
अवसान तिथि के कीटनाशकों के भंडारण सहित कई अनियमितताएं मिलीं, उत्पादों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए
धमतरी, 20 अगस्त 2026। खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को गुणवत्तापूर्ण, मानक स्तर एवं प्रभावी कृषि आदान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग, धमतरी द्वारा जिले में कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय की सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में संचालक कृषि के निर्देशानुसार 19 अगस्त 2026 को सोरिदभाट स्थित भारतीय रासायनिक उद्योग की कीटनाशक निर्माण इकाई का राज्य एवं जिला स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान इकाई में अवसान तिथि के कीटनाशकों का भंडारण, भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद से संबंधित पैकेजिंग सामग्री का पाया जाना तथा विनिर्माण में उपयोग किए जा रहे अन्य उत्पादों के थोक सामग्री संबंधी कंपनी अनुबंध की प्रति उपलब्ध नहीं कराया जाना जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इसके अलावा निर्धारित मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं किया जाना तथा प्रयोगशाला संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति भी पाई गई।
प्रथम दृष्टया उक्त अनियमितताओं को कीटनाशी अधिनियम एवं संबंधित प्रावधानों के विपरीत पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा मेसर्स भारतीय रासायनिक उद्योग, सोरिदभाट, धमतरी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई तथा इकाई को सील किया गया। साथ ही संस्था में निर्मित कीटनाशी उत्पादों के नमूने एकत्रित कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला को प्रेषित किए गए हैं। नोटिस के जवाब एवं प्रयोगशाला से प्राप्त परीक्षण परिणामों के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग द्वारा जिले में कीटनाशी विक्रेताओं एवं कृषि आदान प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक कीटनाशी उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन अथवा लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने जिले के सभी कीटनाशी विक्रेताओं एवं निर्माताओं को निर्देशित किया है कि वे केवल पंजीकृत, मानक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का ही भंडारण एवं विक्रय करें। साथ ही किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित, निर्धारित मात्रा एवं अनुशंसित विधि से उपयोग की जानकारी देना सुनिश्चित करें। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे कीटनाशी खरीदते समय उत्पाद का लेबल, बैच नंबर, निर्माण एवं अवसान तिथि तथा पंजीयन संबंधी जानकारी अवश्य जांचें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि अथवा अनियमितता की सूचना कृषि विभाग को दें।
कृषि विभाग का यह अभियान किसानों के हितों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि क्षेत्र में मानकों एवं नियामकीय प्रावधानों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए आगे भी निरंतर जारी रहेगा।








