Ro no D15139/23

(अम्बिकापुर समाचार)PM-AASHA के तहत दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन की तिथियां घोषित किसानों से समय पर पंजीयन कराने और निर्धारित तिथियों में फसल बेचने की अपील

 

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/   उपसंचालक कृषि ने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत जिले में अधिसूचित दलहनी एवं तिलहनी फसलों के उपार्जन की अवधियां और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर दिए गए हैं। शासन द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन की विभिन्न फसलों की सरकारी खरीदी निर्धारित समयावधि में की जाएगी।

फसलवार उपार्जन अवधि और समर्थन मूल्य-
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अरहर (तुअर) की खरीदी 15 फरवरी 2027 से 15 मई 2027 तक की जाएगी। इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
वहीं, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन का उपार्जन 1 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इन फसलों का समर्थन मूल्य क्रमशः मूंग के लिए 8,780 रुपये, उड़द के लिए 8,200 रुपये, मूंगफली के लिए 7,517 रुपये और सोयाबीन के लिए 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
चना एवं मसूर की खरीदी 1 मार्च 2027 से 30 मई 2027 तक होगी। चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,875 रुपये तथा मसूर का 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
इसी तरह सरसों का उपार्जन 15 फरवरी 2027 से 15 मई 2027 तक किया जाएगा। सरसों के लिए समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

जिले में सात उपार्जन केंद्र अधिसूचित-
जिले में उपार्जन के लिए दरिमा, कुन्नी, चांदो (लखनपुर), उदयपुर, ससौली, राजापुर और कमलेश्वरपुर केंद्र अधिसूचित किए गए हैं। किसान निर्धारित अवधि के दौरान इन केंद्रों के माध्यम से अपनी अधिसूचित फसलों का विक्रय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कर सकेंगे।

एकीकृत किसान पोर्टल पर होगा पंजीयन-
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की सहायता से अथवा संबंधित सेवा सहकारी समिति में आवश्यक दस्तावेज जमा कर पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन के लिए ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ संबंधित सेवा सहकारी समिति में जमा करनी होगी। इसके साथ एग्रीस्टैक पंजीयन कराना भी अनिवार्य बताया गया है।

समय पर पंजीयन कराने की अपील-
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों की उपार्जन अवधि का ध्यान रखते हुए समय पर पंजीयन कराएं और निर्धारित तिथियों में संबंधित उपार्जन केंद्रों पर अपनी उपज लेकर पहुंचें, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।

 
होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज में मतदाता पंजीकरण शिविर आयोजित, छात्राओं को किया जागरूक
स्वीप कार्यक्रम के तहत छात्राओं को मतदाता पंजीकरण की दी गई जानकारी, निष्पक्ष मतदान की दिलाई शपथ

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/   भारत निर्वाचन आयोग के सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को होली क्रॉस वीमेंस कॉलेज, अम्बिकापुर में मतदाता पंजीकरण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सिस्टर शांता जोसेफ के मार्गदर्शन एवं स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. तृप्ति पांडेय के नेतृत्व में आयोजित शिविर का उद्देश्य 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी छात्राओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
शिविर में छात्राओं को मतदाता पंजीकरण की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रक्रिया, फॉर्म-6 भरने की विधि तथा वोटर हेल्पलाइन ऐप के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डॉ. तृप्ति पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में प्रत्येक मतदाता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक-एक वोट लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता है, इसलिए प्रत्येक पात्र युवा को मतदाता के रूप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से अन्य पात्र नागरिकों को भी मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक मतदाता पंजीकरण कराया तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्भीक मतदान की शपथ ली। प्राचार्या डॉ. सिस्टर शांता जोसेफ ने छात्राओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहते हुए सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया। शिविर के सफल आयोजन में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों का सक्रिय सहयोग रहा।

 
 
’सेवा संकल्प अभियान-2026’
सेवा की कहानी: धान की परंपरागत खेती छोड़ गन्ने की खेती की ओर बढ़े किसान बालक दास
कृषि विभाग की सलाह पर एक एकड़ में शुरू की गन्ने की खेती, फसल विविधीकरण की दिशा में बढ़ाया कदम
कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलने की जानकारी से किसान में उत्साह


अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/  
किसानों को परंपरागत खेती के साथ अन्य फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में कृषक उन्नति योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और शासन की प्रोत्साहन व्यवस्था से किसान अब धान की खेती के स्थान पर अन्य फसलों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। सरगुजा जिले के किसान बालक दास ने भी इस दिशा में पहल करते हुए इस वर्ष एक एकड़ भूमि में धान के स्थान पर गन्ने की खेती शुरू की है। कृषि विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी और प्रोत्साहन ने उन्हें खेती के पुराने तौर-तरीकों में बदलाव करने के लिए प्रेरित किया है।

’कृषि विभाग की सलाह से लिया फसल बदलने का निर्णय’

अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सरईटिकरा के रहने वाले किसान बालक दास ने बताया कि वे प्रतिवर्ष अपने खेत में धान की खेती करते थे। लंबे समय से धान उत्पादन से जुड़े रहने के कारण वे इसी फसल की खेती करते आ रहे थे। इस वर्ष कृषि विभाग के अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती करने के संबंध में जानकारी दी। अधिकारियों ने उन्हें गन्ने की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि के बारे में भी बताया।

बालक दास ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों की सलाह पर उन्होंने इस वर्ष अपनी एक एकड़ भूमि में धान के स्थान पर गन्ने की फसल लगाई है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों से मिले मार्गदर्शन के बाद उन्हें खेती में बदलाव करने का प्रोत्साहन मिला। इसी के आधार पर उन्होंने गन्ने की खेती करने का निर्णय लिया।

’एक एकड़ में गन्ने की खेती, 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि’

बालक दास ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी थी कि धान के स्थान पर गन्ने की खेती करने पर कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सकती है। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने एक एकड़ में गन्ने की खेती शुरू की है। अब उन्हें योजना के प्रावधानों और पात्रता के अनुसार प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा किसानों को अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना अच्छी पहल है। इससे किसानों को परंपरागत फसलों के अतिरिक्त दूसरी फसलों की खेती करने के लिए प्रेरणा मिल रही है। आर्थिक प्रोत्साहन की व्यवस्था किसानों को फसल विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।

’फसल विविधीकरण से खेती में नए अवसरों की ओर बढ़ रहे किसान’
कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत किसानों को धान के अलावा अन्य उपयुक्त फसलों की खेती के संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के नए विकल्पों से जोड़ना और कृषि क्षेत्र में विविधता को बढ़ावा देना है।

बालक दास का प्रयास इसी दिशा में एक उदाहरण है। उन्होंने वर्षों से की जा रही धान की खेती के स्थान पर गन्ने की फसल अपनाकर बदलाव की पहल की है। कृषि विभाग का मार्गदर्शन और प्रोत्साहन राशि की जानकारी उनके इस निर्णय में सहायक बनी है। उनका यह प्रयास अन्य किसानों को भी अपनी भूमि एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक फसलों की खेती पर विचार करने के लिए प्रेरित करेगा है।

’किसान बालक दास ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’
किसान बालक दास ने बताया कि कृषक उन्नति योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों के हित में संचालित योजनाओं और कृषि विभाग द्वारा दिए जा रहे मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, राज्य शासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

बालक दास की यह पहल दर्शाती है कि विभागीय मार्गदर्शन और योजनाओं की जानकारी किसानों को खेती में नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। धान के स्थान पर गन्ने की खेती अपनाकर उन्होंने फसल विविधीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया है।

 
 
सेवा की कहानी: महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सुप्रिया, स्वरोजगार से बदली परिवार की तकदीर
छत्तीसगढ़ महिला कोष से दो लाख रुपये का ऋण लेकर शुरू किया टेंट हाउस व्यवसाय, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं परिवार का आर्थिक संबल, पति को मिला रोजगार और बच्चों की शिक्षा को नई दिशा

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/   महिला सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की महिला बाल विकास विभाग की छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है। इसकी एक प्रेरक मिसाल अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर की सुप्रिया हैं, जिन्होंने आर्थिक कठिनाइयों से संघर्ष करते हुए स्वयं का व्यवसाय स्थापित किया और परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी। भाग्यलक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य सुप्रिया ने छत्तीसगढ़ महिला कोष से दो लाख रुपये का ऋण लेकर टेंट हाउस व्यवसाय शुरू किया। आज वे न केवल परिवार की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने पति को भी रोजगार उपलब्ध कराने के साथ बच्चों की बेहतर शिक्षा का सपना साकार कर रही हैं। अपनी मेहनत और व्यवसाय से हुई आय के बल पर उन्होंने ऋण की पूरी राशि भी चुका दी है।

