
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने युवाओं से किया नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
शिक्षा, शोध, नवाचार एवं क्षेत्रीय विकास के प्रति विश्वविद्यालय ने दोहराई प्रतिबद्धता
अम्बिकापुर 04 अक्टूबर 2026/ संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा, अम्बिकापुर का 19वां स्थापना दिवस समारोह रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, प्रशासनिक भवन परिसर, दर्रीपारा में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, विकास कार्यों, नवाचारों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने की। नगर निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं संत गहिरा गुरु जी के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर राज्यगीत एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत का गायन किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से अतिथियों का राजकीय पट्टा, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
’संत गहिरा गुरु जी के आदर्शों को आत्मसात कर आगे बढ़े विश्वविद्यालय-सांसद श्री चिंतामणि महाराज’
मुख्य अतिथि सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि संत गहिरा गुरु जी के आदर्शों, विचारों एवं समाज सुधार के संदेशों को आत्मसात करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति तथा शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम महान संत एवं समाज सुधारक संत गहिरा गुरु जी के नाम पर होना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय को उनके आदर्शों के अनुरूप शिक्षा, संस्कार, सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देना चाहिए।
सांसद श्री महाराज ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने संत गहिरा गुरु जी एवं गुरु माता से जुड़े अनेक प्रेरणादायी एवं स्मरणीय प्रसंग साझा करते हुए उनके जीवन दर्शन, आध्यात्मिक विचारों तथा समाज में नैतिकता, सेवा, सद्भाव और संस्कारों की स्थापना के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
’युवा नशे से दूर रहकर समाज को भी करें जागरूक’
सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र और समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे तो समाज और राष्ट्र का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने मित्रों एवं आसपास के लोगों को जागरूक करने और नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, जागरूक एवं संस्कारवान नागरिक का निर्माण करना भी है।
’गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा विश्वविद्यालय की प्राथमिकता-कुलपति प्रो. लाकपाले’
कुलपति प्रो. राजेंद्र लाकपाले ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों, वर्तमान गतिविधियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, कौशल आधारित एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ शोध, नवाचार, कौशल विकास और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका को लगातार सशक्त कर रहा है।
विशिष्ट अतिथि महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विचार रखे। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं विकास कार्यों की सराहना करते हुए नगर निगम की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया।
’शिक्षा, शोध एवं नवाचार के नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान’
19वें स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह विश्वविद्यालय की अब तक की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों को स्मरण करने के साथ भविष्य की प्राथमिकताओं एवं नए संकल्पों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बना।
कार्यक्रम के अंत में उप-कुलसचिव श्री प्रवीण कुमार अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके पश्चात ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ समारोह का समापन हुआ। स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा समारोह के संयोजक एवं फार्मेसी शिक्षण विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. रोहितास देशमुख के निर्देशन में तैयार की गई।
स्थापना दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास एवं सरगुजा संभाग के शैक्षणिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त किया।








