
कोरबा, 26 अक्टूबर 2026/पोंड़ी-उपरोड़ा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम कुम्हारीसानी जिला मुख्यालय से लगभग 100 से 110 किलोमीटर दूर है। यहां कई परिवार खेती-किसानी पर निर्भर हैं। गांव से हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है। रास्ते कहीं ऊबड़-खाबड़ हैं, कहीं चढ़ाई-उतार और जंगल के बीच से गुजरते हैं। ऐसे में रोज स्कूल आना-जाना छात्राओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है।
दूरी के कारण पहले कई बालिकाएं मिडिल स्कूल के बाद आगे पढ़ाई जारी नहीं रख पाती थीं। स्कूल में दाखिले के साथ आगे पढ़ने और कुछ बनने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए रास्ते की कठिनाइयां बड़ी बाधा बन जाती थीं। मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना ने स्कूल तक पहुंचना आसान बनाया है और छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने का संबल दिया है।
कुम्हारीसानी की साधना कक्षा 11वीं में पढ़ रही हैं। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं। कक्षा 9वीं में मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल मिलने से साधना के लिए पसान स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल तक पहुंचना आसान हुआ। कठिन रास्तों के बावजूद अब वे नियमित रूप से स्कूल जा पाती हैं और अपनी पढ़ाई जारी रख रही हैं। साधना आगे पढ़कर अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।
गांव की मनीषा भी कक्षा 11वीं में वाणिज्य विषय की पढ़ाई कर रही हैं। उनका परिवार भी खेती-किसानी से जुड़ा है। वे सुबह साइकिल से स्कूल के लिए निकलती हैं और छुट्टी के बाद उसी से घर लौटती हैं। घाट और टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर साइकिल उनके रोज के सफर को सुविधाजनक बनाती है।
छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं की पात्र बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल दी जाती है, ताकि स्कूल की दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। साधना और मनीषा जैसी छात्राओं के लिए यह साइकिल नियमित रूप से स्कूल पहुंचने और हायर सेकेंडरी स्तर तक शिक्षा जारी रखने में मददगार है। जरूरत पड़ने पर परिवार के अन्य सदस्य भी इसका उपयोग करते हैं।
साइकिल मिलने से कुम्हारीसानी की इन छात्राओं के लिए स्कूल का रास्ता सुगम हुआ है। वे अपनी पढ़ाई और भविष्य के सपनों की ओर लगातार आगे बढ़ रही हैं। छात्राओं और उनके परिवारों ने इस सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आंधी-वर्षा से निपटने पहले से आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करे अधिकारी – कलेक्टर’
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026/कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम हेल्पलाइन और सेवा सेतु पोर्टल से प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से 28 और 29 अक्टूबर को वर्षा एवं तेज आंधी की आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में आधार से वंचित परिवारों के पंजीयन शिविर लगाने के लिए योजना तैयार करने, सर्वे कराने और गांव-गांव मुनादी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पीवीटीजी परिवारों का कोई भी सदस्य आधार पंजीयन से वंचित न रहे और उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को खनन प्रभावित परिवारों के विद्यार्थियों को नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पर काम करने तथा कम से कम दस पीवीटीजी परिवारों के बच्चों को वहां प्रशिक्षण देने के संबंध में आवश्यक तैयारी करने को कहा गया।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना और एपीसी बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के लिए कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन, मत्स्य विभाग को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन तथा किसान सम्मान निधि से संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने और अधिक से अधिक किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी कहा गया। धान खरीदी की पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को अभी से जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
आंधी-वर्षा से निपटने की तैयारी, सीएम हेल्पलाइन और जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करे
चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने और आपसी समन्वय से काम करने को कहा। राजस्व अधिकारियों को कोटवारों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराने तथा निचले और जोखिमयुक्त क्षेत्रों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने या पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने पर आवागमन तत्काल रोकने और बैरिकेडिंग कराने को कहा गया, ताकि कोई व्यक्ति बहते पानी के बीच से रास्ता पार न करे। प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक भवनों में राहत शिविर तैयार रखने तथा वहां पेयजल, भोजन, रोशनी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सकीय दल की उपलब्धता तथा दूरस्थ क्षेत्रों की प्रसव संभावित गर्भवती महिलाओं को 27 अक्टूबर को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने की व्यवस्था करने को भी कहा गया। बिजली लाइनों का निरीक्षण और आपूर्ति बाधित होने पर शीघ्र बहाली के लिए टीमें तैयार रहेंगी।
सेवा सेतु पोर्टल के आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्रकरणों का निर्धारित समय में निराकरण करने को कहा। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के पसान सहित विभिन्न क्षेत्रों के लंबित आवेदनों पर विशेष ध्यान देकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा में उन्होंने कहा कि वास्तविक और जायज शिकायतों का निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, अत्यंत आवश्यक स्थिति के अलावा, उनका स्पेशल क्लोजर न किया जाए। किसी प्रकरण में संदेह या कठिनाई होने पर वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाए।
