
जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में प्रशिक्षुता एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर जोर
धमतरी, रायपुर और दुर्ग की औद्योगिक इकाइयों ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने पर जताई सहमति
धमतरी, 16 सितंबर 2026। जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। युवाओं की तकनीकी दक्षता को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विकसित करने तथा उन्हें प्रशिक्षण के साथ कार्यस्थल का व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशिक्षुता (Apprenticeship) एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण (On-the-Job Training) को बढ़ावा देने, उद्योगों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में महाप्रबंधक श्री लोकपाल खांडेकर, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी श्री योगेश देवांगन, पॉलिटेक्निक महाविद्यालय रुद्री के प्राचार्य श्री मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य उपस्थित रहे। धमतरी के साथ-साथ रायपुर एवं दुर्ग जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी दूरस्थ माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र के साथ मिले कार्यस्थल का अनुभव : कलेक्टर
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है। विद्यार्थियों को केवल प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक औद्योगिक वातावरण में कार्य करने का अवसर दिया जाना आवश्यक है। उद्योगों में कार्यस्थल प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षुता के माध्यम से विद्यार्थियों को मशीनरी, उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों, कार्य अनुशासन एवं सुरक्षा मानकों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अपने-अपने ट्रेडवार विद्यार्थियों की सूची तैयार कर उनकी तकनीकी दक्षता एवं रुचि के अनुरूप औद्योगिक इकाइयों से समन्वय स्थापित करें। विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से जोड़ने के लिए संस्थानवार कार्ययोजना तैयार की जाए तथा प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षुता के लिए इच्छुक उद्योगों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों की आवश्यकता और आईटीआई में संचालित ट्रेड के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जाए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर मिल सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों के चयन, उद्योगों से समन्वय, प्रशिक्षण की अवधि तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रशिक्षुता एवं रोजगार की संभावनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और उसके परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाए। केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तक सीमित न रहते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य का अनुभव मिले और प्रशिक्षण के बाद अधिक से अधिक युवाओं को प्रशिक्षुता अथवा रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
औद्योगिक इकाइयों ने प्रशिक्षण के लिए जताई सहमति
बैठक में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने आईटीआई विद्यार्थियों को उनकी ट्रेड के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं कार्यस्थल का अनुभव उपलब्ध कराने के प्रति सकारात्मक रुख व्यक्त किया।
जयसवाल नेको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रायपुर के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी इकाई पहले से ही प्रधानमंत्री प्रशिक्षुता प्रोत्साहन प्रणाली के पोर्टल पर पंजीकृत है और इसके माध्यम से संबंधित सेवाओं का लाभ लिया जा रहा है।
इसी क्रम में शीटसोल प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरिश सुथार तथा वंदना ग्लोबल लिमिटेड, रायपुर के प्रतिनिधि श्री प्रेमकुमार उपवंशी ने भी उद्योगों में प्रशिक्षुता एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण की संभावनाओं पर चर्चा में सहभागिता की।
उरला औद्योगिक क्षेत्र संघ के उपाध्यक्ष श्री केडिया ने धमतरी जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में विभिन्न ट्रेड में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उद्योगों में कार्यस्थल प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रशिक्षुता से जोड़ने के लिए भी सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
इसी प्रकार बगौद के उद्योग, पीबीएस राइस मिल एवं एमएस फूड द्वारा भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षुता एवं कार्यस्थल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की गई।
स्थानीय उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच बनेगा मजबूत समन्वय
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में संचालित विभिन्न ट्रेड के विद्यार्थियों को धमतरी एवं आसपास की औद्योगिक इकाइयों से उनकी तकनीकी दक्षता के अनुरूप जोड़ा जाए। इससे विद्यार्थियों को अपनी ट्रेड से संबंधित कार्यों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में समझने और सीखने का अवसर मिलेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकताओं का आकलन कर आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं के कौशल विकास को उससे जोड़ा जाए। इससे एक ओर युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उद्योगों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सीटों एवं अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा प्रशिक्षुता से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जिले में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बीच प्रभावी कड़ी स्थापित करना है, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला प्रत्येक युवा अपनी दक्षता का उपयोग बेहतर रोजगार एवं आजीविका के अवसर प्राप्त करने में कर सके।









