
धमतरी, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही बारिश एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ राहत शिविरों में ठहरे लोगों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसी क्रम में सलोनी स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया गया। शिविर में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं भोजन व्यवस्था संतोषजनक और व्यवस्थित पाई गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा प्रशासन की पूरी टीम के साथ सतत संपर्क में बने है । प्रभावित क्षेत्र का जायजा ले रहे है ।
राहत शिविर में प्रभावित परिवारों के लिए सुबह नाश्ते के साथ नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर परिसर में स्वच्छता एवं हाईजीन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके। रात्रि में भी शिविर में ठहरे लोगों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की गई।
आपदा के समय सेवा का उदाहरण बना राजस्व अमला
बाढ़ की सूचना मिलते ही कुकरेल तहसील के राजस्व अमले ने तत्परता दिखाते हुए प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभाली। तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की पूरी टीम ने दिन-रात मौके पर मौजूद रहकर प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं की जानकारी ली और राहत शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई।
राजस्व अमले के अधिकारी-कर्मचारी दोपहर करीब 12 बजे से देर रात 11 से 12 बजे तक लगातार राहत शिविर में डटे रहे। इस दौरान प्रभावित लोगों को शिविर में लाने, उनके ठहरने, भोजन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए लगातार समन्वय किया गया।
आपदा की कठिन परिस्थितियों में राजस्व अमले की यह तत्परता, निस्वार्थ सेवा, विभागीय निष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता प्रशासन की ‘पहले राहत, फिर अन्य कार्य’ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रभावित परिवारों के बीच रहकर उनकी जरूरतों को समझना और तत्काल सहायता उपलब्ध कराना राहत कार्यों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे तथा प्रभावित नागरिकों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता एवं सुरक्षित आश्रय सहित आवश्यक सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।