’स्व-सहायता समूह से जुड़कर मिली आत्मनिर्भर बनने की राह’
सुप्रिया बताती हैं कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पति बेरोजगार थे और दो बच्चों की पढ़ाई सहित घर की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा था। आर्थिक तंगी के बीच वे परिवार की परिस्थितियां बदलना चाहती थीं, लेकिन संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। भाग्यलक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें शासकीय योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर छत्तीसगढ़ महिला कोष ऋण योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को नई दिशा दी।

सुप्रिया ने ऋण राशि से टेंट हाउस व्यवसाय की शुरुआत की। उनके इस निर्णय से परिवार को आय का नया साधन मिला और बेरोजगार पति भी व्यवसाय से जुड़कर रोजगार प्राप्त करने लगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होने से अब वे अपने दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी बेहतर ढंग से उठा पा रही हैं।

’दो लाख का ऋण चुकाकर साबित की अपनी क्षमता’
सुप्रिया ने व्यवसाय संचालित करने के साथ दो लाख रुपये का पूरा ऋण चुका दिया है। उनकी यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण का उदाहरण है, जहां एक महिला ने आर्थिक चुनौतियों के बीच स्वयं आगे बढ़कर न केवल रोजगार का साधन विकसित किया, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक मजबूती प्रदान की।

सुप्रिया कहती हैं, “पहले हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। पति बेरोजगार थे और बच्चों को पढ़ाने में भी परेशानी होती थी। समूह से जुड़ने के बाद मुझे योजनाओं की जानकारी मिली। छत्तीसगढ़ महिला कोष से दो लाख रुपये का ऋण लेकर टेंट हाउस शुरू किया। आज हमारा परिवार आर्थिक रूप से पहले से बेहतर स्थिति में है। पति को भी रोजगार मिला है और बच्चों की पढ़ाई अच्छे से हो रही है। मैंने पूरा ऋण भी चुका दिया है।”

सुप्रिया ने इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपनी पहचान बनाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने का अवसर दिया।

महिलाओं को सही अवसर, आर्थिक संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव की मजबूत आधारशिला भी बन सकती हैं।

 
 
’सेवा संकल्प अभियान-2026’
सेवा की कहानी: महतारी वंदन योजना से सुमारी सिंह को मिला आर्थिक संबल, दूसरों पर निर्भरता हुई कम
हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतें कर रहीं पूरी
नियमित आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास, छोटी जरूरतों के लिए अब नहीं मांगने पड़ते पैसे’

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/    महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर की रहने वाली सुमारी सिंह के जीवन में भी इस योजना से सकारात्मक बदलाव आया है। पहले बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों से आर्थिक मदद लेनी पड़ती थी, लेकिन अब प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि से वे स्वयं इन खर्चों को पूरा कर रही हैं।

सुमारी सिंह बताती हैं कि पहले घर की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी पैसों की व्यवस्था करना मुश्किल होता था। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़े खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद उन्हें इस परेशानी से काफी राहत मिली है। नियमित आर्थिक सहायता से वे अपनी जरूरतों के अनुसार राशि का उपयोग कर पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजना से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है। अब आवश्यक खर्चों के लिए बार-बार किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में सुविधा होने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

सुमारी सिंह का अनुभव बताता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को दैनिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता से राहत दिलाने के साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी भी मजबूत कर रही है।

सरस्वती महाविद्यालय में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित
युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने किया गया प्रेरित, नवीन मतदाताओं से भरवाए गए फॉर्म-6

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/ भारत निर्वाचन आयोग के व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम के अंतर्गत सरस्वती महाविद्यालय, सुभाषनगर, अम्बिकापुर में मतदाता जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के पात्र छात्र-छात्राओं को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया गया तथा नवीन मतदाताओं के पंजीयन हेतु फॉर्म-6 भरवाए गए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मताधिकार के महत्व, मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया एवं लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भूमिका के संबंध में जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान विशेष रूप से 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र छात्र-छात्राओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को जागरूक एवं जिम्मेदार मतदाता बनकर लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान देने का संदेश दिया गया।
स्वीप कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीयन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

 
खरीफ 2026 की समीक्षा एवं रबी 2026-27 की कार्ययोजना निर्धारण के लिए संभाग स्तरीय बैठक 22 अक्टूबर को

अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/ कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2026 की प्रगति की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2026-27 के कार्यक्रम निर्धारण के लिए सरगुजा संभाग स्तरीय बैठक का आयोजन 22 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, अम्बिकापुर में किया जाएगा।

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