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ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी फिल्ड में दौरा कर कृषकों की समस्याओं का प्राथमिकता से करें निराकरण : कलेक्टर

कलेक्टर ने विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं के मद्देनजर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों की ली संयुक्त बैठक
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री के्रडिट कार्ड एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के कार्य को मिशन मोड में करने के दिए निर्देश
शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत कृषकों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने की दिशा में परिणाममूलक करें कार्य
मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागीय गतिविधियों एवं योजनाओं के मद्देनजर कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, प्रधानमंत्री क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन के कार्य में गति लाएं। 31 जुलाई तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री के्रडिट कार्ड एवं एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के कार्य को मिशन मोड में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वपूर्ण योजना अंतर्गत कृषकों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने की दिशा में परिणाममूलक कार्य करें। सभी अधिकारी विजन के साथ लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्य करें, ताकि एक सकारात्मक परिवर्तन ला सकें। उन्होंने कहा कि जिले में किसानों के लिए खाद-बीज की कमी नहीं होना चाहिए। इसके लिए सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए तथा ऐसे क्षेत्रों का चिन्हांकन करते हुए, जहां खाद-बीज की कमी हो सकती है, वहां तत्काल आपूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड एवं अन्य योजनाओं में आ रही तकनीकी दिक्कत को दूर करने के लिए केन्द्रीय सहकारी बैंक में कृषकों को निर्धारित तिथि में बुलाकर निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों से डीएमएफ के अंतर्गत खनिज प्रभावित क्षेत्रों के तहत लोकहित में प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी फिल्ड में निरंतर दौरा करें और कृषकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह जरूरी है कि व्यापक तौर पर किसानों को जानकारी प्रदान करें। कृषकों को धान के बदले दलहन, तिलहन एवं लघु धान्य फसल प्रोत्साहित करने के लिए कहा। ग्रीष्मकाल में धान के बदले दलहन, तिलहन, उद्यानिकी फसलों को बढ़वा देने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यानिकी विभाग अंतर्गत धान के बदले साग-सब्जी, फल-फूल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा तथा विजन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को चिन्हांकित करते हुए पाली हाऊस एवं अन्य योजनाओं के तहत खेती को बढ़ावा देने के लिए कहा। बैठक में बताया गया कि ऑइल पाम योजना के तहत खेती करने तथा कटहल के पौधे व्यापक तौर पर लगाए जाएंगे।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मत्स्य पालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के कार्य को प्राथमिकता देते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मछुआरों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सालय में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि क्लीनिक में पशुओं का समुचित उपचार हो सके। उन्होंने कहा कि सभी पशु चिकित्सक समय पर चिकित्सालय में उपस्थित रहे तथा शासन की योजनाओं के तहत कार्यों में प्रगति दिखना चाहिए। डीएमएफ के तहत प्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कैटल फार्म, पोलेट्री फार्म एवं डेयरी फार्म के संबंध में जानकारी ली। बैठक में मछली बीज उत्पादन एवं बंद पड़ी खदानों में केज कल्चर के संबंध में जानकारी ली। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा तालाबों में मत्स्य पालन एवं महिला स्वसहायता समूह को मछली पालन से जोडऩे, मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि सहित अन्य विषयों पर चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि जिले में धान का रकबा कम करने के लिए कम पानी की आवश्यकता वाले दलहन, तिलहन एवं उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीज निगम द्वारा गुणवत्तायुक्त बीज किसानों को मिलना चाहिए, इस पर ध्यान दें। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री टीकम ठाकुर, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ. अनूप चटर्जी, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री राजेश शर्मा, सहायक संचालक मछली पालन श्री सुदेश कुमार साहू, जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र श्रीमती गुंजन झा, डीएमओ श्रीमती हीना खान, राजाराम कंपनी, एबीस ग्रुप, बीज निगम के प्रभारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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