Ro no D15139/23

(अम्बिकापुर समाचार ) सरगुजा की जीवनदायिनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी किसानों का सहारा, 63 गांवों को मिल रहा सिंचाई के लिए पानी

236 किलोमीटर लंबी नहरों के नेटवर्क से खेतों तक पहुंच रहा पानी, अल्प वर्षा के दौरान भी किसानों को मिली राहत
23.81 करोड़ रुपए की लागत से नहरों का जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण, अम्बिकापुर शहर की पेयजल आपूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका


अम्बिकापुर 08 अक्टूबर 2026/
  सरगुजा जिले की जीवनदायिनी कही जाने वाली श्याम घुनघुट्टा परियोजना किसानों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ अम्बिकापुर शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। परियोजना के अंतर्गत 236 किलोमीटर में फैली नहरों के माध्यम से जिले के 63 गांवों तक कृषि कार्यों के लिए पानी पहुंचाया जा रहा है। नहरों के जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य से सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिली है। विशेष रूप से अल्प वर्षा के दौरान परियोजना से उपलब्ध पानी किसानों के लिए राहत का माध्यम बना है।

35 वर्ष पुरानी नहरों का हुआ जीर्णोद्धार, सिंचाई व्यवस्था हुई मजबूत
जल संसाधन संभाग क्रमांक-01, अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्याम घुनघुट्टा परियोजना लगभग 35 वर्ष पुरानी है। लंबे समय से संचालित इस परियोजना की नहरों में कई स्थानों पर दरारें पड़ने तथा जलीय जीव-जंतुओं द्वारा बिल बनाए जाने के कारण नहरों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती थी। इससे पानी का प्रवाह प्रभावित होता था और वर्षा के समय किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में कठिनाई होती थी।

इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा नहरों के जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य की योजना तैयार की गई। इसके तहत 08 मार्च 2019 को 2381.84 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई। स्वीकृत राशि से नहरों का जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण कराया गया, जिससे नहरों की स्थिति में सुधार हुआ और सिंचाई के लिए जल प्रवाह की व्यवस्था बेहतर हुई।

अल्प वर्षा के दौरान 63 गांवों के किसानों को मिला सिंचाई का सहारा
वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में सरगुजा जिले में अल्प वर्षा के कारण किसानों के सामने खेती के लिए पानी की समस्या उत्पन्न हो गई थी। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। ऐसे समय में श्याम घुनघुट्टा परियोजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित हुई।

परियोजना की 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के माध्यम से जिले के 63 गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया गया। इससे किसानों को कृषि कार्य जारी रखने में सहायता मिली। वर्षा की कमी के बीच नहरों से पानी मिलने पर किसानों ने राहत महसूस की। परियोजना ने अल्प वर्षा की स्थिति में भी कृषि के लिए जल उपलब्ध कराने में अपनी उपयोगिता साबित की।

सिंचाई के साथ अम्बिकापुर शहर की प्यास भी बुझा रही परियोजना
श्याम घुनघुट्टा परियोजना केवल कृषि सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति का भी प्रमुख स्रोत है। परियोजना से नगर निगम अम्बिकापुर को अमृत योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस जल का उपयोग शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए किया जा रहा है। इस प्रकार परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं के साथ शहरी क्षेत्र में नागरिकों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

जल संसाधनों के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन से किसानों को लाभ
नहरों के जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य से पुरानी नहर प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिली है। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत से जल वितरण व्यवस्था में सुधार हुआ है। इससे उपलब्ध जल का उपयोग सिंचाई के लिए अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा रहा है।

श्याम घुनघुट्टा परियोजना सरगुजा जिले में कृषि और पेयजल व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है। एक ओर नहरों के माध्यम से 63 गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो रही है, वहीं दूसरी ओर अम्बिकापुर शहर को पेयजल आपूर्ति के लिए जल प्राप्त हो रहा है।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत श्याम घुनघुट्टा परियोजना की यह उपलब्धि जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उदाहरण है। परियोजना से किसानों को कृषि कार्यों के लिए पानी उपलब्ध कराने के साथ आम नागरिकों की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिल रही है।

  
सेवा की कहानीः डबरी के गहरीकरण से बाबूनाथ की खेती को मिला सहारा, सब्जी उत्पादन और मछली पालन से बढ़े आजीविका के अवसर
डबरी में जल संग्रहण से सिंचाई की सुविधा हुई बेहतर, साग-सब्जी की खेती से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मिल रही मदद
मछली पालन से भी मिल रहा लाभ, बाबूनाथ बोले- आजीविका डबरी की मरम्मत से खेती-किसानी के लिए मिला बड़ा सहारा

अम्बिकापुर 08 अक्टूबर 2026/   ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विकास से किसानों को खेती-किसानी के साथ आजीविका के अतिरिक्त अवसर मिल रहे हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत डबरी निर्माण एवं गहरीकरण जैसे कार्य किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ऐसी ही कहानी ग्राम अम्बिकापुर विकासखंड के ससकालो निवासी किसान श्री बाबूनाथ की है। डबरी का गहरीकरण होने से उन्हें सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है। इसके सहारे वे साग-सब्जी की खेती कर रहे हैं। साथ ही डबरी में मछली पालन से भी उन्हें लाभ मिल रहा है।

