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25 लाख और नौकरी… फिर भी सब्जी बेचना चाहते हैं बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार, जानिए क्या है लक्ष्य

Jhandu Kumar Para Powerlifter: ग्लासगो   में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाले बिहार के पैरा पावरलिफ्टर  अब एशियन गेम्स की तैयारी में जुटे हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद उनकी जिंदगी में कई बदलाव आए हैं. बिहार सरकार ने उन्हें 15 लाख रुपये दिए हैं. केंद्र सरकार की ओर से भी उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला है. इसके अलावा बिहार सरकार ने उनके लिए नौकरी की घोषणा भी की है.

लेकिन इन सबके बावजूद   आज भी अपनी सब्जी की दुकान चलाते हैं. वह मिले पैसों से इसी दुकान को बड़ा करना चाहते हैं. एशियन गेम्स से पहले एक सम्मान समारोह में झंडू ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान खेल पर है और वह एशियन गेम्स में अच्छा प्रदर्शन कर देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं.

इनाम की रकम से दुकान बड़ी करेंगे

कांस्य पदक जीतने के बाद बिहार सरकार ने झंडू को 15 लाख रुपये दिए. वहीं, 27 जुलाई 2026 को आयोजित एक समारोह में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने उन्हें सम्मानित किया और 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया.

झंडू ने बताया कि बिहार सरकार ने उनके लिए नौकरी की घोषणा कर दी है. उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनके पास सब्जी की दुकान है और इनाम में मिले पैसों से वह अपनी दुकान को बड़ा करेंगे.

 

190 किलो वजन उठाकर जीता कांस्य

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में हिस्सा लिया था. उन्होंने अपने पहले प्रयास में 181 किलो वजन उठाया. इसके बाद दूसरे प्रयास में 190 किलो वजन उठाकर अपना स्कोर बेहतर किया.

झंडू ने तीसरे प्रयास में 196 किलो वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सके. इसके बावजूद 190 किलो के सफल प्रयास के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीत लिया. उनका पदक खास इसलिए भी रहा क्योंकि इसी के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पदक खाता खुला.

अब एशियन गेम्स में मेडल का लक्ष्य

झंडू कुमार की नजर अब पर है. वह यहां भी अच्छा प्रदर्शन कर मेडल जीतना चाहते हैं. इसके बाद उनकी तैयारी पैरालंपिक के लिए होगी. झंडू ने अपना अगला लक्ष्य भी तय कर लिया है. वह 232 किलो के रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं. कॉमनवेल्थ में 190 किलो उठाकर भारत को पहला पदक दिलाने के बाद अब वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने की तैयारी में हैं.

इस बार कम खिलाड़ी और कम इवेंट

पैरा-एथलेटिक्स के चीफ नेशनल कोच डॉ. सत्यनारायण शिमोगा को भी इस बार भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि पिछली बार   में पैरा भारतीय दल ने 111 पदक जीते थे. हालांकि इस बार खिलाड़ियों और खेलों की संख्या कम कर दी गई है. पिछली बार 300 से ज्यादा खिलाड़ियों ने 17 खेलों में हिस्सा लिया था, जबकि इस बार करीब 125 खिलाड़ी छह खेलों में हिस्सा लेंगे. इसके बावजूद भारतीय टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.

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