
रायगढ़। (IMNB NEWS AGENCY) रायगढ़ क्षेत्र के समावेशी और सतत विकास में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की भूमिका पर चर्चा के लिए बुधवार को इंडिया सीएसआर द्वारा ‘रायगढ़ सीएसआर सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। समिट का विषय ‘सीएसआर फॉर ए विकसित रायगढ़ रीजन’ था। कार्यक्रम में उद्योग जगत, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक विकास क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि सीएसआर कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़कर रायगढ़ में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। समिट का शुभारंभ इंडिया सीएसआर के संस्थापक एवं संपादक रुसेन कुमार के स्वागत उद्बोधन से हुआ। अमेरिका से आए उद्यमी, समाजसेवी, लेखक और पूर्व पत्रकार सतीश झा ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर नेतृत्व उद्बोधन दिया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बताया। बच्चों में जिज्ञासा विकास को शिक्षा का प्रमुख आधार बताया और अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत में शिक्षा की चुनौतियों और संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
जिंदल पावर लिमिटेड के सीएसआर प्रमुख ऋषिकेश शर्मा ने तमनार अंचल में कंपनी की सीएसआर कार्यप्रणाली और समुदायों के साथ कार्य करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रस्तुति में यह बताया गया कि सीएसआर कार्यक्रमों को समुदायों की दीर्घकालीन आवश्यकताओं से जोड़ने पर उनका प्रभाव अधिक व्यापक हो सकता है। रायगढ़ क्षेत्र में जिंदल पावर की उपस्थिति को देखते हुए कंपनी की सीएसआर कार्यप्रणाली पर हुई चर्चा महत्वपूर्ण रही। इसमें स्थानीय विकास और समुदायों के साथ निरंतर संवाद की जरूरत सामने आई।
जेएसडब्ल्यू समूह, रायगढ़ के प्रशासन प्रमुख संजय कुमार मिश्रा ने कंपनी की सीएसआर सर्वोत्तम कार्यप्रणाली और क्षेत्रीय विकास के प्रति दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने रायगढ़ में उद्योगों की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रस्तुति में उद्योगों, प्रशासन, स्थानीय संस्थाओं और समुदायों के बीच समन्वय को प्रभावी विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
जेएसडब्ल्यू की भागीदारी ने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप सीएसआर कार्यक्रमों के निर्माण और स्थानीय स्तर पर उनके बेहतर क्रियान्वयन की जरूरत को सामने रखा। जिंदल स्टील, रायगढ़ की सीएसआर प्रमुख अपूर्वा चौधरी ने कंपनी की सीएसआर सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और सामुदायिक विकास के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। उन्होंने औद्योगिक प्रगति के साथ स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं को जोड़ने तथा सीएसआर कार्यक्रमों में जनभागीदारी, निरंतरता और दीर्घकालीन प्रभाव को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उनकी प्रस्तुति ने विकसित रायगढ़ के निर्माण में जिम्मेदार उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के क्लस्टर प्रमुख लेल्ला रामचंद्र रेड्डी ने समूह की सीएसआर सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और सामुदायिक विकास के दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय समुदायों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उनकी प्रस्तुति ने विकसित रायगढ़ के निर्माण में उद्योग, स्थानीय संस्थाओं और समुदायों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता को रेखांकित किया। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक प्रबंधक–सस्टेनेबिलिटी अभिरूपा सरमाधिकारि ने तमनार विकासखंड में संचालित वाड़ी विकास कार्यक्रम की जानकारी दी। हिंडाल्को, नाबार्ड और जनमित्रम कल्याण समिति की इस संयुक्त पहल से 500 से अधिक आदिवासी परिवार जुड़े हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत फलोद्यान, प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल आजीविका और किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। एसकेए समूह के चेयरमैन सुनील रामदास ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार पौधे लगाने में कंपनियों को सहयोग करने की बात कही। उन्होंने विशेष रूप से सात से आठ फीट ऊंचे पौधे लगाने पर जोर दिया। बड़े और स्वस्थ पौधों के जीवित रहने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है। ऐसे पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
