
‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए आवास की चाबी, चेहरे पर खिली खुशी
*कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की हुई शुरुआत*
रायपुर, 03 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मान का आधार बन रही है। जीपीएम जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम बस्ती बगरा निवासी श्रीमती सुकनी बाई के लिए भी यह योजना अपने पक्के घर का वर्षों पुराना सपना पूरा करने वाली साबित हुई है। कभी मिट्टी के कच्चे मकान में कठिनाइयों के बीच जीवन गुजारने वाला उनका परिवार अब अपने पक्के और सुरक्षित आवास में सुकून से रह रहा है।
श्रीमती सुकनी बाई का परिवार पहले मिट्टी के कच्चे मकान में निवास करता था। बारिश के दिनों में मकान की स्थिति खराब हो जाती थी और परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बारिश और मौसम की मार के बीच घर की मजबूती और परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्हें हमेशा चिंता बनी रहती थी। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण स्वयं पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत श्रीमती सुकनी बाई के आवास को स्वीकृति मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई। योजना के माध्यम से उनका पक्का आवास बनकर तैयार हुआ। वर्षों से संजोया अपना घर होने का सपना जब हकीकत में बदला तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नए आवास ने उन्हें केवल मजबूत छत ही नहीं दी, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन का भरोसा भी दिया है।
इस खुशी को और खास बनाया ‘सेवा सेतु—सरकार आपके द्वार’ अभियान के तहत ग्राम बस्ती बगरा में आयोजित शिविर ने। शिविर के दौरान श्रीमती सुकनी बाई को उनके नवनिर्मित पक्के आवास की चाबी सौंपी गई। अपने घर की चाबी हाथ में पाकर उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी।
श्रीमती सुकनी बाई ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कच्चे मकान में रहते हुए बरसात के दिनों में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब पक्का घर बन जाने से परिवार सुरक्षित और निश्चिंत महसूस कर रहा है।
सुकनी बाई की यह कहानी बताती है कि पक्का आवास किसी परिवार के लिए केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नींव भी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका वर्षों पुराना सपना आज अपने घर की खुशियों में बदल गया है।









