Ro no D15139/23

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर मरगा नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य में तेजी

 
4.52 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा पुल, जशपुर से सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों तक आवागमन होगा सुगम
सकरी पुलिया के कारण आवागमन में होती थी परेशानी, पुल निर्माण पूरा होने से क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी राहत

जशपुरनगर, 21 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में सन्ना मार्ग स्थित मरगा नाला पर 4 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।मरगा नाला पर पहले सकरी पुलिया होने के कारण आवागमन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। संकरे मार्ग के कारण कई बार यातायात बाधित होने की स्थिति बन जाती थी। ऐसे में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण पूरा होने से लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। क्षेत्रवासियों ने पुल निर्माण कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
कई जिलों को जोड़ने वाले मार्ग को मिलेगी मजबूती
सन्ना मार्ग जशपुर जिला मुख्यालय को सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों की ओर जाने वाले मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में मरगा नाला पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ अन्य जिलों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की मिली है स्वीकृति
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में आवागमन की सुविधा को बेहतर बनाने और सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के लिए लगभग 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन पुलों के निर्माण से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम होगा तथा ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा, जहां नदी-नालों के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने से कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होता है। ऐसे क्षेत्रों में पुलों का निर्माण होने से वर्षभर सुरक्षित और सुचारु आवागमन की सुविधा विकसित करने में मदद मिलेगी।

  • Related Posts

    भ्रामक विज्ञापनों से बचें कोचिंग संस्थान, सीसीपीए के दिशा-निर्देशों का करें पालन सफल अभ्यर्थियों के विज्ञापन में पाठ्यक्रम की अवधि, रैंक और सशुल्क या निःशुल्क होने की जानकारी देना अनिवार्य

     कोरबा, 21 अक्टूबर 2026/केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार व्यवहार पर रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टरों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश…

    Read more

    पाली और पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड में सरसों बीज वितरण; फसल प्रदर्शन के लिए भी मिलेगा बीज और अन्य कृषि आदान

    कोरबा, 21 अक्टूबर 2026/रबी वर्ष 2026-27 में जिले में तिलहन का रकबा दोगुना करने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कृषि विभाग, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और किसानों को…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?