
Odisha Cyclone Arnab : ओडिशा में मानसून विदाई से पहले अपने सबसे रौद्र रूप में आ गया है. बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना वेदर सिस्टम डीप डिप्रेशन में तब्दील होकर आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम और ओडिशा के गोपालपुर के बीच तट को पार कर चुका है.
हालांकि, हवा की रफ्तार 63 किमी/घंटे से नीचे रहने की वजह से यह चक्रवात ‘अर्नब’ की औपचारिक श्रेणी में नहीं बदला, लेकिन इसका प्रभाव किसी बड़े चक्रवाती तूफान से कम नहीं है.
24 सितंबर: ओडिशा के जिलों का वेदर मीटर
| जिला / क्षेत्र | मौसम का हाल | IMD अलर्ट लेवल | जरूरी हिदायत |
| कोरापुट, नवरंगपुर, मलकानगिरि, कालाहांडी | अत्यधिक भारी बारिश (20 सेमी से ज्यादा), तेज हवाएं | रेड अलर्ट (Take Action) | निचले इलाकों से दूर रहें, भूस्खलन का खतरा |
| रायगड़ा, गंजाम, गजपति, कंधमाल | भारी से बहुत भारी बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट | ऑरेंज अलर्ट (Be Prepared) | पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही से बचें |
| खुर्दा (भुवनेश्वर), कटक, पुरी, जगतसिंहपुर | रुक-रुक कर भारी बारिश और तेज हवाएं | येलो / ऑरेंज अलर्ट | अर्बन फ्लडिंग और जलभराव का ध्यान रखें |
| बलांगीर, संबलपुर, बरगढ़ | मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकना | येलो अलर्ट | खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न रुकें |
स्कूल-कॉलेज बंद, सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
हालात की गंभीरता को देखते हुए मलकानगिरि, कोरापुट, नवरंगपुर, खुर्दा, गंजाम, गजपति और रायगड़ा समेत संवेदनशील जिलों में 24 और 25 सितंबर तक स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.
कोरापुट और गंजाम जिला प्रशासन ने सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और मुख्यालय न छोड़ने का सख्त निर्देश दिया है. निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित चक्रवात शेल्टरों तथा स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया जा चुका है.
रेलवे का 24 घंटे कंट्रोल रूम और आवाजाही पर रोक
भारी बारिश के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) ने भुवनेश्वर स्थित ‘रेल सदन’ के अलावा खुर्दा रोड, संबलपुर और रायगड़ा में 24 घंटे काम करने वाले इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय किए हैं. संवेदनशील रेल ट्रैक्स, पुलों और सिग्नलों पर अतिरिक्त पेट्रोलिंग की जा रही है.
सड़क और जल परिवहन पर भी इसका असर पड़ा है. गंजाम और कंधमाल को जोड़ने वाले कलिंगा घाट मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई है. वहीं, चिल्का झील में सतपाड़ा और जाह्नीकुड़ा के बीच चलने वाली फेरी सेवा को 25 सितंबर तक के लिए रोक दिया गया है.
आज और कल के लिए IMD की आम लोगों को सलाह
मछुआरों को 24 और 25 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है.
आंधी और गरज-चमक के समय पुराने पेड़ों, बिजली के खंभों या होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें.
जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास से दूरी बनाकर रखें तथा यात्रा से पहले लाइव वेदर अपडेट जरूर देख लें.