डबरी के गहरीकरण से बढ़ी जल संग्रहण क्षमता, खेती के लिए मिला पानी
श्री बाबूनाथ बताते हैं कि उनकी डबरी का गहरीकरण एवं मरम्मत कार्य कराया गया है। इससे डबरी में पानी संग्रहित करने की सुविधा बेहतर हुई है। अब वे इस पानी का उपयोग साग-सब्जी की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। पहले सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता को लेकर परेशानी होती थी, लेकिन डबरी का गहरीकरण होने के बाद खेती-किसानी में सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि डबरी में पानी उपलब्ध होने से साग-भाजी की खेती कर पा रहे हैं। इससे परिवार के लिए आवश्यक सब्जियां मिल जाती हैं और बाजार पर निर्भरता भी कम हुई है।

सब्जी उत्पादन से निकल रहा खेती का खर्च, परिवार को मिल रही राहत
बाबूनाथ बताते हैं कि डबरी के पानी से उगाई जा रही साग-सब्जियों से परिवार की घरेलू जरूरतें पूरी हो रही हैं। आवश्यकता के अनुसार सब्जियों को बाजार तक भी पहुंचाया जाता है। वे स्वयं बाजार जाते हैं और जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भेजते हैं।

सब्जी उत्पादन से होने वाली आमदनी खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मददगार बन रही है। बाबूनाथ का कहना है कि डबरी में पानी उपलब्ध रहने से वे नियमित रूप से साग-सब्जी उगा पा रहे हैं, जिससे परिवार के खानपान के साथ आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग मिल रहा है।

डबरी में मछली पालन से आजीविका का अतिरिक्त साधन
डबरी के गहरीकरण के बाद उसमें मछली बीज भी डाले गए हैं। इससे बाबूनाथ को खेती के साथ मछली पालन का अवसर मिला है। डबरी का उपयोग अब केवल सिंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि आजीविका की अन्य गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है।

बाबूनाथ बताते हैं कि डबरी से उन्हें कई तरह के लाभ मिल रहे हैं। एक ओर पानी से साग-सब्जियों की खेती हो रही है, वहीं दूसरी ओर मछली पालन से भी परिवार को लाभ मिल रहा है। इससे उपलब्ध जल संसाधन का बेहतर उपयोग हो रहा है।

डबरी से मिला सिंचाई का साधन, बाबूनाथ ने साझा किया अनुभव
श्री बाबूनाथ ने बताया, ‘‘मेरी डबरी का गहरीकरण कराया गया है। उसमें मछली भी डाली गई है। अब डबरी के पानी से साग-सब्जी उगाता हूं। घर में खाने-पीने के लिए सब्जियां मिल जाती हैं। सब्जी से खेती का खर्च भी निकल रहा है। डबरी से सिंचाई का अच्छा साधन मिल गया है। इससे मुझे बहुत फायदा हुआ है।’

उन्होंने कहा कि डबरी का गहरीकरण किसानों के लिए लाभकारी है। इससे खेती के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित करने में भी सुविधा मिलती है।

श्री बाबूनाथ ने डबरी के गहरीकरण एवं सिंचाई सुविधा मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबरी की मरम्मत से उन्हें खेती-किसानी के लिए पानी का साधन मिला है। इससे सब्जी उत्पादन और मछली पालन में मदद मिल रही है।

  • Related Posts

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में स्वास्थ्य शिक्षा को नई सौगात, कंडोरा में शुरू होगा फिजियोथेरेपी कॉलेज

    *50 सीटों के साथ इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश शुरू करने की तैयारी, जिले के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर मिलेगी व्यावसायिक शिक्षा*   *1.10 करोड़ रुपये की लागत से…

    Read more

    विशेष लेख: सरगुजा की जीवनदायिनी श्याम घुनघुट्टा परियोजना बनी अन्नदाताओं का सहारा, 63 गांवों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी

    *सेवा संकल्प अभियान*   *236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली से किसानों को मिल रही सिंचाई सुविधा, अल्प वर्षा के दौरान भी खेती के लिए उपलब्ध हुआ पानी*   *23.81 करोड़…

    Read more

    NATIONAL

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    Explained: CEC के खिलाफ आंदोलन में AAP ने INDIA गठबंधन से क्यों बनाई दूरी?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित – स्मृति इरानी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के सेवा, सुशासन और समर्पण के 25 वर्ष देश को समर्पित –  स्मृति इरानी

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    चुनाव आयोग के खिलाफ CJP और INDIA गठबंधन का आंदोलन: मुद्दा एक, रास्ता अलग; जानिए दोनों में क्या है समानता और अंतर

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    गुजरात CM से तीसरी बार प्रधानमंत्री तक, सरकार के मुखिया के तौर पर PM मोदी के 25 साल पूरे

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस

    राहुल-प्रियंका के आकाशवाणी भवन में घुसने पर FIR, इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद एक्शन में दिल्ली पुलिस