सुनील रामदास ने वृक्षारोपण को केवल एक दिन का अभियान न मानकर दीर्घकालीन पर्यावरणीय जिम्मेदारी के रूप में देखने का संदेश दिया। ओ.पी. जिंदल स्कूल के प्राचार्य आर.के. त्रिवेदी ने भारत की शैक्षणिक चुनौतियों, नामांकन में अंतर और शिक्षा में तकनीक की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के साथ बच्चों को विद्यालय से जोड़े रखना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल शिक्षा के अंतर को कम करने में सहायक हो सकता है। त्रिवेदी ने संकेत दिया कि डिजिटल शिक्षा तभी प्रभावी होगी, जब विद्यालयों में आवश्यक तकनीकी संसाधन, प्रशिक्षित शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए समान अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने सीएसआर के माध्यम से विद्यालयों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और जरूरतमंद बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
संस्कार पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं दैनिक क्रांतिकारी संकेत के प्रधान संपादक रामचंद्र शर्मा ने सीएसआर राशि के बेहतर उपयोग, नवाचार और सामुदायिक नेतृत्व पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक विकास कार्यक्रम की सफलता स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर निर्भर करती है। सीएसआर योजनाएं बनाते समय समुदायों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास के भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए। रामचंद्र शर्मा ने सीएसआर परियोजनाओं में सुधार और नए प्रयोगों की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्थानीय संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों के अनुभवों का उपयोग करने का सुझाव दिया। इससे सीएसआर संसाधनों का उपयोग अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकता है। साइबरनेटिक्स टेक्निक प्राइवेट लिमिटेड की वाइस प्रेसिडेंट पूजा धीर ने एआई आधारित शिक्षण के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र की बड़ी चुनौतियों का समाधान करने पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि तकनीक व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप सीखने और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती है। विजनस्प्रिंग की स्वाति गौर ने वाराणसी के बुनकरों की आंखों से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों पर अध्ययन प्रस्तुत किया। डॉ. दयानंद अवस्थी ने कॉरपोरेट पर्यावरण उत्तरदायित्व और सीएसआर के बीच संबंधों पर चर्चा की।
लायंस क्लब रायगढ़ मिडटाउन के अध्यक्ष लायन शिवशंकर अग्रवाल ने बताया कि रायगढ़ के लायंस क्लब कंपनियों को सामाजिक जनसंपर्क और समुदायों तक पहुंचने में सहयोग कर सकते हैं। शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ की मेडिको-सोशल वर्कर डॉ. ऋतु शर्मा ने रायगढ़ में पर्यटन विकास और उसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर विस्तार से विचार रखे।
हेल्पएज इंडिया के छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख शुभांकर बिस्वास ने बुजुर्गों की देखभाल और सामाजिक समावेशन की आवश्यकता बताई। मिटकॉन के उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कौशल एवं उद्यमिता विकास, जबकि हाइड्रो कैनोपी एनालिस्ट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक डॉ. सुनील कुमार जोशी ने जल और पर्यावरण संबंधी नवाचारों पर विचार रखे। वनस्टेज के प्रोग्राम मैनेजर मोहम्मद शाबान ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वच्छ महुआ संकलन के लिए किए जा रहे नवाचारों की विस्तार से जानकारी दी।। नाबार्ड के एजीएम मिल्योर बारा ने रायगढ़ क्षेत्र में वाड़ी परियोजना में कंपनियों को सीएसाआर साझेदारी करने का आमंत्रण दिया। सम्मेलन में वक्ताओं ने विकसित रायगढ़ के निर्माण के लिए उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच स्थायी साझेदारी विकसित करने पर जोर दिया। रायगढ़ में इस तरह का आयोजन पहली बार होने से कंपनियों एवं प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रमों का सफल संचालन ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डा. संजय सिंह द्वारा किया गया। अडानी समूह, जिंदल पावर लिमिटेड, जेएसडबल्यू स्टील, जिंदल स्टील लिमिटेड, जनमित्रम, बिरला समूह, साइबरनेटिक्स, विजन स्प्रिंग फाउंडेशन को उल्लेखनीय सामाजिक कार्यों के लिए इंडिया सीएसआर अवार्ड से सम्मानित किया गया।









