसके विरोध के लिये भक्तों पर गोली चलाने वाले से पूरी तरह सहमत नजर आते रहे हैं,
जिन्होंने मुस्लिम वोटर्स की नाराजगी के भय से अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जाना मुनासिब नहीं समझा था, जो निमंत्रण पर भी नहीं गये थे वही राहुल गांधी अब राम लला के दर्शन के लिये जाने वाले हैं। क्या बात है भाई……. ?

राहुल- कांग्रेस नाशक


वास्तव में तो भगवान राम के बारे में वे कहें चाहे जो भी मगर उनके दिल में गहरे राम ही बसे हैं।
वे जो भी करते हैं ‘राम’ भरोसे ही कहते और करते हैं। चिन्ता किसी बात की नहीं। सबकुछ रामभरोसे। असल राममय तो वे ही हैं।
एक व्यंग्यकार ने दो फ्रेम बनाए।
एक में फोटो लगाई अंग्रेज कलेक्टर एओ ह्यूम की और नीचे लिखा द फाउण्डर आॅफ कांग्रेस यानि कांग्रेस का संस्थापक और दूसरे फ्रेम मे फोटो लगाई राहुल गांधी की और लिखा द फिनिशर आफ कांग्रेस यानि कांग्रेस को समाप्त करने वाला।

नेता हूं
झूठ नहीं बोलता

काफी समये से राहुल बम फोड़ने का शौक पाले हुए हैं। हर बार उनका कद छोटा होता जाता है। पिछले दिनों का एटम बम ये आरोप था कि कर्नाटक की मतदाता सूची में धंाधली हुई थी। उनका आरोप सही माना जा सकता था यदि वे प्रमाण प्रस्तुत करते।

2024 में संपन्न चुनाव के समय ही राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकते थे। ऐसी व्यवस्था है पर इस अधिकार का प्रयोग उन्होंने उस समय नहीं किया।
आयोग ने रागा से इस आरोप पर एफिडेविड देने को कहा तो डर गये, एफिडेविड से साफ मुकर गये।
लचर सा तर्क दिया कि मैं नेता हूं मैं झूठ नहीं बोलता।

(जाहिर है इस पर सारा देश ठठाकर हंसा। वे ठहाके अभी तक बदस्तूर जारी हैं जो सुनता है वो हंसता है।) एक तो नेता उपर से राहुल गांधी, जिन्हें कई बार झूठे आरोप लगाने के लिये माफी मांगनी पड़ी है, कहते हैं मैं झूठ नहीं बोलता।

बहरहाल बम तो अब फूटेगा 28 जनवरी को जब राहुल गांधी उर्फ राउल विंची की नागरिकता के प्रश्न पर लखनउ की अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
कहा जाता है कि राउल विंची नाम उनकी सुरक्षा के लिये रखा गया था।

खाली दस बार उठक-बैठक
ये कोई अपमान नहीं

एक बच्चा स्कूल जाता था बहुत बदमाशी करता, कई बार देर से जाता, उल्टा जवाब देता, कुतर्क करता। बच्चा मनमौजी था। जब स्कूल में सजा मिलती थी तो घर आकर बताता था कि मस्ती करते पकड़ा गया। मां पूछती ‘फिर’ ? तो कहता- कुछ नहीं बस उठक-बैठक लगवाई खाली दस बार।
यानि दस बार उठक-बैठक से उसे कोई ऐतराज नहीं था। इसे वो सजा के या निंदा के रूप् में नहीं देखता था।

अपने राहुल भैया भी कुछ ऐसे ही हैं। बड़े दिल वाले। चुनाव अयोग पर कायदे से आरोप लगाया जाता है और असंतुख्ट होने पर कोर्ट जा सकते हैं।

पर… ये सब तकलीफ उन्हें नहीं उठानी है, वे तो आरोप लगाते हैं, भाग जाते है,ं हायतौबा मचने पर माफी मांगतंे हैं। फिर मौका लगा तो आरोप लगाया, फिर भाग लिये, फिर कोर्ट में माफी मांगी फिर…… ये सिलसिला चलता रहता है।
जैसे बच्चा कहता था खाली दस बार उठक-बैठक लगानी पड़ती है, वैसे ही राहुल गांधी कहते हैं खाली माफी मांगनी पड़ती है।
सुधांशू त्रिवेदी कहते हैं कि उन्हें माफी मांगने से कोई उरेज नहीं इसलिये आयं-बायं आरोप लगाते रहते हैं।

विश्व ने एकाॅनाॅमी को सराहा
राहुल ने कहा ‘डेड’

एक बार एक कवि ने एक किस्सा सुनाया कि ‘जब मनमोहन सिंग जी प्रधानमंत्री थे तो किसी ने उनसे पूछा महोदय दो और दो कितना होता है
। मनमोहन सिंग जी ने जवाब दिया कि होता तो चार है पर एक बार मैडम से कन्फर्म कर लेने में क्या हर्ज है’।

जो स्थिति उस समय मनमोहन सिंग और सोनिया गांधी की थी लगभग उसी परिदृश्य को उसी भाव को अब राहुल गांघी प्रदर्शित कर रहे हैं।
मनमोहन सिंग जी की जगह राहुल हैं और सोनिया गांधी की जगह ट्रम्प हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि भारत की एकानाॅमी डेड एकानाॅमी है तो राहुल ने भी दोहरा दिया हैं कि भारत की एकानाॅमी डेड है।
राहुल गांधी के इस बयान पर सारा देश हंसता है। पता नहीं किससे सलाह लेकर बयान देते हैं राहुल, या बिना किसी से मशवरा किये ही मन की आवाज पर बोल देते हैं जिसे हम ‘कुछ भी’ कहते हैं। यानि कुछ भी बोल देते हैं।

सारा देश ही नहीं सारा विश्व जानता है कि हमारी अर्थव्यवस्था इस समय दुनिया भर में चैथे नंबर पर है। और तेजी से सुदृढ़ हो रही है।
ट्रम्प केवल अपनी खीझ निकालते रहें। कहते हैं न खिसियाई बिल्ली खम्भा नोचे,ईधर राहुल भैया ट्रम्प को दोहराते बिना सोचे।
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जवाहर नागदेव, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिन्तक, विश्लेषक
मोबा. 9522170700

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