साफ-सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, बिजली के तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जनदर्शन में शासकीय भूमि और छोटे-बड़े झाड़ के जंगल की भूमि पर अतिक्रमण संबंधी शिकायतों का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा।
खराब चावल वितरण की शिकायत पर जाँच के दिए निर्देश
जिला मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा के संबंध में जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ने की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस दिशा में शीघ्र पहल करने के निर्देश दिए। पोड़ी-उपरोड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उचित मूल्य दुकानों से राशन कार्डधारियों को वितरित चावल की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर जिला स्तरीय समिति गठित कर गोदामों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। अपात्र व्यक्तियों द्वारा राशन कार्ड बनवाकर खाद्यान्न लेने के मामलों की जांच कर संदिग्ध कार्डधारियों को सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए गए। जांच की जिम्मेदारी नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दी गई।
सौर ऊर्जा, पुराने लंबित कार्यों और राज्योत्सव की तैयारियों की समीक्षा
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को यूएलए मॉडल के अंतर्गत 10 नवंबर तक एस्टीमेट तैयार करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। योजना के लिए लगभग दस हजार हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित करने तथा प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक गांव को शत-प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए। पीएम जनमन के गांवों और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण गांवों को भी इस पहल में शामिल करने को कहा गया।
जिला खनिज न्यास के अंतर्गत कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद भी शुरू नहीं हुए कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पुराने अप्रारंभ कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। वर्ष 2024 से पहले स्वीकृत अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित ऐसे कार्य, जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है, उन्हें निरस्त कर संबंधित राशि वापस करने की प्रक्रिया करने को कहा गया। निर्माण एजेंसियों और अन्य विभागों को कर्मचारियों तथा कार्यों से जुड़े भुगतान लंबित न रखने और दीपावली से पहले भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
दो नवंबर को घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर ओपन ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित होने वाले राज्योत्सव समारोह की तैयारियों की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी विभागों को योजनाओं पर आधारित स्टॉल लगाने को कहा। उन्होंने स्टॉल आवंटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच और दर्शक दीर्घा, प्रदर्शनी, कलाकारों के ठहरने, बिजली तथा पेयजल की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल एवं श्री ओंकार यादव, कटघोरा एसडीएम श्री विपिन दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026/युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेरा युवा भारत, कोरबा द्वारा 3 नवंबर 2026 को श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय, कोरबा में जिला स्तरीय विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य विषय “एक राष्ट्र, एक चुनाव” निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम में युवा प्रतिभागियों को देश की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। वे इस विषय के संभावित लाभ, चुनौतियों, संवैधानिक पहलुओं और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर इसके प्रभावों पर चर्चा करेंगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक युवा मेरा युवा भारत (माय भारत) के आधिकारिक पोर्टल पर जिला स्तरीय विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। युवाओं से निर्धारित विषय पर तैयारी कर अपने विचार, तर्क और दृष्टिकोण प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की अपील की गई है।
विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट युवाओं को संसदीय कार्यप्रणाली समझने, समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद करने और तार्किक ढंग से अपनी बात रखने का मंच प्रदान करेगी। इसके माध्यम से नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
क्रमांक 1528/कमलज्योति/
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026/
डीएमएफटी कोरबा की पहल डीआईएसएचए (विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा उपलब्धि के लिए डीएमएफटी कोरबा की पहल) के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं नीट एवं जेईई की तैयारी के लिए चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय कोचिंग दी जाएगी। कोचिंग 2 नवंबर 2026 से सी-पेट, स्याहीमुड़ी, विकासखंड कटघोरा, जिला कोरबा में शुरू होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी चयनित विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों के साथ 2 नवंबर को सुबह 10 बजे तक निर्धारित स्थान पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आग्रह किया है। विद्यार्थियों को अपने साथ पहनने के कपड़े, दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं तथा वर्तमान में अध्ययनरत कक्षा की पाठ्यपुस्तकें लेकर आना होगा।
