
धमतरी, 3 अक्टूबर 2026/विद्यालयों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित,स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण विकसित करने की दिशा में धमतरी जिले नेउल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण के मामले में धमतरी जिला छत्तीसगढ़ में अग्रणी है। जिले में अब तक आठ विद्यालयों में बालिका शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इनमें धुमा, उमरदा, चुही, सिहावा, परसट्टी, डोमा, अंगारा और कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत कोटगांव के विद्यालय शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस योजनांतर्गत जिले में 335 बालिका शौचालय का लक्ष्य है ।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक, स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता उनकी गरिमा, स्वास्थ्य और नियमित उपस्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। हमारा प्रयास है कि जिले के सभी विद्यालयों में बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से निर्मित ये शौचालय बालिकाओं को सुविधाजनक और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक पहल हैं। इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे भी जारी रखा जाएगा।”
इस पहल की शुरुआत कुरूद विकासखंड की ग्राम पंचायत धुमा स्थित प्राथमिक शाला परिसर से हुई, जहां जिले का पहला बालिका शौचालय निर्मित किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इसका लोकार्पण किया गया। इसी क्रम में कोटगांव के विद्यालय में आठवें बालिका शौचालय का निर्माण भी पूर्ण हो गया है।
सुविधा के साथ बालिकाओं की गरिमा और निजता का सम्मान
विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पृथक एवं स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता उनकी नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सहज शैक्षणिक वातावरण से सीधे जुड़ी है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इन शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि बालिकाओं को विद्यालय परिसर में अपनी दैनिक आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा मिल सके।
नवनिर्मित बालिका शौचालयों को आकर्षक गुलाबी रंग से सजाया गया है। भवन पर बड़े अक्षरों में ‘मेरी बेटी—मेरा स्वाभिमान’ का संदेश अंकित किया गया है। यह संदेश बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के प्रति संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करता है। भवन पर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ भी अंकित है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में योजना की भूमिका को दर्शाता है।
4.30 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं का विकास
वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोटगांव विद्यालय के बालिका शौचालय निर्माण के लिए 4 लाख 30 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। लगभग 4.50 मीटर × 3.60 मीटर क्षेत्र में निर्मित इस शौचालय में बालिकाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पृथक शौचालय कक्ष, पानी की व्यवस्था, हाथ धोने की सुविधा, धुलाई क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था, हवा एवं रोशनी के लिए उचित प्रबंध, सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान की सुविधा तथा रैम्प का निर्माण किया गया है।
इन सुविधाओं से बालिकाओं को स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं के लिए एक ही परिसर में जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, स्वच्छता की अच्छी आदतों को प्रोत्साहन मिलेगा और विद्यालय में उनके लिए अधिक सहज एवं अनुकूल वातावरण विकसित होगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा ने कहा कि “वीबी-जी रामजी योजनांतर्गत जिले की ग्राम पंचायतों में विद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुरूप बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। अब तक जिले के आठ विद्यालयों में निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इन शौचालयों में पानी, हाथ धोने, प्रकाश, वेंटिलेशन, सेनेटरी नैपकिन निपटान और रैम्प जैसी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। हमारा प्रयास है कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण हों तथा बालिकाओं को इन सुविधाओं का नियमित लाभ मिले।”
बेटियों के बेहतर भविष्य की दिशा में सार्थक पहल
कोटगांव विद्यालय में निर्मित बालिका शौचालय इस बात का उदाहरण है कि जब विकास कार्यों को बच्चों की वास्तविक जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाता है, तो उनका सकारात्मक प्रभाव सीधे उनके दैनिक जीवन पर दिखाई देता है। यह पहल केवल एक आधारभूत सुविधा का निर्माण नहीं, बल्कि बेटियों की निजता, स्वास्थ्य, स्वाभिमान और गरिमा को महत्व देने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। जिले में इस तरह की सुविधाओं का विस्तार बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।









