रक्षाबंधन के बदलते मायने: परंपरा से आधुनिकता तक
रक्षाबंधन का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं, दिल पर बंधता है। यह एक वादा है—साथ निभाने का, सुरक्षा का, और बिना कहे समझ लेने का। बहन की राखी में…
Read moreभूपेश, कवासी, लालू का बेटा, ईडी ने सबको लपेटा, सुप्रीम कोर्ट से भूपेश की याचिका वापस, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी…..
भूपेशपुत्र, कवासीपुत्र, की तरह लालूपुत्र भी लाईन में भूपेश बघेल ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका के चलते सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। माननीय शीर्ष अदालत ने याचिका को ये कहते…
Read moreपहले भूकम्प, अब एटमबम फोड़ेंगे राहुल गांधी वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी…. खरी….
बदलते मौसम के कारण बुखार से पीड़ित झण्डू वाॅक के लिये आते नहीं थे तो बण्डू भी बाहर नहीं निकलते थे। सप्ताह भर के विछोह के बाद दोनों दोस्त मिले…
Read moreसाजिश नहीं, सच्चाई है बीएसएनएल के बाद अब सरकारी स्कूलों की बारी 0 डॉ. प्रियंका सौरभ
जब भी कोई सरकार राष्ट्रहित की बातें करती है, तो नागरिकों को यह समझना चाहिए कि इन कथित राष्ट्रहितों से वास्तव में लाभ किसका हो रहा है। आज का…
Read moreआनलाईन चाकू, पुलिस द्वारा निर्दाेषों को सजा, कुत्ते की दुम पाक वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी….
रायपुर पुलिस ने कुछ लड़कांे को पकड़ा जिन्होंने तीन-चार जगह चाकूबाजी कर दी। पीड़ित में एक आध की जान को भी खतरा हो गया है। पुलिस ने इन्हें…
Read moreजब गुनहगार छूटते हैं और पीड़ित रह जाते हैं
2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों में लगभग 189 लोगों की जान गई। लगभग 19 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद जब उच्चतम न्यायालय ने सबूतों के अभाव में…
Read moreहे रिश्वत खोरों, कर्मफल से डरोगे-बेमौत नहीं मरोगे, दुख नहीं मिलेगा औलाद से, खुशी से जीवन यापन करोगे, कर्मांे का फल, आज नही ंतो कल, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
एक बेहद सात्विक, ईमानदार और सच्चे इंसान की जीवनी मुझे देखने को मिली। वह एक टीचर थे और मेरे पिताजी को कभी पढ़ाया करते थे। कई साल बाद उन्हें रिटायर…
Read moreराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष पंच परिवर्तन से बदल जाएगा समाज का चेहरा-मोहरा प्रो. संजय द्विवेदी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर इतिहास के चक्र में किसी सांस्कृतिक संगठन के सौ साल की यात्रा साधारण नहीं होती। यह यात्रा बीज से बिरवा और अंततः उसके…
Read moreदो शेर-दोनों ढेर, ताला है चाबी नहीं, अमित शाह के दरवाजे बंद, उद्धव-राज को राजपाट मुश्किल वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…
इमली का बूटा बेरी का बेर, इमली खट्टी मीठे बेर, इस जंगल में हम दो शेर, चल घर जल्दी हो गयी देर….. ये पंक्तियां सौदागर फिलिम के दो हीरो जाॅनी…
Read moreगिरते पुल, ढहती ज़िम्मेदारियाँ: बुनियादी ढांचे की सड़न और सुधार की ज़रूरत”
वडोदरा में पुल गिरना कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि भारत के जर्जर होते बुनियादी ढांचे की डरावनी सच्चाई है। पुरानी संरचनाएं, घटिया सामग्री, भ्रष्टाचार और निरीक्षण की अनुपस्थिति —…
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