Ro no D15139/23

किसानों को धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य

छत्तीसगढ़ में पोर्टल से जुड़ रहे हैं लाखों किसान
खेती में डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम

अम्बिकापुर 06 अक्टूबर 2025/  छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के जीवन में तकनीक के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब राज्य में एग्रीस्टैक पोर्टल को तेजी से लागू किया जा रहा है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक संरचना है, जो खेती से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।

क्या है एग्रीस्टैक पोर्टल?
एग्रीस्टैक एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम है, जिसमें किसान की पहचान, जमीन का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और कृषि संबंधी गतिविधियों का पूरा विवरण एकीकृत रूप से दर्ज किया जाता है। इस डेटा का उपयोग किसान की सहमति से ही साझा किया जाता है, जिससे उसकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

धान विक्रय के लिए अनिवार्य पंजीयन

इस वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पारदर्शिता लाने और किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते तक पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

किसानों को मिल रहे सीधे लाभ
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों को अब योजनाओं, सब्सिडियों और सहायता राशि की जानकारी सीधे मिल रही है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि लाभ वितरण की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शिता आएगी।

पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और निशुल्क
किसानों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान है। किसान अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपनी सहकारी सोसायटी में जाकर निशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और किसान को तुरंत डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है।

24 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं
राज्यभर में अब तक 24 लाख से अधिक किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़कर डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ उठाना शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी रबी सत्र तक राज्य के सभी पात्र किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर लाभ उठाना सुनिश्चित करें।

“डिजिटल खेती, समृद्ध किसान”
एग्रीस्टैक पोर्टल भविष्य में कृषि योजनाओं की रीढ़ साबित होगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि खेती को वैज्ञानिक, योजनाबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

  • Related Posts

    संघर्ष से आत्मनिर्भर बनीं बैंक सखी साहिदा बेगम, डेढ़ हजार से बढ़कर 10 हजार रुपये हुई मासिक आय शारीरिक चुनौती और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद नहीं मानी हार, ऋण लेकर शुरू किया स्वयं का सीएससी सेंटर अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग एवं ऑनलाइन सेवाएं, महतारी वंदन योजना के 1600 हितग्राहियों का किया ई-केवाईसी

      अम्बिकापुर 19 अक्टूबर 2026/   सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम बतवाही की बैंक सखी साहिदा बेगम ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश…

    Read more

    चार दिनों तक सजेगा खेलों का महाकुंभ सरगुजा में 23 अक्टूबर से शुरू होगी 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता पांचों संभागों के लगभग 595 खिलाड़ी दिखाएंगे दमखम

      अम्बिकापुर 19 अक्टूबर 2026/   छत्तीसगढ़ की 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे अंबिकापुर स्थित शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक…

    Read more

    NATIONAL

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    ‘भारत है रिफाइनिंग सुपरपावर’! आखिर रुबियो ने ऐसा क्यों कहा?

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप ने कहा- हम बेहद करीब, पिछले समझौतों से बिल्कुल अलग होगी यह डील

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    बसपा में आकाश आनंद के प्रचार कार्यक्रम पर मायावती की मुहर, अब ईशान संभालेंगे चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    संघ के 101वें वर्ष में प्रवेश पर कहलगांव में विजयादशमी उत्सव, स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    भारत की इस नदी को क्यों कहा जाता है पुरुष नदी, जानिए क्या है इसकी कहानी

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?

    ‘रिजीम चेंज’ की बहस: लोकतांत्रिक असहमति या सत्ता-विरोधी साजिश?