
अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/ मेहनत, लगन और शासकीय योजनाओं का समुचित लाभ किस तरह ग्रामीण परिवारों की आजीविका को नई दिशा दे सकता है, इसकी प्रेरक मिसाल हैं सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम लोसंगी की निवासी अंजोला एक्का। कभी परिवार की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित रहा उनका बकरी पालन आज अतिरिक्त और नियमित आय का मजबूत साधन बन गया है। छत्तीसगढ़ शासन की नर बकरा वितरण योजना और पशुधन विकास विभाग के सहयोग से उनके पारंपरिक व्यवसाय को नई पहचान मिली है।
अंजोला एक्का पहले स्थानीय नस्ल की बकरियों का पालन करती थीं। इनका वजन कम होने के कारण बिक्री से अपेक्षाकृत कम आमदनी होती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उन्हें उन्नत नस्ल के बकरे की आवश्यकता महसूस हुई। इसी दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की नर बकरा वितरण योजना की जानकारी मिली। योजना का लाभ लेते हुए उन्होंने अपनी पसंद से उन्नत नस्ल का बकरा खरीदा, जिसके लिए शासन की ओर से उन्हें 4 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। यह सहायता उनके लिए महज आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि बकरी पालन को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
बकरी पालन में पशुओं को बीमारियों से सुरक्षित रखना भी उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी। पशुधन विकास विभाग द्वारा नियमित रूप से कृमिनाशक दवा पान तथा पीपीआर और एंटरोटॉक्सिमिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किए जाने से उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल में मदद मिली। विभागीय सहयोग से पशुओं की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता कम हुई और वे बकरी पालन को अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने लगीं।
आज अंजोला एक्का के पास कुल 15 बकरा-बकरी हैं। उन्नत नस्ल के बकरे से बड़े आकार के बच्चे पैदा होने लगे हैं, जिससे उनके पशुधन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसका सकारात्मक परिणाम उनकी आमदनी में भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने पिछले वर्ष बकरियां बेचकर 65 हजार रुपये की कमाई की। उनके उन्नत नस्ल के बकरे से आसपास के पशुपालकों की बकरियों में भी बेहतर नस्ल के बच्चे पैदा होने लगे हैं। इस तरह उनके प्रयासों का लाभ उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र में उन्नत नस्ल के बकरी पालन को भी प्रोत्साहन मिला है।
अंजोला एक्का की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक पशुपालन को आय के बेहतर साधन में बदला जा सकता है। नर बकरा वितरण योजना ने उन्हें अपने पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर दिया है। आज बकरी पालन उनके लिए परिवार की जरूरतों को पूरा करने का साधन होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का माध्यम भी बन गया है। उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण महिलाओं और पशुपालकों को स्वरोजगार अपनाने तथा अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की प्रेरणा देती है।
अम्बिकापुर 14 अक्टूबर 2026/ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पक्के मकान के सपने को साकार करने में सहायक बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो रहा है। इसी क्रम में अम्बिकापुर के घुटरापारा निवासी स्नेहलता गुप्ता के परिवार को भी योजना का लाभ मिला है।
स्नेहलता गुप्ता ने बताया कि उनके परिवार में पति-पत्नी और तीन बच्चों सहित कुल पांच सदस्य हैं। उनके पति ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण परिवार के लिए स्वयं का पक्का मकान बनाना मुश्किल था। पहले शौचालय और स्नानघर जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में स्वयं के पक्के मकान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस हो रही थी।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत आवेदन करने के बाद उनका आवास स्वीकृत हुआ। इससे पक्के आवास की व्यवस्था करने में मदद मिली है।
स्नेहलता ने बताया कि पहले परिवार को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पक्का मकान मिलने से रहने की व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि सीमित आमदनी में परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ मकान बनाना आसान नहीं था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से उन्हें आर्थिक सहायता मिली है।
योजना का लाभ मिलने पर स्नेहलता गुप्ता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से उनके परिवार का पक्के मकान का सपना पूरा हो रहा है।
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही किये जाने के संबंध में आवेदिका सुश्री मृण्मयी पाण्डेय ने श्री महावीर हॉस्पिटल के द्वारा मुख्य रुप से साक्ष्य छिपाने, नष्ट करने की मंशा से मेडिकल रिपोर्ट (सी.टी. स्कैन एक्स-रे व रेफरल/डेथ समरी) नहीं देने तथा आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद 6-7 लाख की अवैध वसूली किये जाने तथा मरीज की सही ईलाज न मिलने के कारण मरीज की मृत्यु होने का शिकायत किया गया है। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत शिकायत की विस्तृत जांच हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अम्बिकापुर से टीम गठित कर जाचोपरांत प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया।
