Ro no D15139/23

मैनपाट में ‘नाशपाती’ की मिठास, एग्री-टूरिज्म का नया गढ़ बना छत्तीसगढ़ का शिमला मैनपाट

*नाशपाती से चमकी किसान मनोज यादव की किस्मत*

 

रायपुर, 15 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के शिमला के रूप में मशहूर पर्यटन स्थल मैनपाट अब एग्री-टूरिज्म (कृषि पर्यटन) के एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहाँ की अनुकूल जलवायु और राज्य शासन के उद्यानिकी विभाग की कल्याणकारी नीतियां स्थानीय किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। पारंपरिक खेती को छोड़कर यहाँ के प्रगतिशील किसान अब फलोद्यान की ओर रुख कर सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी मैनपाट के ग्राम बारिमा निवासी कृषक मनोज यादव की है, जिन्होंने ग्राम कुदारीडीह (मेहता पॉइंट के पास) में नाशपाती का सफल बागान तैयार कर शानदार मुनाफा कमाया है।

 

*सरकारी मदद से बंजर जमीन पर खड़े किए 170 फलदार वृक्ष*

 

कृषक मनोज यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017-18 में मैनपाट के कमलेश्वरपुर स्थित शासकीय उद्यान रोपणी से नाशपाती के पौधे हासिल किए थे। उन्होंने अपनी 0.500 हेक्टेयर गोड़ा जमीन (पठारी और खाली पड़ी भूमि) पर लगभग 200 पौधे रोपे थे। कुछ पौधे प्राकृतिक कारणों से नष्ट जरूर हुए, लेकिन वर्तमान में उनके पास 170 पूरी तरह से फलदार पेड़ मौजूद हैं। मनोज ने अपनी इस सफलता का श्रेय उद्यानिकी विभाग को देते हुए बताया कि कमलेश्वरपुर उद्यान विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समय-समय पर बागान का निरीक्षण करते हैं और खाद की मात्रा से लेकर पौधों के रखरखाव के लिए निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

 

*मौसम की मार के बाद भी कमाया 1.5 लाख का शुद्ध मुनाफा*

 

इस वर्ष ओलावृष्टि और बाजार में बिक्री में हुई थोड़ी देरी के बावजूद, मनोज यादव के बागान से लगभग 2.5 पिकअप (करीब 260 कैरेट) नाशपाती का थोक उत्पादन हुआ। प्रति पिकअप 100 से 110 कैरेट की औसत से 500 रुपये प्रति कैरेट की दर पर थोक बाजार में फसल बेची गई, जिससे लगभग 1,30,000 रुपये की आय हुई। इसके अलावा खुले बाजार और पर्यटकों को सीधे फल बेचकर 25 से 30 हजार रुपये कमाए गए। इस तरह इस सीजन में उन्हें कुल 1.5 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। मनोज यादव ने बताया कि पिछले वर्ष अनुकूल मौसम के दौरान इसी बागान से उन्हें 2.5 से 3 लाख रुपये की बंपर कमाई हुई थी।

 

*एग्री-टूरिज्म का हॉटस्पॉट बना कुदारीडीह*

 

यह बागान अब केवल फल उत्पादन का जरिया नहीं रहा, बल्कि पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण केंद्र बन चुका है। लालमाटी के नाम से मशहूर इस खूबसूरत स्थान से रायगढ़ क्षेत्र का बेहद मनोरम दृश्य दिखाई देता है। यहाँ रोजाना करीब 100 से 250 पर्यटक प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाने पहुँचते हैं। पर्यटक यहाँ आकर न केवल 50 से 100 रुपये प्रति किलो की दर से ताजी नाशपाती खरीदते हैं, बल्कि खुद अपने हाथों से पेड़ों से फल तोड़ने का रोमांचक अनुभव भी लेते हैं। पर्यटकों के इस सीधे जुड़ाव से किसानों को बिचौलियों के बिना सीधे अपनी उपज बेचने का एक बेहतरीन मंच मिल रहा है।

 

*युवाओं और अन्य किसानों के लिए बने मिसाल*

 

प्रगतिशील किसान मनोज यादव ने क्षेत्र के युवाओं और किसानों से अपील की है कि वे अपनी खाली पड़ी अनुपयोगी भूमि पर पारंपरिक खेती के साथ-साथ नाशपाती, लीची और अन्य फलदार पौधों की बागवानी अपनाएं। इससे कम रकबे में भी अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है और पर्यटन क्षेत्रों के पास होने के कारण सीधे उपभोक्ताओं को फसल बेचकर अतिरिक्त लाभ भी लिया जा सकता है।

 

जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग द्वारा वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को फलोद्यान विकास, आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास लगातार जारी है। मनोज यादव जैसे किसान इस बात के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि वैज्ञानिक मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से बागवानी को एक बेहद मुनाफे वाले व्यवसाय में बदला जा सकता है।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ

      दीपावली का पर्व हर घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और नई उम्मीदों का प्रकाश लेकर आए : मुख्यमंत्री श्री साय* रायपुर 7 नवम्बर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने…

    Read more

    दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की पत्थलगांव में कार्रवाई

    6 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, जांच के लिए मिठाई एवं अन्य खाद्य पदार्थों के 5 नमूने संकलित जशपुरनगर 07 नवंबर 2026/ दीपावली पर्व के मद्देनजर आम नागरिकों को सुरक्षित एवं…

    Read more

    NATIONAL

    अभिषेक बनर्जी के घर पर रात 2 बजे हंगामा, आपस में भिड़े BJP-TMC समर्थक; सांसद ने लगाया फायरिंग का आरोप

    अभिषेक बनर्जी के घर पर रात 2 बजे हंगामा, आपस में भिड़े BJP-TMC समर्थक; सांसद ने लगाया फायरिंग का आरोप

    क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और चरित्र हनन बनी वजह? पिता ने लगाए आरोप

    क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और चरित्र हनन बनी वजह? पिता ने लगाए आरोप

    पटाखे की नगरी वाला शहर, दिवाली में ₹4 हजार करोड़ बिक्री; पर एक्सपोर्ट में चीन का क्यों है एकतरफा राज

    पटाखे की नगरी वाला शहर, दिवाली में ₹4 हजार करोड़ बिक्री; पर एक्सपोर्ट में चीन का क्यों है एकतरफा राज

    चीनी जहाज, पाकी पायलट खुदा खैर करे… हा.. हा.. हा.. हा.., वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    चीनी जहाज, पाकी पायलट खुदा खैर करे… हा.. हा.. हा.. हा.., वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    खतरे में नौकरी: गुरुजी संभल जाइए! क्लासरूम में AI की एंट्री, क्या खतरे में हैं कोचिंग टीचर्स का करियर?

    खतरे में नौकरी: गुरुजी संभल जाइए! क्लासरूम में AI की एंट्री, क्या खतरे में हैं कोचिंग टीचर्स का करियर?

    ट्रंप की परिसीमन रणनीति फेल, बीजेपी के लिए क्या है सबक? चुनावी नक्शे बदलने के बाद भी नहीं मिली जीत

    ट्रंप की परिसीमन रणनीति फेल, बीजेपी के लिए क्या है सबक? चुनावी नक्शे बदलने के बाद भी नहीं मिली जीत