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खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रारंभ, किसान 31 जुलाई तक करा सकेंगे बीमा प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से फसल नुकसान पर मिलेगा बीमा सुरक्षा कवच

 

जशपुरनगर 15 जुलाई 2026/ मानसून के आगमन के साथ जिले में खरीफ फसलों की बोनी का कार्य प्रारंभ हो चुका है। किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए फसल बीमा की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। किसान 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं। उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को प्रतिकूल मौसम, बाढ़, कीट-व्याधि, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने, आकाशीय बिजली सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। इसके अलावा कम वर्षा अथवा विपरीत मौसमी परिस्थितियों के कारण बुवाई विफल होने की स्थिति भी योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा सुरक्षा के दायरे में आती है।
फसल कटाई के बाद भी 14 दिनों तक मिलेगी बीमा सुरक्षा –
योजना के अंतर्गत फसल कटाई के बाद आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को भी निर्धारित प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने पर दावा भुगतान की पात्रता होगी। इस अवधि में ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम बारिश अथवा चक्रवाती वर्षा के कारण अधिसूचित फसल को नुकसान पहुंचने पर किसान योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमा दावा प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को फसल की बुवाई से लेकर कटाई के बाद की निर्धारित अवधि तक विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।
जशपुर जिले में इन नौ फसलों का कराया जा सकेगा बीमा –
जशपुर जिले के किसान खरीफ 2026 में धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, अरहर और उड़द फसल का बीमा करा सकते हैं। योजना के अंतर्गत बीमा इकाई ग्राम एवं राजस्व निरीक्षक मंडल निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि ने बताया कि योजनांतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक, भू-धारक तथा बटाईदार किसान शामिल हो सकते हैं। अधिसूचित फसल उगाने वाले ऐसे सभी गैर-ऋणी किसान, जो स्वेच्छा से योजना में शामिल होना चाहते हैं, वे बुवाई पुष्टि प्रमाण पत्र को क्षेत्रीय पटवारी अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित कराकर तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर फसल बीमा करा सकते हैं।
किसानों को देना होगा केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम –
जिले में खरीफ की अधिसूचित फसलों के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि बीमित राशि का 2 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके अनुसार किसानों को धान सिंचित के लिए 1100 रुपये, धान असिंचित के लिए 860 रुपये, मक्का के लिए 700 रुपये, कोदो के लिए 320 रुपये, कुटकी के लिए 340 रुपये, रागी के लिए 300 रुपये, मूंगफली के लिए 840 रुपये, अरहर के लिए 600 रुपये तथा उड़द के लिए 440 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से प्रीमियम राशि जमा करनी होगी।
समिति, बैंक, बीमा कंपनी या लोक सेवा केंद्र से करा सकते हैं बीमा –
किसान अपनी फसल का बीमा कराने के लिए संबंधित सहकारी समिति, बैंक, बीमा प्रदाता कंपनी अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अपील की है। उप संचालक कृषि ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि खेती प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर होने के कारण कई प्रकार के जोखिमों से प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को संभावित फसल नुकसान की स्थिति में महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए पात्र किसान 31 जुलाई 2026 तक अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं और योजना का लाभ उठाएं।

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