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पोट्ठ लईका पहल अभियान से जिले में 65.81 प्रतिशत बच्चे हुए कुपोषण मुक्त

पोट्ठ लईका पहल अभियान नवाचार की सफलता को देखते हुए पालक चौपाल पूरे जिले में किया जा रहा संचालित
– पालक चौपाल में पोषण परामर्श का मिला फायदा
राजनांदगांव 24 अक्टूबर 2025। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूनिसेफ और एबीस की पहल के साथ साझेदारी में पो_ लईका पहल अभियान का संचालन किया जा रहा है। पोट्ठ लईका पहल अभियान जून 2024 से संचालित है। जिसके तहत सर्वाधिक कुपोषित बच्चों वाले 241 आंगनबाडी केन्द्रों का चयन किया गया। जिसमें 323 अति गंभीर कुपोषित, 1080 मध्यम तीव्र कुपोषण, 284 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 1 हजार 726 मध्यम कम वजन वाले कुल 3 हजार 413 कुपोषित बच्चों को लक्षित किया गया। पोट्ठ लईका पहल अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों को यूनिसेफ द्वारा पोषण संबंधी परामर्श में गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में पोषण परामर्श देना शुरू किया। कार्यक्रम के अंतर्गत लक्षित आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक शुक्रवार को पालक चौपाल का आयोजन किया जाता है। इस चौपाल में लक्षित बच्चों के माता-पिता, सरपंच, सचिव, नवविवाहित महिलाएं, गर्भवती महिलाएं, स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं शामिल होती हैं। पालक चौपाल में सभी समुदाय को सुपोषण के मुद्दे से जोड़ते हुए उनको पोषण परामर्श दिया जाता है और कुपोषित बच्चों के वजन को हर सप्ताह मॉनिटर किया जाता है। इस अभियान में मार्च 2025 की स्थिति में 2 हजार 246 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकाला गया है। इस प्रकार से कुल 65.81 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए। इसकी सफलता को देखते हुए इस अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पोट्ठ लईका पहल अभियान की सफलता को देखते हुए इस अभियान का संचालन माह जून 2025 से पूरे जिले में किया जा रहा है। माह जून 2025 की स्थिति में इनमें शामिल 443 अति गंभीर कुपोषित, 2396 मध्यम तीव्र कुपोषण, 731 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 6 हजार 181 मध्यम कम वजन वाले कुल 6 हजार 912 बच्चे जिन्हें पोषण परामर्श और निगरानी के माध्यम से कुपोषण से बाहर लाने हेतु निरंतर प्रयास किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप माह सितम्बर 2025 में इनकी संख्या घटकर 234 अति गंभीर कुपोषित, 1499 मध्यम तीव्र कुपोषण, 526 गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चे और 5197 मध्यम कम वजन वाले कुल 5723 हो गई है। जिन्हें पोषण परामर्श और निगरानी के माध्यम से कुपोषण से बाहर लाने हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के सभी ब्लॉक के अति गंभीर कुपोषित बच्चों को ऑगमेंटेड टेक होम राशन (एटीएचआर) भी प्रदान किया जा रहा है और निरंतर प्रत्येक गुरूवार को पालक चौपाल का आयोजन किया जा रहा है ताकि जिले को कुपोषण से मुक्त किया जा सके।

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