कोरबा 27 अक्टूबर 2026/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के संबंध में अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान “सुरक्षित बचपन अभियान” के प्रथम चरण का आयोजन दिनांक 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। उक्त अभियान की थीम “जागरूकता, सुरक्षा और संरक्षण हर बच्चे का अधिकार” तथा मूल संदेश “हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी है” निर्धारित किया गया है। इसी तारतम्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा के बैनर तले अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भैसमा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सुश्री तृप्ति राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोरबा सुश्री ग्रेसी सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कोरबा एवं श्री अरुण अनंत, डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, कोरबा, महिला बाल विकास विभाग से परवीक्षा अधिकारी, संदीप कुमार बिंसेन, श्रीमती सरीता सिन्हा, परियोजना समन्वयक (चाईन्ड हेल्प लाईन) कोरबा तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री सी.एल. सारथी उपस्थिति रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों, बाल अधिकारों, बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की रोकथाम तथा बालकों की सुरक्षा एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। न्यायिक अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, सम्मानपूर्वक जीवन जीने तथा भयमुक्त होकर शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा शोषण की स्थिति में चुप न रहकर अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं उनके अधिकारों का संरक्षण समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को जागरूक बनाकर तथा उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करके ही उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित किया जा सकता है।
“हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी है।” यही संदेश “सुरक्षित बचपन अभियान” के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
नालसा द्वारा संचालित “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत पॉक्सो अधिनियम पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम
कोरबा 27 अक्टूबर 2026/राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ( NALSA ) एवं छ0ग0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के बेनर तले संचालित “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विद्यालयों में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के प्रावधानों, बाल अधिकारों एवं शोषण से बचाव के उपायों की जानकारी प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उरगा, जिला कोरबा छ0ग0, में अभियान के तहत् जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कु. तृप्ती राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा छ0ग0 द्वारा विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को मोबाईल के द्वारा ऑनलाईन अनजान लोगों से दोस्ती न करने व उनके अपने व्यक्तिगत जानकारी/फोटोग्राफ्स शेयर न करने एवं यदि कोई व्यक्ति निजी विडियों या फोटोग्राफ्स की मांग करें तो अपने घर में अपने बड़े परिवारजनों को जानकारी दे। कु. ग्रेसी सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा छ0ग0 के द्वारा लैंगिक अपराधों की जानकारी देते हुए बताये कि यदि किसी बच्चे के साथ अपराध घटित होता है तो अपराध को छुपाने की कोशिश करता है या छुपाने को कहता है तो वह भी उस अपराध का भागीदार होगा। तथा बच्चों को अपराध होने या कोई गलत बाते या गलत स्पर्श करता है तो तुरंत मना करे एवं अपने घर पर इसकी जानकारी दे तथा पुलिस को सुचित करें। तथा श्री अरूण कुमार अनंत, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल कोरबा द्वारा भी बच्चों को गुड एण्ड बेड टच की जानकारी दिया गया तथा विद्यालय के शिक्षक से भी अपील किया गया है कि वे सभी बच्चों को इस संबंध में अवश्य ही जानकारी दे। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के श्री संतोष कुमार तिवारी, मनोवैज्ञानिक व श्री ताराचंद श्रीवास पी.एस.डब्ल्यु., विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती पुष्पा श्रीवास व शिक्षकगण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी श्री राहुल रात्रे व श्री आकाश कुमार एवं विद्यालय के समस्त विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत कोरबा जिले के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा तीर्थ यात्रा का अवसर
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026/मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत कोरबा जिले के पात्र हितग्राहियों को देश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिलेगा। योजना के तहत अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर, वैष्णो माता मंदिर एवं वाघा बॉर्डर की यात्रा 10 से 15 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित है। बोधगया, सारनाथ और नालंदा की यात्रा 27 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। इन यात्राओं के लिए जिले को 25 यात्रियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। प्रत्येक यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ 2 अनुरक्षक भी रहेंगे।