श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट है कि मरीज के मस्तिष्क की न्यूरो सर्जरी करने वाले चिकित्सक का नाम अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में अंकित नहीं है। न्यूरों सर्जरी एक टर्शरी केयर ईलाज है और अस्पताल के पंजीयन दस्तावेजों में भी उक्त सुविधा का उल्लेख नहीं है। श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा दिये गये उत्तर में प्रोप्राइटर का यह कहना है कि शिकायतकर्ता के द्वारा के गलत ईलाज हेतु हॉस्पिटल के प्रोप्राईटर डॉ सुधांशु किरण को आरोपी बनाया गया है. जबकि मरीज का ईलाज अन्य डॉक्टरों की टीम के द्वारा किया गया है। नर्सिंग होम एक्ट में अस्पताल के सचालन की पूर्ण जिम्मेदारी हॉस्पिटल प्रोप्राइटर की होती है। श्री महावीर हॉस्पिटल के द्वारा उक्त चिकित्सकीय सेवाएं लेने के पूर्व स्वास्थ्य विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई है। जांच प्रतिवेदन से यह भी स्पष्ट है कि मरीज के रेफरल की प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया।
श्री महावीर हॉस्पीटल के दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आयुष्मान कार्ड से मरीज के ईलाज हेतु सपूर्ण राशि बुक की गई है और इसके बाद अवैध रूप से 87300.00 (सत्तासी हजार तीन सी) रुपये मरीज के परिजनों से लिये गये। उक्त हॉस्पिटल द्वारा पूर्व में मरीज से अधिक राशि लिये जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी. जिसके लिए महावीर हॉस्पिटल को कड़ी चेतावनी जारी की गई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि श्री महावीर हॉस्पिटल में शासन के निर्देशों के उल्लंघन में कार्य करने की प्रवृत्ति रही है। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री महावीर हॉस्पिटल द्वारा न्यूरो सर्जरी जैसे गंभीर ईलाजों में आंशिक लापरवाही बरती गई है तथा आयुष्मान योजना के पालन में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
अतः नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन के कारण श्री महावीर हॉस्पिटल का लायसेंस/पंजीयन दिनांक 17 अक्टूबर 2026 से 16 नवम्बर 2026 तक एक माह के लिये निलंबित किया जाता है। आयुष्मान योजना के तहत् की गई अनियमितता को देखते हुए अस्पताल से अवैध रुप से वसूली गई राशि 87300.00 (सत्तासी हजार तीन सौ) रुपये वापस करने हेतु निर्देश के परिपालन में आगामी तीन माह के लिये खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना/आयुष्मान योजना के तहत् अस्पताल का पंजीयन निलंबित किये जाने हेतु शासन में प्रतिवेदन प्रेषित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देशित किया जाता है।
अम्बिकापुर 13 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत कक्षा 12वीं के अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के मेरिट विद्यार्थियों के पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों के पंजीयन एवं सत्यापन के लिए 08 अक्टूबर 2026 से पोर्टल पर लिंक उपलब्ध करा दिया गया है। पंजीयन एवं सत्यापन की संपूर्ण प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण की जानी है।
योजना के अंतर्गत मेरिट सूची एवं पंजीयन से संबंधित दिशा-निर्देश राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल schoolscholarship.cg.nic.in के होम पेज पर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा के रोल नंबर का उपयोग कर स्वयं पोर्टल पर पंजीयन कर सकते हैं। इसके साथ ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र एवं मूल निवासी प्रमाण पत्र के एआरएन (ARN) नंबर का उपयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
योजना की शर्तों के अनुसार विद्यार्थियों का महाविद्यालयीन संस्था में अध्ययनरत होना अनिवार्य है। इसके लिए विद्यार्थियों को पोर्टल पर उपलब्ध बोनाफाइड प्रमाण पत्र का प्रारूप डाउनलोड करना होगा तथा संबंधित महाविद्यालय से प्रमाणित कराना होगा। प्रमाणित बोनाफाइड प्रमाण पत्र के साथ महाविद्यालय की फीस रसीद भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को अपने बैंक खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी भी निर्धारित स्थान पर दर्ज करनी होगी। सभी विवरण एवं दस्तावेज पूर्ण करने के बाद आवेदन संबंधित पूर्व अध्ययनरत शाला को सत्यापन के लिए भेजना होगा।
आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया दो स्तरों पर पूरी की जाएगी। सर्वप्रथम कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने वाली संबंधित शाला द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। इसके पश्चात संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। दोनों स्तरों से सत्यापित आवेदनों को आगे की कार्रवाई के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) भेजा जा सकेगा।
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतरिम मेरिट सूची का प्रकाशन किया जाएगा तथा दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद निर्धारित लक्ष्य एवं उपलब्ध बजट की सीमा के अंतर्गत अंतिम चयन सूची तैयार कर पात्र विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय, ब्लॉक-सी, इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर द्वारा की जाएगी।
विद्यार्थियों एवं संबंधित शैक्षणिक संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि पंजीयन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा सत्यापन सहित सभी निर्धारित प्रक्रियाएं 31 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। साथ ही आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार Send to DEO/DPI करना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों पर समय-सीमा में आगे की कार्रवाई की जा सके।









