
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और सीईओ जयंत नाहटा की पहल से छात्रावास स्तर पर नियमित अंग्रेजी संवाद कक्षाओं का संचालन
धमतरी, 29 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आकर शासकीय छात्रावासों में रहकर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा अब केवल पाठ्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि संवाद और आत्मविश्वास का माध्यम बन रही है। बच्चों की अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर करने, संवाद कौशल विकसित करने और उन्हें बदलती शैक्षणिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा छात्रावास स्तर पर नियमित ऑनलाइन इंग्लिश स्पीकिंग क्लासेस का संचालन शुरू किया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा की पहल से संचालित इस व्यवस्था के तहत विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को अंग्रेजी में बोलने और संवाद करने का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अनेक विद्यार्थी शैक्षणिक रूप से प्रतिभावान होते हैं, लेकिन अंग्रेजी में बातचीत करने के अवसर सीमित होने के कारण वे अपनी बात रखने में संकोच महसूस करते हैं। जिला प्रशासन ने इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी सीखने की प्रक्रिया को केवल पाठ्यपुस्तक और लिखित अभ्यास तक सीमित न रखकर व्यावहारिक संवाद एवं बोलचाल आधारित बनाया है। निर्धारित समय पर छात्रावासों में विद्यार्थी एक साथ ऑनलाइन कक्षा में शामिल होते हैं और विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में अंग्रेजी बोलने का अभ्यास करते हैं।
ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले अंग्रेजी शब्दों एवं वाक्यों के साथ-साथ सही उच्चारण, वाक्य निर्माण, प्रश्न पूछने, उत्तर देने और सामान्य परिस्थितियों में संवाद करने का अभ्यास कराया जा रहा है। विद्यार्थियों को अपनी बात अंग्रेजी में रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनमें भाषा को लेकर झिझक कम हो और नियमित अभ्यास के माध्यम से आत्मविश्वास विकसित हो।
इस पहल का उद्देश्य केवल अंग्रेजी भाषा का ज्ञान बढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल और अभिव्यक्ति क्षमता को मजबूत करना भी है। अंग्रेजी में सहज संवाद का अभ्यास विद्यार्थियों को आगे चलकर उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यावसायिक प्रशिक्षण, साक्षात्कार तथा रोजगार के विभिन्न अवसरों में उपयोगी साबित हो सकता है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में अंग्रेजी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान विद्यार्थियों के लिए संवाद और सीखने के नए अवसर खोलता है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को व्यक्त करने के लिए समान अवसर और उपयुक्त वातावरण मिले। छात्रावास स्तर पर नियमित इंग्लिश स्पीकिंग क्लास का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही अंग्रेजी संवाद के प्रति सहज बनाना और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करना है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने बताया कि छात्रावासों में ऑनलाइन कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं की उपलब्धता तथा कक्षाओं की नियमित मॉनिटरिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रयास है कि छात्रावास में निवासरत प्रत्येक विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो और अभ्यास के माध्यम से अपनी संवाद क्षमता में सुधार करे। इसके लिए छात्रावास अधीक्षकों को भी विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
ऑनलाइन कक्षाओं के शुरुआती दौर में ही विद्यार्थियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बच्चे छोटे-छोटे अंग्रेजी वाक्यों में आपस में बातचीत करने, कक्षा में प्रश्न पूछने और अपनी बात अंग्रेजी में रखने का प्रयास कर रहे हैं। नियमित अभ्यास से उनकी झिझक कम हो रही है और कक्षा में सहभागिता बढ़ रही है।
छात्रावासों में शुरू की गई यह पहल किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर संवाद, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि शासकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऐसे अतिरिक्त अवसर भी मिलें, जो उन्हें भविष्य की शैक्षणिक, प्रतियोगी और रोजगारपरक चुनौतियों के लिए तैयार कर सकें।