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 75 प्रतिशत तथा नगरीय क्षेत्रों के लिए 25 प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले के 25 यात्रियों के लक्ष्य में 19 श्रद्धालु जनपद पंचायत क्षेत्रों से तथा 6 श्रद्धालु नगरीय निकाय क्षेत्रों से शामिल किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत जनपद पंचायत करतला से 3, कोरबा से 3, कटघोरा से 3 , जनपद पंचायत पाली और पोड़ी उपरोड़ा से 4-4 श्रद्धालु एवं नगर निगम कोरबा से 6 श्रद्धालु शामिल किए जाएंगे। इस हेतु संबंधित जनपद पंचायतों एवं नगर निगम के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक पात्र व्यक्ति निर्धारित आवेदन प्रपत्र में हिंदी भाषा में आवेदन भरकर दो नवीन पासपोर्ट साइज फोटो, शासकीय चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण-पत्र तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न करें।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र अथवा ड्राइविंग लाइसेंस में से पहचान संबंधी दस्तावेज की छायाप्रति प्रस्तुत की जा सकती है। संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संकलित करने तथा 3 नवंबर 2026 तक कार्यालय उप संचालक, समाज कल्याण, जिला कोरबा में अनिवार्य रूप से जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे श्रद्धा एवं आस्था के साथ तीर्थ दर्शन कर सकें।
कोरबा 27 अक्टूबर 2026/
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सर्वमंगला – इमलीछापर मार्ग से गेवरा रेलवे स्टेशन तक महत्वपूर्ण सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर सीएसआर मद से इस कार्य के लिए 1 करोड़ 89 लाख 99 हजार रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी। विद्युत यांत्रिकी विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट स्थापना का कार्य पूरा किया जा रहा है।
लगभग 5.55 किलोमीटर लंबे सर्वमंगला – इमलीछापर मार्ग तक स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इन मार्गों पर भारी वाहनों सहित बड़ी संख्या में अन्य वाहन लगातार आवागमन करते हैं। सड़क बनने के बाद रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती थी। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी।
स्ट्रीट लाइट शुरू होने से मार्ग पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था हुई है। इससे रात में आवागमन अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा तथा वाहन चालकों को रास्ता देखने में मदद मिलेगी। क्षेत्रवासियों और इस मार्ग से नियमित गुजरने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
क्रमांक 1533/कमलज्योति/फोटो क्रमांक 5, 6
कोरबा, 27 अक्टूबर 2026/
कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर को बिलासपुर के मंथन सभागार में खरीफ 2026 की प्रगति और रबी 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रम की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के संबंध में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने आज कृषि विभाग के मैदानी अमले की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में खरीफ फसल क्षेत्राच्छादन, फसल विविधीकरण, रबी पड़ती भूमि में अतिरिक्त खेती, ग्रीष्मकालीन धान का रकबा कम करने, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम, वैकल्पिक पोषण प्रबंधन, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन सहित अन्य फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित करने और समय-सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने और रबी की तैयारी पर जोर
समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में जिले में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर कम हुआ है। किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर समय-सीमा में पंजीयन कराने को कहा गया। पीएम-आशा की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए भी किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।
रबी 2026-27 में रबी पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने तथा किसानों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने को कहा। करतला विकासखंड में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी की खेती कराने और जिले में दलहन-तिलहन का क्षेत्र विस्तार 10 हजार हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य दिया गया।
कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों का चौम्प्स पोर्टल पर पंजीयन कर लक्ष्य के अनुसार कृषि यंत्र वितरित करने तथा सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत 700 हेक्टेयर के लक्ष्य के अनुरूप स्प्रिंकलर पंप सेट के लिए किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए योजना से जुड़े किसानों के रकबे का पीजीएस प्रमाणीकरण कराने को कहा गया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों ने पीजीएस प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान सम्मान निधि और उर्वरक वितरण की समीक्षा
कलेक्टर ने प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 250 मृदा नमूने एकत्र करने और जिले में कुल 25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना से सभी पात्र किसानों को जोड़ने पर भी जोर दिया।
बैठक में कृषि विभाग के मैदानी अमले को टोकन और क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नवीन मोबाइल ऐप “थ्तंउमूवता वित थ्मतजपसप्रमत ैंसम (थ्थ्ै)” का प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, पंजीयन कराने और विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मैदानी अमला गांवों में सक्रियता से कार्य करे।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन , उप संचालक कृषि, सहायक संचालक कृषि तथा बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।









