Ro no D15139/23

एनटीपीसी ने मनाया 52वां स्थापना दिवस स्थापना दिवस, पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय में दिखा उत्साह और उल्लास विल्सन अब्राहम ने किया ध्वजारोहण, सुरक्षा जवानों की आकर्षक परेड ने मोहा मन; सीएमडी गुरदीप सिंह का संदेश भी हुआ प्रसारित

 

अतीश दीपंकर |

पटना | 7 नवंबर 2026

देश की अग्रणी विद्युत उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने शनिवार को अपना 52वां स्थापना दिवस पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय में पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया।

इस अवसर पर मुख्यालय परिसर में आयोजित समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिजनों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ मानव विभाग के महाप्रबंधक
संसाधन विल्सन अब्राहम के एनटीपीसी का ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने सामूहिक रूप से एनटीपीसी गीत का गायन किया।

समारोह में सुरक्षा जवानों ने आकर्षक परेड प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। महाप्रबंधक श्री अब्राहम ने परेड की सलामी ली। उन्होने अपने संबोधन में एनटीपीसी के 52 वर्षों के गौरवशाली सफर, विकास और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने पूर्वी क्षेत्र-1 के अंतर्गत आने वाली विभिन्न परियोजनाओं एवं विद्युत स्टेशनों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि, कंपनी की निरंतर प्रगति में अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केक काटकर स्थापना दिवस का जश्न मनाया गया।

सीएमडी गुरदीप सिंह का संबोधन हुआ प्रसारित

स्थापना दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नोएडा स्थित एनटीपीसी इंजीनियरिंग ऑफिस परिसर से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह के संबोधन का सीधा वेबकास्ट प्रसारण रहा।

मुख्यालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके संबोधन को देखा और सुना।

अपने संदेश में सीएमडी श्री सिंह ने एनटीपीसी की विकास यात्रा, अब तक हासिल की गई उपलब्धियों और निगम की नई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कंपनी की सफलता में कर्मचारियों के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए तकनीकी बदलावों, नवाचार और सामूहिक प्रयासों को भविष्य की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया।

इनकी रही मौजूदगी

समारोह में अपर टीएस के महाप्रबंधक
अरूपम विश्वास, अपर महाप्रबंधक (पीईएम) संजीव कुमार भारती,
नैगम संचार के
उप महाप्रबंधक विश्वनाथ चन्दन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन मौजूद थें।

एनटीपीसी के 52वें स्थापना दिवस पर आयोजित इस समारोह ने कंपनी की गौरवशाली विरासत, सामूहिक उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को एक बार फिर रेखांकित किया।

  • Related Posts

    शारदा सिन्हा के सुरों में आज भी धड़कती है बिहार की सांस्कृतिक आत्मा : नीतीश कुमार

        अतीश दीपंकर | पटना | बिहार कोकिला स्वर्गीय शारदा सिन्हा की पुण्यतिथि पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि…

    Read more

    दीपावली-छठ पर रांची से झंझारपुर और प्रयागराज के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, हटिया-झारसुगुड़ा समेत 3 ट्रेनें रद्द

    Ranchi Special Train: दीपावली और छठ महापर्व पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रांची से झंझारपुर और प्रयागराज रामबाग के लिए पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय…

    Read more

    NATIONAL

    अभिषेक बनर्जी के घर पर रात 2 बजे हंगामा, आपस में भिड़े BJP-TMC समर्थक; सांसद ने लगाया फायरिंग का आरोप

    अभिषेक बनर्जी के घर पर रात 2 बजे हंगामा, आपस में भिड़े BJP-TMC समर्थक; सांसद ने लगाया फायरिंग का आरोप

    क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और चरित्र हनन बनी वजह? पिता ने लगाए आरोप

    क्या सोशल मीडिया ट्रोलिंग और चरित्र हनन बनी वजह? पिता ने लगाए आरोप

    पटाखे की नगरी वाला शहर, दिवाली में ₹4 हजार करोड़ बिक्री; पर एक्सपोर्ट में चीन का क्यों है एकतरफा राज

    पटाखे की नगरी वाला शहर, दिवाली में ₹4 हजार करोड़ बिक्री; पर एक्सपोर्ट में चीन का क्यों है एकतरफा राज

    चीनी जहाज, पाकी पायलट खुदा खैर करे… हा.. हा.. हा.. हा.., वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    चीनी जहाज, पाकी पायलट खुदा खैर करे… हा.. हा.. हा.. हा.., वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

    खतरे में नौकरी: गुरुजी संभल जाइए! क्लासरूम में AI की एंट्री, क्या खतरे में हैं कोचिंग टीचर्स का करियर?

    खतरे में नौकरी: गुरुजी संभल जाइए! क्लासरूम में AI की एंट्री, क्या खतरे में हैं कोचिंग टीचर्स का करियर?

    ट्रंप की परिसीमन रणनीति फेल, बीजेपी के लिए क्या है सबक? चुनावी नक्शे बदलने के बाद भी नहीं मिली जीत

    ट्रंप की परिसीमन रणनीति फेल, बीजेपी के लिए क्या है सबक? चुनावी नक्शे बदलने के बाद भी नहीं मिली जीत