
गर्मी में पानी की चिंता से राहत, घर बैठे मिल रहा स्वच्छ पेयजल
घर में पानी पहुंचने से समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है रू-आँचल यादव
कोरबा 01 अक्टूबर 2026/हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की पहल से ग्रामीण परिवारों के लिए पानी की उपलब्धता आसान हो रही है। ग्राम कपोट, विकासखंड पाली की श्रीमती आँचल यादव के घर में जल जीवन मिशन के तहत टेपनल के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। इससे रोजमर्रा के कामों के लिए पानी जुटाने में लगने वाला समय और श्रम बच रहा है तथा परिवार को घर पर ही साफ-सुथरा पानी उपलब्ध हो रहा है।
श्रीमती आँचल यादव बताती हैं कि पहले गांव में पानी की व्यवस्था एक बड़ी चिंता बनी रहती थी। गर्मी के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती थी। घर से दूर जाकर पानी भरकर लाना पड़ता था, जिसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। बरसात के दौरान पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता रहती थी। शाम या रात में अचानक पेयजल की जरूरत पड़ने पर बाहर जाकर पानी लाना असुविधाजनक होता था।
वे अपने अनुभव के बारे में बताती हैं, “पहले पानी के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ जाती थी और कई बार पानी लाने में काफी समय निकल जाता था। अब घर में ही टेपनल से पानी मिल रहा है। पीने और खाना बनाने के साथ निस्तारी के काम के लिए भी पानी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जरूरत पड़ने पर रात में भी बाहर जाने की परेशानी नहीं रहती।”
घर तक स्वच्छ जल की उपलब्धता से परिवार को दूषित पानी के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत मिली है। पहले बरसात के मौसम में डायरिया जैसी बीमारियों को लेकर चिंता बनी रहती थी। अब साफ पानी मिलने से परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर संतोष बढ़ा है। पानी लाने में खर्च होने वाला समय बचने से घरेलू कार्यों को पूरा करने के लिए भी अधिक सुविधा मिल रही है।
श्रीमती आँचल यादव जल जीवन मिशन की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहती हैं, “सरकार की इस योजना से हमारे घर तक पानी पहुंचा है। अब पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और रोज के काम आसानी से हो जाते हैं। स्वच्छ पानी की सुविधा मिलने से परिवार को बहुत राहत मिली है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करती हूं।”
क्रमांक 1231/कमलज्योति/फोटो क्रमांक – 6
//समाचार//
’सिलाई का हुनर बना कमाई का जरिया, अंत्योदय योजना से मनीषा हुईं आत्मनिर्भर’
“’सिलाई का काम आता था, योजना से अपने काम को शुरू करने का मौका मिला” – मनीषा’
कोरबा 01 अक्टूबर 2026/
अंत्योदय स्वरोजगार योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस सहयोग से अपने हुनर के आधार पर काम शुरू करने की इच्छा रखने वाले लोगों को घर से ही आय का साधन विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कोरबा जिले के रजगामार की मनीषा ने इसी योजना का लाभ लेकर अपने सिलाई के हुनर को स्वरोजगार में बदल लिया है।
मनीषा सिलाई का काम जानती थीं और लंबे समय से घर पर ही सिलाई सेंटर शुरू करना चाहती थीं। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण यह इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उन्हें अंत्यावसायी विभाग के माध्यम से संचालित अंत्योदय स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। कार्यालय से योजना की पात्रता, ऋण एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेने के बाद उन्होंने आवेदन किया।
योजना के तहत उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। साथ ही शासकीय अनुदान के तहत 10 हजार का छूट भी उन्हें प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने सिलाई मशीन लेकर घर पर ही अपना काम शुरू किया। अब वे सिलाई के साथ कढ़ाई और पीको-फॉल का काम भी करती हैं। गांव के लोग नियमित रूप से कपड़े सिलवाने के लिए उनके पास आते हैं। इससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5 से 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
मनीषा अपने अनुभव साझा करते हुए कहती हैं, “मैं पहले से सिलाई का काम जानती थी और अपना सिलाई सेंटर शुरू करना चाहती थी, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण शुरुआत नहीं कर पा रही थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद आवेदन किया और ऋण से सिलाई मशीन लेकर काम शुरू किया। अब घर पर ही काम मिल रहा है और हर महीने आमदनी भी हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने में मदद मिल रही है।”
घर से शुरू हुए इस काम ने मनीषा को अपनी आय का साधन दिया है। नियमित ग्राहकों के मिलने से उनका काम आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले की अपेक्षा सुदृढ़ हो रही है। मनीषा ने स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।









