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पीएम के संसदीय क्षेत्र में चार लाख लोग होंगे प्रभावित, कई योजनाएं अधर में लटकी

UP News: वाराणसी में सीवर और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास योजनाएं प्रशासनिक लापरवाही के कारण अधर में लटक गई हैं. तय समय सीमा के बावजूद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को नहीं भेजी गई, जिससे करीब 4 लाख लोगों को जर्जर पाइपलाइन, कम पानी के दबाव और दूषित पेयजल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. मामले पर मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए.

डीपीआर में देरी से विकास कार्यों पर लगा ब्रेक

नगर निगम की समीक्षा बैठक में सामने आया कि सीवर और पेयजल परियोजनाओं की डीपीआर तय समय के भीतर शासन को भेजी जानी थी, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. डीपीआर लंबित रहने के कारण नई पाइपलाइन बिछाने और अन्य विकास कार्यों की मंजूरी में देरी हो रही है. इसके चलते लोगों को फिलहाल पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों से ही पानी की आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ेगा.

4 लाख लोगों को झेलनी पड़ सकती हैं ये समस्याएं

योजनाओं में देरी का असर शहर की करीब 4 लाख आबादी पर पड़ सकता है. कई इलाकों में पानी का कम दबाव, पाइपलाइन लीकेज और दूषित पेयजल की समस्या बनी रह सकती है. इसके अलावा सीवर व्यवस्था में सुधार नहीं होने से जलभराव और ओवरफ्लो जैसी दिक्कतें भी रह सकती हैं. अधिकारियों का मानना है कि यदि योजनाएं समय पर शुरू नहीं हुईं तो इसका असर शहर की स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी पड़ सकता है.

मेयर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने नगर निगम की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। डीपीआर में देरी पर मेयर ने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि 23 सितंबर तक हर हाल में रिपोर्ट शासन को भेजी जाए। उन्होंने मणिकर्णिका घाट और नमो घाट स्थित सीवेज पंपिंग स्टेशन को पूरी क्षमता से संचालित करने के भी निर्देश दिए, ताकि घाटों पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या न हो।

कई नई परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

बैठक में रामनगर, सूजाबाद-डोमरी और रोहनिया क्षेत्र की पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. जल निगम ने बताया कि रामनगर में नई पेयजल और सीवर लाइन बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है. वहीं, सूजाबाद-डोमरी क्षेत्र में भी नई पेयजल लाइन बिछाने की तैयारी है. रोहनिया क्षेत्र में ओवरहेड टैंक का कनेक्शन लंबित मिलने पर मेयर ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को तय समय में डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए.

स्वच्छता अभियान को भी मिलेगी रफ्तार

बैठक में स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। मेयर ने बताया कि 1 सितंबर से नगर निगम की टीमें वार्डों का दौरा कर लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करेंगी। इसके साथ ही तीन शिफ्ट में तैनात सफाई कर्मचारियों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो और स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी की रैंकिंग बेहतर हो सके।

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