Ro no D15139/23

Hartalika Teej: हरतालिका तीज पर क्यों रखा जाता है निर्जला व्रत? माता पार्वती से जुड़ा रहस्य

Hartalika Teej: हरतालिका तीज हिंदू धर्म के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, क्योंकि यह व्रत निर्जला रखा जाता है. इस दिन व्रती 24 घंटे तक अन्न-जल का सेवन नहीं करती हैं. यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है. हर साल यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ यह व्रत करती हैं. वहीं, कुंवारी कन्याएं मनचाहे और योग्य पति की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं.

क्यों रखा जाता है निर्जला व्रत?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए किया था. व्रत के दौरान वन में माता पार्वती ने अन्न और जल का पूर्ण त्याग कर रेत का शिवलिंग बनाकर कठोर तपस्या की. उन्होंने बिना जल की एक बूंद ग्रहण किए भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन रात्रि जागरण करते हुए भगवान शिव की आराधना की. उनकी इस निश्छल और कठिन भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया. इसी त्याग और निष्ठा की याद में महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. धार्मिक मान्यता है कि निर्जला उपवास रखने से शरीर और मन शुद्ध होता है और माता पार्वती की तरह अटूट सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

हरतालिका तीज पर क्या करना होता है शुभ?

बालू या मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाएं

इस दिन सुबह स्नान के बाद बालू या मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं बनाना अत्यंत शुभ माना जाता है.

सोलह श्रृंगार करें

इस दिन सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है. सुहागिन महिलाओं को सुबह जल्दी स्नान कर सोलह श्रृंगार करके पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

सुहाग सामग्री अर्पित करें

पूजा के दौरान माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां और चुनरी समेत अन्य वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है.

कथा पाठ एवं रात्रि जागरण

पूजा के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा सुनना फलदायक माना जाता है. इसके साथ ही पूरी रात भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करना भी विशेष फलदायी माना गया है.

  • Related Posts

    Rama Ekadashi 2026 Live Updates Hindi: आज रमा एकादशी का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत कथा, नियम और पारण का समय

    Rama Ekadashi Vrat Pooja Rule: रमा एकादशी पर तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक रमा एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास देसी घी का दीपक जलाएं. इस दौरान…

    Read more

    चारधाम हेलीकॉप्टर हादसों पर सवालों के घेरे में यूकाडा की कार्यप्रणाली, अब केवल जांच नहीं, जवाबदेही भी तय हो – डॉ. प्रियंका सौरभ

        17 साल, 15 हेलीकॉप्टर हादसे और 46 मौतें। ये आंकड़े केवल दुर्घटनाओं का सरकारी रिकॉर्ड नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा का दस्तावेज हैं जिन्होंने धार्मिक आस्था…

    Read more

    NATIONAL

    पटना में एनकाउंटर में 3 अपराधी ढेर, SHO को लगी गोली, पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड से जुड़े थे आरोपी

    पटना में एनकाउंटर में 3 अपराधी ढेर, SHO को लगी गोली, पैक्स अध्यक्ष हत्याकांड से जुड़े थे आरोपी

    ‘मुझे शर्म आती है कि ऐसी सरकार का हिस्सा हूं’, अपनी ही सरकार को चुनौती देने पर चिराग ने बताई ये वजह’मुझे शर्म आती है कि ऐसी सरकार का हिस्सा हूं’, अपनी ही सरकार को चुनौती देने पर चिराग ने बताई ये वजह

    ‘मुझे शर्म आती है कि ऐसी सरकार का हिस्सा हूं’, अपनी ही सरकार को चुनौती देने पर चिराग ने बताई ये वजह’मुझे शर्म आती है कि ऐसी सरकार का हिस्सा हूं’, अपनी ही सरकार को चुनौती देने पर चिराग ने बताई ये वजह

    अयोध्या, काशी और मथुरा को दहलाने की धमकी: 27 नवंबर तक अलर्ट, स्कूलों-मंदिरों की बढ़ाई गई सुरक्षा

    अयोध्या, काशी और मथुरा को दहलाने की धमकी: 27 नवंबर तक अलर्ट, स्कूलों-मंदिरों की बढ़ाई गई सुरक्षा

    अमेरिका में कमजोर हुए ट्रंप, डेमोक्रेट्स की जीत का भारत-US रिश्तों पर क्या होगा असर? एक्सपर्ट से समझिए

    अमेरिका में कमजोर हुए ट्रंप, डेमोक्रेट्स की जीत का भारत-US रिश्तों पर क्या होगा असर? एक्सपर्ट से समझिए

    ट्रम्प की आपत्ति के बाद इजराइल को मिलने वाली अमेरिकी सहायता क्यों खतरे में है? 4 अरब डॉलर के सालाना पैकेज के पीछे की पूरी कहानी समझें!

    ट्रम्प की आपत्ति के बाद इजराइल को मिलने वाली अमेरिकी सहायता क्यों खतरे में है? 4 अरब डॉलर के सालाना पैकेज के पीछे की पूरी कहानी समझें!

    1,600 घुसपैठियों के लिए 1.56 करोड़ भारतीय वोटर लिस्ट से बाहर, SIR पर शाह के दावों की क्या है हकीकत?

    1,600 घुसपैठियों के लिए 1.56 करोड़ भारतीय वोटर लिस्ट से बाहर, SIR पर शाह के दावों की क्या है हकीकत?